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यमुना एक्सप्रेसवे का ऐसा हाल: कोई बना रहा था खाना तो कोई आराम करते दिखा, छह माैतों के बाद भी नहीं लिया सबक
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: अरुन पाराशर
Updated Sun, 08 Feb 2026 10:52 AM IST
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सार
मथुरा में एक्सप्रेसवे पर दर्दनाक हादसा हुआ था। हादसे में छह लोगों की माैत हो गई। इसके बाद भी एक्सप्रेसवे पर लापरवाही देखने को मिली। कोई वाहन चालक आराम करता दिखा तो कोई एक्सप्रेसवे पर ही खाना तैयार कर रहा था। इस दाैरान पुलिस की गश्ती भी नहीं दिखाई दी।
यमुना एक्सप्रेसवे।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
यमुना एक्सप्रेसवे पर शनिवार को 6 यात्रियों की मौत के बाद भी हादसे से सबक नहीं सीखा। शनिवार दोपहर में एक्सप्रेसवे पर वाहनों के चालक लापरवाह दिखे तो नियमों का पालन कराने वाले जिम्मेदार बेखबर रहे। कुबेरपुर कट से खंदौली टाेल तक की पड़ताल में वाहन चालक रास्ते में वाहन रोककर खाना बनाते दिखे तो कई वाहन चालक सड़क पर ही बेवजह रुककर आराम करते नजर आए। पुलिस की गश्त दिखी ही नहीं, वहीं एक्सप्रेसवे अथॉरिटी की ओर से जिम्मेदार भी कार्रवाई करते नजर नहीं आए।
यमुना एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2024 और 2025 में 50 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में ओवरस्पीडिंग, ट्रक चालकों की लापरवाही सामने आई है। शनिवार को हुए हादसे के बाद भी कुछ नहीं बदला। एक्सप्रेसवे पर चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। खंदौली टोल के पास ग्रीन जोन में चालक अपने वाहन खड़े कर खाना बनाते और आराम करते मिले। महाराष्ट्र नंबर की गाड़ी पर मानक से अधिक सामान लदा था और सवारियां निश्चिंत होकर कार की सड़क पर ही पार्किंग कर खाना तैयार करते नजर आए। टोल से पहले कई ट्रक चालकों ने वाहन खड़े कर सड़क का काफी हिस्सा आवागमन के लिए बंद कर दिया। एक्सप्रेसवे के कुबेरपुर कट पर एक साथ तीन कॉमर्शियल वाहन यात्रियों के इंतजार में एक साथ खड़े दिखे।
टूटी फेंसिंग से घुस आते हैं आवारा पशु
एक्सप्रेस वे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। लाखों रुपये का टोल टैक्स मिलता है, लेकिन व्यवस्थाएं खराब हैं। फेंसिंग टूटी हुई है। इससे आवारा पशु एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के पशुओं से टकरा कर हादसे की आशंका रहती है। रात के अंधेरे में यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
गश्त के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
पड़ताल के दौरान एक्सप्रेसवे पर पुलिस की गश्त नहीं नजर आई। जो वाहन चालक सड़क पर खाना बनाने के साथ आराम कर रहे थे, उनके चालान नहीं किए गए। कानपुर के रवि गुप्ता ने बताया कि वाहन चालकों पर सख्ती नहीं बरतने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। कोई भी चालक कहीं पर भी वाहन रोक देता है, जिससे हादसों में लोगों की जान जा रही है।
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यमुना एक्सप्रेसवे पर वर्ष 2024 और 2025 में 50 से अधिक लोगों की सड़क हादसों में मौत हो चुकी हैं। अधिकांश मामलों में ओवरस्पीडिंग, ट्रक चालकों की लापरवाही सामने आई है। शनिवार को हुए हादसे के बाद भी कुछ नहीं बदला। एक्सप्रेसवे पर चौंकाने वाले दृश्य सामने आए। खंदौली टोल के पास ग्रीन जोन में चालक अपने वाहन खड़े कर खाना बनाते और आराम करते मिले। महाराष्ट्र नंबर की गाड़ी पर मानक से अधिक सामान लदा था और सवारियां निश्चिंत होकर कार की सड़क पर ही पार्किंग कर खाना तैयार करते नजर आए। टोल से पहले कई ट्रक चालकों ने वाहन खड़े कर सड़क का काफी हिस्सा आवागमन के लिए बंद कर दिया। एक्सप्रेसवे के कुबेरपुर कट पर एक साथ तीन कॉमर्शियल वाहन यात्रियों के इंतजार में एक साथ खड़े दिखे।
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टूटी फेंसिंग से घुस आते हैं आवारा पशु
एक्सप्रेस वे से रोजाना हजारों की संख्या में वाहन गुजरते हैं। लाखों रुपये का टोल टैक्स मिलता है, लेकिन व्यवस्थाएं खराब हैं। फेंसिंग टूटी हुई है। इससे आवारा पशु एक्सप्रेसवे पर आ जाते हैं। तेज रफ्तार वाहनों के पशुओं से टकरा कर हादसे की आशंका रहती है। रात के अंधेरे में यह बेहद जानलेवा साबित हो सकता है।
