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UP: कासगंज में भाजपा नेता प्रो. नीरज किशोर मिश्रा गिरफ्तार, समर्थकों ने दिया थाने में धरना; शाम को मिली जमानत
संवाद न्यूज एजेंसी, कासगंज
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Wed, 25 Feb 2026 01:24 PM IST
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सार
कासगंज के पटियाली क्षेत्र में भाजपा नेता और पूर्व शिक्षा सेवा आयोग सदस्य प्रो. नीरज किशोर मिश्रा को पुलिस ने गिरफ्तार कर लिया। बाद में उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया।
प्रो. नीरज किशोर मिश्रा।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
कासगंज के पटियाली विधानसभा क्षेत्र के वरिष्ठ भाजपा नेता एवं पूर्व सदस्य शिक्षा सेवा आयोग प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा को पटियाली कोतवाली पुलिस ने न्यायालय के गैर जमानती वारंट पर बुधवार को गिरफ्तार कर कोर्ट में पेश किया। कोर्ट से शाम को उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया। उनकी गिरफ्तारी की सूचना पर भाजपा जिलाध्यक्ष, अमांपुर विधायक समेत भाजपा कार्यकर्ताओं ने थाने में धरना दिया। पुलिस के खिलाफ नारेबाजी करते हुए थाना प्रभारी और अपराध निरीक्षक को सस्पेंड करने की मांग की। इस दौरान एएसपी और सीओ पटियाली कई थानों के फोर्स के साथ थाने में मौजूद रहे।
प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा ने समाजवादी पार्टी में रहते हुए हाथरस दुष्कर्म कांड में एक अक्तूबर 2020 को वाल्मीकि समाज के साथ एक बैठक की थी। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा सभासद वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने 11 दिसंबर 2020 को पटियाली थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
न्यायालय में हाजिर न होने पर उनके खिलाफ पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी किए गए। एक वर्ष से अधिक का समय होने के बाद भी वह न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे थे। पुलिस ने न्यायालय में हाजिर न होने पर बुधवार को दोपहर के समय नगर पंचायत कार्यालय से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पटियाली पुलिस ने उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय से शाम को उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब मामले में सात मार्च को न्यायालय में सुनवाई होगी।
उधर, उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने सीओ पटियाली संदीप वर्मा और इंस्पेक्टर लोकेश भाटी को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। फोन पर बात नहीं हो पाने पर उन्होंने कार्यकर्ता अमन चौहान को थाने भेजा। इस दौरान इंस्पेक्टर क्राइम गुलाब सिंह से जिलाध्यक्ष की फोन पर बात करानी चाही तो वह भड़क गए। आरोप है कि इंस्पेक्टर क्राइम ने कार्यकर्ता का फोन छीनकर फेंक दिया और अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। कॉल चालू होने के कारण सारी बातें जिलाध्यक्ष ने सुन लीं।
इस पर नाराज होकर जिलाध्यक्ष कार्यकर्ताओं के साथ पटियाली थाने पहुंच गए और जमीन पर धरने पर बैठ गए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस से कहा कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। साथ ही थाना प्रभारी और अपराध निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर एएसपी सुशील कुमार, एसडीएम प्रदीप कुमार विमल और सीओ पटियाली संदीप वर्मा पहुंच गए। कई थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया। देर शाम तक थाने में धरना रहा।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री पर वर्ष 2020 में नीरज किशोर मिश्रा ने सपा में रहते हुए अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में न्यायालय से गैर जमानती वारंट एक-डेढ़ साल पहले जारी हुआ था। तब से वह न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार कर नीरज किशोर मिश्रा को न्यायालय में पेश किया।
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प्रोफेसर नीरज किशोर मिश्रा ने समाजवादी पार्टी में रहते हुए हाथरस दुष्कर्म कांड में एक अक्तूबर 2020 को वाल्मीकि समाज के साथ एक बैठक की थी। इसमें सीएम योगी आदित्यनाथ पर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। इस मामले में भाजपा सभासद वीरेंद्र कुमार गुप्ता ने 11 दिसंबर 2020 को पटियाली थाने में उनके खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराई थी। यह मामला न्यायालय में विचाराधीन है।
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न्यायालय में हाजिर न होने पर उनके खिलाफ पूर्व में गैर जमानती वारंट जारी किए गए। एक वर्ष से अधिक का समय होने के बाद भी वह न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे थे। पुलिस ने न्यायालय में हाजिर न होने पर बुधवार को दोपहर के समय नगर पंचायत कार्यालय से उन्हें गिरफ्तार कर लिया। पटियाली पुलिस ने उन्हें न्यायालय में प्रस्तुत किया। न्यायालय से शाम को उन्हें अंतरिम जमानत पर रिहा कर दिया गया। अब मामले में सात मार्च को न्यायालय में सुनवाई होगी।
उधर, उनकी गिरफ्तारी की सूचना मिलने पर भाजपा जिलाध्यक्ष नीरज शर्मा ने सीओ पटियाली संदीप वर्मा और इंस्पेक्टर लोकेश भाटी को फोन किया, लेकिन कॉल रिसीव नहीं हुई। फोन पर बात नहीं हो पाने पर उन्होंने कार्यकर्ता अमन चौहान को थाने भेजा। इस दौरान इंस्पेक्टर क्राइम गुलाब सिंह से जिलाध्यक्ष की फोन पर बात करानी चाही तो वह भड़क गए। आरोप है कि इंस्पेक्टर क्राइम ने कार्यकर्ता का फोन छीनकर फेंक दिया और अभद्रता करते हुए गाली-गलौज की। कॉल चालू होने के कारण सारी बातें जिलाध्यक्ष ने सुन लीं।
इस पर नाराज होकर जिलाध्यक्ष कार्यकर्ताओं के साथ पटियाली थाने पहुंच गए और जमीन पर धरने पर बैठ गए। भाजपा जिलाध्यक्ष ने पुलिस से कहा कि उन्हें भी गिरफ्तार किया जाए। साथ ही थाना प्रभारी और अपराध निरीक्षक पर कार्रवाई की मांग शुरू कर दी। इस दौरान भाजपा कार्यकर्ताओं ने पुलिस के खिलाफ जमकर नारेबाजी की। सूचना मिलने पर एएसपी सुशील कुमार, एसडीएम प्रदीप कुमार विमल और सीओ पटियाली संदीप वर्मा पहुंच गए। कई थानों का फोर्स मौके पर बुला लिया। देर शाम तक थाने में धरना रहा।
एसपी अंकिता शर्मा ने बताया कि मुख्यमंत्री पर वर्ष 2020 में नीरज किशोर मिश्रा ने सपा में रहते हुए अभद्र टिप्पणी की थी। इस मामले में न्यायालय से गैर जमानती वारंट एक-डेढ़ साल पहले जारी हुआ था। तब से वह न्यायालय में हाजिर नहीं हो रहे थे। पुलिस ने गिरफ्तार कर नीरज किशोर मिश्रा को न्यायालय में पेश किया।