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नकली दवा के अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़: 58 फर्मों के लाइसेंस निरस्त, जांच को भेजे 35 नमूने; दो गोदाम सील
Sat, 11 Jul 2026 09:10 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sat, 11 Jul 2026 09:10 PM IST
सार
खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन की जांच में नकली और सरकारी दवा के तस्करी करने वाले अंतरराज्यीय रैकेट का भंडाफोड़ हुआ है। मामले में 13 मेडिकल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में तीन तहरीर दी गई है।
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दवा बाजार में जांच करते एफएसडीए अधिकारी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में खाद्य सुरक्षा एवं औषधि प्रशासन (एफएसडीए) की आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने नकली और सरकारी दवाओं की तस्करी के अंतरराज्यीय रैकेट का खुलासा किया है। आगरा में तीसरे चरण में 13 मेडिकल फर्मों पर छापा मारकर जांच की और दो को सील कर दिया। दो फर्मों से दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगा दी है। शनिवार को 13 मेडिकल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए थाने में तीन तहरीरें दी हैं। साथ ही तीन चरणों में हुई कार्रवाई के बाद गड़बड़ी मिलने पर थोक की 58 मेडिकल फर्मों के लाइसेंस निरस्त कर दिए हैं।
एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 15 औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ कम्मूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार, नवाबिया मार्केट समेत 10 बाजारों में स्थित 13 फर्मों और उनके गोदामों पर शुक्रवार को एक साथ छापा मारा। इसमें कम्मूटोला में मोहन ट्रेडर्स, प्रशांत मेडिकल, वंश फार्मा, डॉली ड्रग हाउस, नूर फार्मा, इनाया फार्मा हैं। मुबारक महल में मनी मेडिकल एजेंसी, एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस, नीलकंठ मेडिको कृष्णा कॉम्प्लेक्स में, पोरवाल मेडिकेयर शू मार्केट में, मनु फार्मा कोतवाली के सामने और आरडीएम फार्मास्युटिकल्स नवाबिया मार्केट में है।
इनमें से मोहन ट्रेडर्स कम्मूटोला और मनी मेडिकल को सील कर दिया है। नीलकंठ मेडिको और मनु फार्मा पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। छापे में 35 संदिग्ध दवाएं मिली हैं। जांच के लिए इनके नमूने लिए गए हैं। नकली ड्रग सिंडिकेट में शामिल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ थाना कोतवाली में तीन तहरीरें दी गई हैं। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी का अंतरराज्यीय रैकेट सामने आया है। आगरा से हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तराखंड में नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी के सुबूत मिले हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है। अभी मामले की जांच चल रही है।
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एफएसडीए आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने 15 औषधि निरीक्षकों की टीम के साथ कम्मूटोला, मुबारक महल, जूता बाजार, नवाबिया मार्केट समेत 10 बाजारों में स्थित 13 फर्मों और उनके गोदामों पर शुक्रवार को एक साथ छापा मारा। इसमें कम्मूटोला में मोहन ट्रेडर्स, प्रशांत मेडिकल, वंश फार्मा, डॉली ड्रग हाउस, नूर फार्मा, इनाया फार्मा हैं। मुबारक महल में मनी मेडिकल एजेंसी, एपी फार्मा, एचएमजी ड्रग हाउस, नीलकंठ मेडिको कृष्णा कॉम्प्लेक्स में, पोरवाल मेडिकेयर शू मार्केट में, मनु फार्मा कोतवाली के सामने और आरडीएम फार्मास्युटिकल्स नवाबिया मार्केट में है।
