{"_id":"66f638a107d6995a6b052f53","slug":"god-is-pleased-with-home-made-prasad-know-what-the-mahants-of-temples-say-2024-09-27","type":"feature-story","status":"publish","title_hn":"मिलावट का खेल: घर पर बने प्रसाद से भगवान होते हैं प्रसन्न, जानें क्या कहते हैं मंदिरों के महंत","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
मिलावट का खेल: घर पर बने प्रसाद से भगवान होते हैं प्रसन्न, जानें क्या कहते हैं मंदिरों के महंत
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Fri, 27 Sep 2024 03:01 PM IST
विज्ञापन
सार
मंदिरों के महंत बोले बाजार के प्रसाद पर रोक लगाई जाए। साथ ही प्रशासन जांच भी कराए, जिससे भक्तों की आस्था से खेला नहीं जा सके।
प्रसाद में मिलावट
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
तिरुपति बालाजी मंदिर की घटना के बाद प्रसाद को लेकर सवाल खड़े होने लगे हैं। मंदिरों के महंत और पुजारी घर पर बने प्रसाद को प्रमुखता देते हैं, उनका कहना है कि इससे भगवान प्रसन्न होते हैं। पंचमेवा, फल, मिश्री और इलायची दाना का प्रसाद सात्विक माना गया है। उसमें कोई मिलावट नहीं की जा सकती है। साथ ही मंदिरों के बाहर लगने वाली दुकानों के प्रसाद की जांच समय-समय पर प्रशासन से कराने की मांग की गई है।
Trending Videos
विज्ञापन
विज्ञापन
भगवान को खुश करने के लिए श्रद्धालु छप्पन भोग का आयोजन कराते हैं। इसमें रंग-बिरंगी मिठाइयां होती हैं, रंग स्वास्थ्य के लिए हानिकारक हो सकते हैं। पृथ्वीनाथ मंदिर के महंत अजय रजोरिया ने बताया कि मंदिरों में प्रसाद और पैसे का चढ़ावा नहीं होना चाहिए। इलायची दाने से अच्छा कोई प्रसाद नहीं होता है। घर पर कभी भी अच्छा भोजन बनाएं तो उसे भगवान को चढ़ा सकते हैं।
कैलाश मंदिर के महंत निर्मल गिरी का कहना है कि मिश्री सबसे शुद्ध मानी जाती है, उसी का प्रसाद भगवान को लगाना चाहिए। मंदिरों के बाहर की दुकानों पर बिकने वाले प्रसाद की प्रशासन को हर सप्ताह जांच करानी चाहिए।
यहां नहीं चढ़ता बाहर का प्रसाद
आगरा-फिरोजाबाद मार्ग स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर के पंडित लखन दीक्षित ने बताया कि मंदिर में बाजार के प्रसाद पर रोक है। रसोइया विनोद भारद्वाज मंदिर की रसोई में प्रतिदिन प्रसाद तैयार करते हैं। नाई की मंडी स्थित पुष्टमार्गीय श्री प्रेमनिधि मंदिर में वल्लभ संप्रदाय की तरफ से भोग तैयार किया जाता है।
आगरा-फिरोजाबाद मार्ग स्थित श्रीवरद वल्लभा महागणपति मंदिर के पंडित लखन दीक्षित ने बताया कि मंदिर में बाजार के प्रसाद पर रोक है। रसोइया विनोद भारद्वाज मंदिर की रसोई में प्रतिदिन प्रसाद तैयार करते हैं। नाई की मंडी स्थित पुष्टमार्गीय श्री प्रेमनिधि मंदिर में वल्लभ संप्रदाय की तरफ से भोग तैयार किया जाता है।