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नकली दवा सिंडिकेट का सरगना गिरफ्तार: उत्तराखंड में तैयार होता था डुप्लीकेट माल, ऐसे होती थी बाजार में ब्रिकी
Sun, 19 Jul 2026 01:39 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Sun, 19 Jul 2026 01:39 PM IST
सार
पुलिस ने नकली दवा सिंडिकेट के सरगना को गिरफ्तार किया है। सरगना उत्तराखंड की फैक्टरी के नामी कंपनी की नकली दवा तैयार कराता था। इसके बाद अपनी फर्म के नाम से बिल काटकर बेचता था।
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गिरफ्तार आरोपी।
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा के कोतवाली पुलिस ने नकली दवाएं बनाकर बेचने के सिंडिकेट के सरगना सुरेंद्र गुप्ता को गिरफ्तार किया है। आरोपी उत्तराखंड की फैक्टरी में नकली दवा तैयार करता था और अपनी फर्म के बिल पर बेचता था। औषधि विभाग ने मई में उसकी फव्वारा स्थित फर्म पर छापा मारा था। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा ने प्राथमिकी दर्ज कराई थी। सुरेंद्र समेत चार लोग नामजद थे।
पुलिस की जांच में सामने आया कि कमलानगर बाजार स्थित अमिता विहार निवासी सुरेंद्र गुप्ता नामी फार्मा कंपनी जायडस हेल्थकेयर लिमिटेड की दर्द निवारक दवा ऑक्सल्जिन डीपी के डुप्लीकेट दवाओं का निर्माण, भंडारण और अवैध रूप से क्रय-विक्रय कर रहा था। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त रेड में श्री मेडिकल एजेंसी कंबूटोला, फव्वारा पर छापा मारा गया। विवेचना अधिकारी अंकित तोमर ने बताया कि जांच में पाया गया कि सुरेंद्र गुप्ता ने अपने लाइसेंस की आड़ में एवरशाइन और अवनि फार्मा से लगभग 13 हजार पैकेट ऑक्सल्जिन डीपी टैबलेट खरीदी।
रिकॉर्ड के अनुसार 1,78,000 पैकेट बिक्री किए। आरोपी उत्तराखंड की फैक्टरी में नकली दवाओं को तैयार कराया था। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा की ओर से सुरेंद्र गुप्ता, अलीगढ़ निवासी मयंक गुप्ता, रुड़की उत्तराखंड निवासी संयम अरोड़ा व अन्नू अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दवाई का भंडारण किया। ड्रग विभाग के निरीक्षण में 8,000 पैकेट बरामद हुए। शनिवार को मुख्य आरोपी सुरेंद्र गुप्ता को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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जानकारी मिली है कि अन्य आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाओं का निर्माण, भंडारण और आपूर्ति किन-किन स्थानों तक की गई। डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।
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पुलिस की जांच में सामने आया कि कमलानगर बाजार स्थित अमिता विहार निवासी सुरेंद्र गुप्ता नामी फार्मा कंपनी जायडस हेल्थकेयर लिमिटेड की दर्द निवारक दवा ऑक्सल्जिन डीपी के डुप्लीकेट दवाओं का निर्माण, भंडारण और अवैध रूप से क्रय-विक्रय कर रहा था। मामले में ड्रग इंस्पेक्टर की संयुक्त रेड में श्री मेडिकल एजेंसी कंबूटोला, फव्वारा पर छापा मारा गया। विवेचना अधिकारी अंकित तोमर ने बताया कि जांच में पाया गया कि सुरेंद्र गुप्ता ने अपने लाइसेंस की आड़ में एवरशाइन और अवनि फार्मा से लगभग 13 हजार पैकेट ऑक्सल्जिन डीपी टैबलेट खरीदी।
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रिकॉर्ड के अनुसार 1,78,000 पैकेट बिक्री किए। आरोपी उत्तराखंड की फैक्टरी में नकली दवाओं को तैयार कराया था। औषधि निरीक्षक नीलेश शर्मा की ओर से सुरेंद्र गुप्ता, अलीगढ़ निवासी मयंक गुप्ता, रुड़की उत्तराखंड निवासी संयम अरोड़ा व अन्नू अरोड़ा के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी। आरोपी ने अपने साथियों के साथ मिलकर दवाई का भंडारण किया। ड्रग विभाग के निरीक्षण में 8,000 पैकेट बरामद हुए। शनिवार को मुख्य आरोपी सुरेंद्र गुप्ता को उसके निवास से गिरफ्तार कर लिया गया। अन्य आरोपियों की तलाश की जा रही है।
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जानकारी मिली है कि अन्य आरोपियों ने जमानत के लिए कोर्ट में प्रार्थनापत्र दिया है। पुलिस पूरे नेटवर्क की जांच कर रही है। पता लगाया जा रहा है कि नकली दवाओं का निर्माण, भंडारण और आपूर्ति किन-किन स्थानों तक की गई। डीसीपी सय्यद अली अब्बास ने बताया कि जांच के आधार पर आगे की कानूनी कार्रवाई की जाएगी।