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Taj Mahal: ताज पर आएंगे कितने पर्यटक, आईआईटी दिल्ली के बताएंगे विशेषज्ञ; अध्ययन कर रिपोर्ट होगी तैयार
Thu, 06 Aug 2026 06:00 AM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 06 Aug 2026 06:00 AM IST
सार
आईआईटी दिल्ली की टीम मुख्य मकबरे के अंदर पर्यटकों की भीड़ के कारण उमस बढ़ने से संगमरमर और कब्रों पर क्या असर पड़ रहा है, इसका अध्ययन कराने के साथ मकबरे के पत्थरों पर पड़ रहे प्रभाव का आकलन करेगी।
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ताजमहल
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
इंडियन इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (आईआईटी) दिल्ली के विशेषज्ञ ताजमहल पर सैलानियों की अनियंत्रित भीड़ से हो रहे नुकसान की रिपोर्ट देंगे। ताजमहल के संगमरमर पर और मकबरे के अंदर भीड़ होने से आर्द्रता पर असर का अध्ययन करेंगे और उस आधार पर सैलानियों की संख्या तय करने की सिफारिश करेंगे।
इस बारे में इसी माह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और आईआईटी दिल्ली के बीच अनुबंध हो सकता है। एएसआई ने आईआईटी प्रबंधन से यह अध्ययन जल्द शुरू करने के लिए कहा है। तीन माह पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उत्तर क्षेत्र के निदेशक वसंत कुमार स्वर्णकार के साथ आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों ने ताजमहल का निरीक्षण किया था।
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इस बारे में इसी माह भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण और आईआईटी दिल्ली के बीच अनुबंध हो सकता है। एएसआई ने आईआईटी प्रबंधन से यह अध्ययन जल्द शुरू करने के लिए कहा है। तीन माह पहले भारतीय पुरातत्व सर्वेक्षण (एएसआई) के उत्तर क्षेत्र के निदेशक वसंत कुमार स्वर्णकार के साथ आईआईटी दिल्ली के विशेषज्ञों ने ताजमहल का निरीक्षण किया था।
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मुख्य मकबरे के अंदर पर्यटकों की भीड़ के कारण उमस बढ़ने से संगमरमर और कब्रों पर क्या असर पड़ रहा है, इसका अध्ययन कराने के साथ मकबरे के पत्थरों पर पड़ रहे प्रभाव का आकलन यह टीम करेगी। निदेशक ने विशेषज्ञों को तब प्रवेश द्वार से लेकर मुख्य मकबरे तक पर्यटकों के आने-जाने, रुकने और फोटोग्राफी के लिए तय स्थानों का भ्रमण कराया था। टीम ढाई घंटे यहां रही थी और स्मारक में पर्यटकों के रुकने वाले स्थानों का जायजा लिया था। एएसआई अधीक्षण पुरातत्वविद डॉ. स्मिता कुमार ने बताया कि अध्ययन के लिए आईआईटी दिल्ली की टीम से वार्ता चल रही है। रिपोर्ट के आधार पर पर्यटकों की संख्या तय करने में मदद मिलेगी।
नीरी ने की थी सिफारिशें
ताजमहल पर भीड़ प्रबंधन के लिए नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) ने आठ साल पहले अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें ताज पर एक घंटे में 6000 से अधिक पर्यटकों को प्रवेश न दिए जाने की सिफारिश की गई थी। भीड़ प्रबंधन के लिए मकबरे और अन्य जगहों पर स्टेप टिकटिंग के लिए सिफारिश की, जिस पर मकबरे के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लगाया जा चुका है, लेकिन अन्य सिफारिशों पर अमल नहीं हुआ।
नीरी ने की थी सिफारिशें
ताजमहल पर भीड़ प्रबंधन के लिए नेशनल एनवायरमेंट इंजीनियरिंग रिसर्च इंस्टीट्यूट (नीरी) ने आठ साल पहले अध्ययन कर रिपोर्ट तैयार की थी। इसमें ताज पर एक घंटे में 6000 से अधिक पर्यटकों को प्रवेश न दिए जाने की सिफारिश की गई थी। भीड़ प्रबंधन के लिए मकबरे और अन्य जगहों पर स्टेप टिकटिंग के लिए सिफारिश की, जिस पर मकबरे के लिए 200 रुपये का अतिरिक्त टिकट लगाया जा चुका है, लेकिन अन्य सिफारिशों पर अमल नहीं हुआ।