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गैस की कालाबाजारी: 2000 रुपये में मिल रहा 925 वाला सिलिंडर, एजेंसियों पर मिलीभगत के आरोप
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Mon, 13 Apr 2026 11:22 AM IST
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सार
आगरा में गैस की किल्लत के बीच घरेलू सिलिंडर 925 की जगह 1800-2000 रुपये में बेचे जा रहे हैं। हॉकर्स और एजेंसियों की मिलीभगत के आरोपों के बीच प्रशासन ने सख्त कार्रवाई का भरोसा दिया है।
एलपीजी गैस सिलिंडर।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
आगरा में घरेलू गैस की रीफिलिंग के लिए तय 45 दिनों के अंतराल और व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति में भारी कटौती ने कालाबाजारी करने वालों के हौसले बुलंद कर दिए हैं। गैस एजेंसियों की कथित मिलीभगत से हॉकर चांदी काट रहे हैं। 925 रुपये की कीमत वाला घरेलू सिलिंडर जरूरतमंदों को 1800 से 2000 रुपये तक में बेचा जा रहा है। इस अवैध खेल पर लगाम लगाने के जिम्मेदार अधिकारी फिलहाल मूक-बधिर बने हुए हैं।
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गैस की किल्लत का सबसे ज्यादा असर डेयरी, रेस्तरां, हलवाई और पथ विक्रेताओं (स्ट्रीट वेंडर्स) पर पड़ रहा है। दैनिक आधार पर अपना कामकाज चलाने के लिए गैस पर निर्भर ये छोटे कारोबारी अब हॉकर्स का आसान शिकार बन रहे हैं। व्यावसायिक सिलिंडरों की आपूर्ति में करीब 80% की कटौती चल रही है। स्थिति यह है कि व्यावसायिक उपभोक्ताओं को उनकी मांग के मुकाबले महज 50 फीसदी गैस ही मिल पा रही है। इसी मजबूरी का फायदा उठाकर हॉकर मनमाने दाम वसूल रहे हैं।
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जिले में कुल 89 गैस एजेंसियां हैं, जिनसे 12 लाख से अधिक घरेलू उपभोक्ता जुड़े हैं। वहीं, जिले में व्यावसायिक सिलिंडर की खपत करीब 40 हजार है। पिछले महीने पूर्ति विभाग ने कालाबाजारी के मामले में चार गैस एजेंसियों के विरुद्ध प्राथमिकी दर्ज कराई थी। आरोप है कि पुलिस और विभाग ने इन मामलों की जांच आगे नहीं बढ़ाई। विभागीय सुस्ती के कारण अब सीधे तौर पर अधिकारियों और एजेंसी संचालकों के बीच सांठगांठ के आरोप लग रहे हैं।
ग्रामीण इलाकों में भी बुरा हाल
कालाबाजारी का यह खेल केवल शहर तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी धड़ल्ले से चल रहा है। मजबूरी में छोटे व्यापारी और आम जनता अपनी जेब ढीली करने को मजबूर हैं। प्रशासन की चुप्पी से इन अवैध गतिविधियों को और बढ़ावा मिल रहा है।
कालाबाजारी का यह खेल केवल शहर तक सीमित नहीं है बल्कि ग्रामीण अंचलों में भी धड़ल्ले से चल रहा है। मजबूरी में छोटे व्यापारी और आम जनता अपनी जेब ढीली करने को मजबूर हैं। प्रशासन की चुप्पी से इन अवैध गतिविधियों को और बढ़ावा मिल रहा है।
होगी कठोर कार्रवाई
जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने बताया कि आपूर्ति अधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। सभी संदिग्ध एजेंसियों की सघन जांच की जाएगी और कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।
जिलाधिकारी अरविंद बंगारी ने बताया कि आपूर्ति अधिकारी से पूरे मामले की विस्तृत रिपोर्ट मांगी जाएगी। सभी संदिग्ध एजेंसियों की सघन जांच की जाएगी और कालाबाजारी में लिप्त पाए जाने वाले किसी भी व्यक्ति या एजेंसी के विरुद्ध कठोर कानूनी कार्रवाई सुनिश्चित की जाएगी।