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इनमें से मोहन ट्रेडर्स कम्मूटोला और मनी मेडिकल को सील कर दिया है। नीलकंठ मेडिको और मनु फार्मा पर दवाओं की खरीद-बिक्री पर रोक लगाई है। छापे में 35 संदिग्ध दवाएं मिली हैं। जांच के लिए इनके नमूने लिए गए हैं। नकली ड्रग सिंडिकेट में शामिल फर्मों के 14 संचालकों के खिलाफ थाना कोतवाली में तीन तहरीरें दी गई हैं। आयुक्त डॉ. रोशन जैकब ने बताया कि नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी का अंतरराज्यीय रैकेट सामने आया है। आगरा से हरियाणा, मध्य प्रदेश, राजस्थान, दिल्ली व उत्तराखंड में नकली-सरकारी दवाओं की तस्करी के सुबूत मिले हैं। प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दे दी गई है। अभी मामले की जांच चल रही है।
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अब तक दर्ज कराई जा चुकी हैं छह प्राथमिकी
एफएसडीए की टीमें इससे पहले आगरा में दो चरणों में छापा मारकर 3.72 करोड़ रुपये की दवाएं सीज कर चुकी हैं। चार गोदाम सील हैं। 51 मेडिकल एजेंसी पर छापा मारकर 125 दवाओं के नमूने जांच को भेजे जा चुके हैं। मई में ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदामों से 2.50 करोड़ रुपये की इंसुलिन, वैक्सीन और सैन्य-ईएसआई अस्पताल की दवाएं बरामद हुई थीं। श्री मेडिकल एजेंसीज से 50 लाख की नकली ऑक्सलगिन डीपी जब्त हुई थी। इसका अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया था। रुड़की (उत्तराखंड) की लेरोई फार्मास्यूटिकल्स पर छापा मारकर नकली पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई थी। जून में ब्राइट फार्मा संचालक के आवास पर 5.20 लाख रुपये की जीवनरक्षक और सरकारी दवाओं पर अवैध री-लेबलिंग पकड़ी थी। सीएफ इंटरप्राइजेज, सुमित माधवानी, सुमित गुप्ता के अवैध गोदामों से 67 लाख रुपये की अवैध दवाएं और फिजिशियन सैंपल्स जब्त किए थे। पूरे सिंडिकेट के खिलाफ अब तक छह प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं। तीसरे चरण की कार्रवाई के बाद तीन प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
एफएसडीए की टीमें इससे पहले आगरा में दो चरणों में छापा मारकर 3.72 करोड़ रुपये की दवाएं सीज कर चुकी हैं। चार गोदाम सील हैं। 51 मेडिकल एजेंसी पर छापा मारकर 125 दवाओं के नमूने जांच को भेजे जा चुके हैं। मई में ज्योति ड्रग हाउस के अवैध गोदामों से 2.50 करोड़ रुपये की इंसुलिन, वैक्सीन और सैन्य-ईएसआई अस्पताल की दवाएं बरामद हुई थीं। श्री मेडिकल एजेंसीज से 50 लाख की नकली ऑक्सलगिन डीपी जब्त हुई थी। इसका अंतरराज्यीय नेटवर्क सामने आया था। रुड़की (उत्तराखंड) की लेरोई फार्मास्यूटिकल्स पर छापा मारकर नकली पैकेजिंग सामग्री जब्त की गई थी। जून में ब्राइट फार्मा संचालक के आवास पर 5.20 लाख रुपये की जीवनरक्षक और सरकारी दवाओं पर अवैध री-लेबलिंग पकड़ी थी। सीएफ इंटरप्राइजेज, सुमित माधवानी, सुमित गुप्ता के अवैध गोदामों से 67 लाख रुपये की अवैध दवाएं और फिजिशियन सैंपल्स जब्त किए थे। पूरे सिंडिकेट के खिलाफ अब तक छह प्राथमिकी दर्ज कराई जा चुकी हैं। तीसरे चरण की कार्रवाई के बाद तीन प्राथमिकी दर्ज कराने के लिए तहरीर दी गई है।
नकली दवाओं से और गंभीर हो जाती है बीमारी
सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नकली और अधोमानक दवाएं मर्ज पर असर नहीं करती हैं। इससे बीमारी और गंभीर हो जाती है। साथ ही मरीजों की जान का खतरा रहता है। कई एंटीबायोटिक दवाएं गंभीर रोगों के उपचार में उपयोग होती हैं। ऐसे में मरीज का इलाज प्रभावित होता है। नकली और घटिया दवाओं की शिकायत 18001805533 पर कर सकते हैं। शिकायत पर विभागीय टीम जांच करने जाएगी।
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सहायक आयुक्त औषधि अतुल उपाध्याय ने बताया कि नकली और अधोमानक दवाएं मर्ज पर असर नहीं करती हैं। इससे बीमारी और गंभीर हो जाती है। साथ ही मरीजों की जान का खतरा रहता है। कई एंटीबायोटिक दवाएं गंभीर रोगों के उपचार में उपयोग होती हैं। ऐसे में मरीज का इलाज प्रभावित होता है। नकली और घटिया दवाओं की शिकायत 18001805533 पर कर सकते हैं। शिकायत पर विभागीय टीम जांच करने जाएगी।
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