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Agra News: नगर निगम ने रातों-रात तोड़ी बुद्धा पार्क की दीवार, बारिश में खुल गई थी भ्रष्टाचार की पोल
Sat, 11 Jul 2026 10:59 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 11 Jul 2026 10:59 PM IST
सार
शासन की ओर से पार्क के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में सवाल उठने के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है। पहली ही बारिश में 100 फीट रोड की ओर बनी रिटेनिंग वॉल झुकने और उसके गिरने का खतरा पैदा हो गया था।
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नगर निगम ने तोड़ी दीवार।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के कालिंदी विहार क्षेत्र में स्थित बुद्धा पार्क के 10 करोड़ रुपये से कराए जा रहे बाउंड्री निर्माण में गुणवत्ता की पोल खुलने के बाद नगर निगम हरकत में आ गया है। निगम प्रशासन ने देर रात ही पार्क की झुकी हुई दीवार को गिराकर मलबा हटा दिया। निगम प्रशासन ने दावा किया है कि चूंकि पार्क अभी निर्माणाधीन है। ऐसे में ठेकेदार से ही दोबारा दीवार बनवाई जाएगी और उसमें नगर निगम का कोई अतिरिक्त खर्च नहीं होगा।
भारतीय जाटव समाज संगठन के आग्रह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस पार्क का निर्माण शुरू हुआ था। शासन की ओर से पार्क के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में सवाल उठने के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है। पहली ही बारिश में 100 फीट रोड की ओर बनी रिटेनिंग वॉल झुकने और उसके गिरने का खतरा पैदा हो गया था।
अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिम्मेदारों से सवाल पूछा तो वह हरकत में आ गए। देर रात बिना किसी सार्वजनिक सूचना के झुकी हुई दीवार को तोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो नई बनी दीवार को तोड़ने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में निर्माण गुणवत्ता की अनदेखी की गई। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
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भारतीय जाटव समाज संगठन के आग्रह के बाद मुख्यमंत्री योगी आदित्यनाथ के निर्देश पर इस पार्क का निर्माण शुरू हुआ था। शासन की ओर से पार्क के निर्माण के लिए करोड़ों रुपये का विशेष प्रावधान किया गया है। हालांकि टेंडर प्रक्रिया में सवाल उठने के बाद अब निर्माण की गुणवत्ता भी सवालों के घेरे में आ गई है। पहली ही बारिश में 100 फीट रोड की ओर बनी रिटेनिंग वॉल झुकने और उसके गिरने का खतरा पैदा हो गया था।
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अमर उजाला ने इस मामले को प्रमुखता से प्रकाशित किया। जिम्मेदारों से सवाल पूछा तो वह हरकत में आ गए। देर रात बिना किसी सार्वजनिक सूचना के झुकी हुई दीवार को तोड़ दिया गया। स्थानीय लोगों का कहना है कि यदि निर्माण कार्य मानकों के अनुरूप हुआ होता तो नई बनी दीवार को तोड़ने की आवश्यकता ही नहीं पड़ती। लोगों का आरोप है कि करोड़ों रुपये की परियोजना में निर्माण गुणवत्ता की अनदेखी की गई। लोगों ने पूरे निर्माण कार्य की तकनीकी जांच कराने और जिम्मेदार अधिकारियों व ठेकेदार के खिलाफ कार्रवाई की मांग उठाई है।
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