गश्त के नाम पर सिर्फ औपचारिकता
पड़ताल के दौरान एक्सप्रेसवे पर पुलिस की गश्त नहीं नजर आई। जो वाहन चालक सड़क पर खाना बनाने के साथ आराम कर रहे थे, उनके चालान नहीं किए गए। कानपुर के रवि गुप्ता ने बताया कि वाहन चालकों पर सख्ती नहीं बरतने के कारण आए दिन हादसे हो रहे हैं। कोई भी चालक कहीं पर भी वाहन रोक देता है, जिससे हादसों में लोगों की जान जा रही है।
हाईटेक कैमरों से हो यमुना और लखनऊ एक्सप्रेसवे की निगरानी
यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार को हुए हादसे के बाद फिर एक्सप्रेस वे की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता और सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने कहा है कि शौच, पानी, विश्राम आदि के लिए सुरक्षित स्थानों की कमी और वाहन चालकों के कहीं भी वाहन रोकने पर प्रतिबंध के लिए सीसीटीवी से निगरानी और चालान की कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और मुख्य सचिव को पत्र भेज कर यमुना एक्सप्रेसवे तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के मूल कारणों के साथ समाधान के लिए सुझाव दिए हैं।
केसी जैन ने बताया कि यूपीडा ने बुलंदशहर एक्सप्रेसवे पर आधुनिक निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (सीसीटीवी/एटीएमएस) को विकसित किया है। 26 किमी. लंबे नेशनल हाईवे-34 गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर 70 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। वाहन गलत तरीके से कहीं भी रुका तो कंट्रोल रूम को जानकारी होती है। इसी मॉडल को यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि दोनों एक्सप्रेसवे पर गिने चुने फूड प्लाजा हैं, छोटे सुविधा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। बसें अवैध रूप से एक्सप्रेसवे पर सवारी बिठाने और उतारने के लिए रुकती हैं। हर 20-25 किमी. पर छोटे, सुव्यवस्थित हाॅल्टिंग जोन और जन सुविधा केन्द्र हों जहां स्वच्छ शौचालय, पीने का पानी, प्रकाश व्यवस्था और बसों व निजी वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग होनी चाहिए।
आगरा में 15 किमी का क्षेत्र एक्सप्रेसवे का है। हम नियमों का उल्लंघन करने वालों के फोटो खींचकर मथुरा आरटीओ के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजते हैं, वही उन पर कार्रवाई करते हैं। -तुलसी राम गुर्जर, टोल प्लाजा इंचार्ज
ये भी पढ़ें-UP: खून से सना चेहरा और हाथ पर लिखा सनी, दिल्ली की सोनाली से मैच हुई AI फोटो; यमुना एक्सप्रेसवे पर मिली थी लाश
यमुना एक्सप्रेस वे पर शनिवार को हुए हादसे के बाद फिर एक्सप्रेस वे की सुरक्षा और यात्रियों की सुविधाओं पर सवाल उठाए गए हैं। अधिवक्ता और सड़क सुरक्षा कार्यकर्ता केसी जैन ने कहा है कि शौच, पानी, विश्राम आदि के लिए सुरक्षित स्थानों की कमी और वाहन चालकों के कहीं भी वाहन रोकने पर प्रतिबंध के लिए सीसीटीवी से निगरानी और चालान की कार्रवाई जरूरी है। उन्होंने मुख्यमंत्री योगी आदित्य नाथ और मुख्य सचिव को पत्र भेज कर यमुना एक्सप्रेसवे तथा आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर दुर्घटनाओं के मूल कारणों के साथ समाधान के लिए सुझाव दिए हैं।
केसी जैन ने बताया कि यूपीडा ने बुलंदशहर एक्सप्रेसवे पर आधुनिक निगरानी और ट्रैफिक मैनेजमेंट सिस्टम (सीसीटीवी/एटीएमएस) को विकसित किया है। 26 किमी. लंबे नेशनल हाईवे-34 गाजियाबाद-अलीगढ़ एक्सप्रेसवे पर 70 हाईटेक सीसीटीवी कैमरे लगाए हैं। वाहन गलत तरीके से कहीं भी रुका तो कंट्रोल रूम को जानकारी होती है। इसी मॉडल को यमुना और आगरा-लखनऊ एक्सप्रेसवे पर प्रभावी ढंग से लागू किया जाए।
उन्होंने बताया कि दोनों एक्सप्रेसवे पर गिने चुने फूड प्लाजा हैं, छोटे सुविधा केंद्र उपलब्ध नहीं हैं। बसें अवैध रूप से एक्सप्रेसवे पर सवारी बिठाने और उतारने के लिए रुकती हैं। हर 20-25 किमी. पर छोटे, सुव्यवस्थित हाॅल्टिंग जोन और जन सुविधा केन्द्र हों जहां स्वच्छ शौचालय, पीने का पानी, प्रकाश व्यवस्था और बसों व निजी वाहनों के लिए सुरक्षित पार्किंग होनी चाहिए।
आगरा में 15 किमी का क्षेत्र एक्सप्रेसवे का है। हम नियमों का उल्लंघन करने वालों के फोटो खींचकर मथुरा आरटीओ के व्हाट्सएप ग्रुप पर भेजते हैं, वही उन पर कार्रवाई करते हैं। -तुलसी राम गुर्जर, टोल प्लाजा इंचार्ज
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