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Agra: बासोड़ा पर मंदिरों में उमड़े श्रद्धालु, मां शीतला को लगाया भोग; बच्चों के स्वास्थ्य के लिए की प्रार्थना
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Mon, 09 Mar 2026 08:13 PM IST
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सार
महिलाओं ने घरों में पूजा करने के बाद होलिका स्थल पर भी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। सुबह के समय मंदिरों में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम दिखाई दिया। बड़ी संख्या में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ पड़ी।
शीतला माता मंदिर में दर्शन को पहुंचे श्रद्धालु।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा में बासोड़ा का त्योहार सोमवार को मंदिरों में श्रद्धा और उल्लास के साथ मनाया गया। नगला बूढ़ी स्थित शीतला माता, प्राचीन बाबा कुआं वाला मंदिर, पथवारी माता मंदिर और चामुंडा मंदिर सहित अन्य मंदिरों में श्रद्धालुओं की भीड़ उमड़ी। सुबह से ही मंदिरों में पूजा-अर्चना के लिए भक्त पहुंच गए। परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के अच्छे स्वास्थ्य के लिए माता से आशीर्वाद मांगा।
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para_count-1 para_count-1 para_count-1 परंपरा के अनुसार महिलाओं ने शीतला माता को बासी भोजन का भोग लगाया। गोबर की गिलोरियों बनाकर पूजा की थाली में मीठे चावल, पूड़ी, हलवा और अन्य पकवान सजाकर माता को अर्पित किए। मान्यता है कि बासोड़ा का त्योहार माता शीतला को समर्पित है, जिन्हें स्वास्थ्य और कल्याण की देवी माना जाता है। इस दिन शीतला माता की पूजा करने से परिवार को बीमारियों से मुक्ति मिलती है और बच्चों की सलामती बनी रहती है। para_count-1
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para_count-2 para_count-2 para_count-2 श्रद्धालु भी इस दिन बासी भोजन ग्रहण करते हैं। कुछ श्रद्घालुओं ने प्राचीन बाबा कुआं वाला मंदिर में मनोकामना पूरी होने पर परंपरा निभाई। इससे पहले महिलाओं ने घरों में पूजा करने के बाद होलिका स्थल पर भी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। सुबह के समय मंदिरों में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम दिखाई दिया। para_count-2
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para_count-3 para_count-3 para_count-3 शीतला माता हमारी कुल देवी हैं। कोई भी मांगलिक कार्य करने से पहले हमारे यहां माता की पूजा होती है। बासोड़ा पर परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना की। -चंद्रकला यादव, पीपल मंडी para_count-3
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para_count-4 para_count-4 para_count-4 माता शीतला की पूजा करने से जीवन में शीतलता आती है। इसी भाव के साथ रात में पकवान तैयार कर दूसरे दिन माता को अर्पित किए। माता को ठंडे पकवान अर्पित कर घर-परिवार में खुशहाली और बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। - इति गोयल, खंदारी
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para_count-2 para_count-2 para_count-2 श्रद्धालु भी इस दिन बासी भोजन ग्रहण करते हैं। कुछ श्रद्घालुओं ने प्राचीन बाबा कुआं वाला मंदिर में मनोकामना पूरी होने पर परंपरा निभाई। इससे पहले महिलाओं ने घरों में पूजा करने के बाद होलिका स्थल पर भी श्रद्धा के साथ पूजा-अर्चना की। सुबह के समय मंदिरों में भक्ति और आस्था का अनूठा संगम दिखाई दिया। para_count-2
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para_count-3 para_count-3 para_count-3 शीतला माता हमारी कुल देवी हैं। कोई भी मांगलिक कार्य करने से पहले हमारे यहां माता की पूजा होती है। बासोड़ा पर परिवार की सुख-समृद्धि और बच्चों के स्वस्थ जीवन के लिए प्रार्थना की। -चंद्रकला यादव, पीपल मंडी para_count-3
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para_count-4 para_count-4 para_count-4 माता शीतला की पूजा करने से जीवन में शीतलता आती है। इसी भाव के साथ रात में पकवान तैयार कर दूसरे दिन माता को अर्पित किए। माता को ठंडे पकवान अर्पित कर घर-परिवार में खुशहाली और बच्चों के उत्तम स्वास्थ्य के लिए प्रार्थना की। - इति गोयल, खंदारी