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ईरान-इस्राइल युद्ध का असर: LPG गैस हुई महंगी, सिलिंडर बुकिंग को लेकर भी बदल गए नियम; पढ़ें नया अपडेट
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: Dhirendra Singh
Updated Sun, 08 Mar 2026 11:18 AM IST
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सार
होली के बाद गैस सिलिंडर की खपत बढ़ने से बुकिंग का अंतराल 15 दिन से बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है। घरेलू सिलिंडर 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलिंडर 113.50 रुपये महंगा हो गया है, हालांकि डिस्ट्रीब्यूटर्स ने आपूर्ति पर्याप्त होने की बात कही है।
गैस सिलिंडर
- फोटो : अमर उजाला नेटवर्क
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विस्तार
ईरान-इस्राइल युद्ध की तपिश अब रसोई तक पहुंचती दिख रही है। घरेलू एलपीजी उपभोक्ता फिलहाल दोहरी मार झेल रहे हैं। एक ओर घरेलू सिलिंडर के दामों में 60 रुपये और कॉमर्शियल सिलिंडर में 113.50 रुपये की वृद्धि हुई है, वहीं दूसरी ओर त्योहार के बाद सिलिंडर रिफिल की बुकिंग का अंतराल 15 दिन से बढ़ाकर 21 दिन कर दिया गया है।
होली के त्योहार के दौरान गैस की खपत में काफी उछाल आया। त्योहार बीतने के बाद जब सिलिंडर खाली हुए, तो उपभोक्ताओं को रिफिल की चिंता सताने लगी। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग के लिए कॉल किया, तो बुकिंग स्वीकार नहीं हुई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में पता चला कि अब घरेलू एलपीजी सिलिंडर 925.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 1923.50 रुपये की कीमत पर मिलेगा।
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होली के त्योहार के दौरान गैस की खपत में काफी उछाल आया। त्योहार बीतने के बाद जब सिलिंडर खाली हुए, तो उपभोक्ताओं को रिफिल की चिंता सताने लगी। शनिवार सुबह बड़ी संख्या में लोगों ने बुकिंग के लिए कॉल किया, तो बुकिंग स्वीकार नहीं हुई, जिससे अफरा-तफरी का माहौल बन गया। बाद में पता चला कि अब घरेलू एलपीजी सिलिंडर 925.50 रुपये और कमर्शियल सिलेंडर 1923.50 रुपये की कीमत पर मिलेगा।
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आंकड़ों में आगरा का गैस बाजार
कुल उपभोक्ता: 10 लाख लगभग आगरा जिले में
दैनिक खपत: 400 टन (मंडल आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में)
डिस्ट्रीब्यूटर्स: 55 से अधिक
कुल उपभोक्ता: 10 लाख लगभग आगरा जिले में
दैनिक खपत: 400 टन (मंडल आगरा, मथुरा और फिरोजाबाद में)
डिस्ट्रीब्यूटर्स: 55 से अधिक
औद्योगिक आपूर्ति पर संकट के बादल
गुजरात से लेकर आगरा मंडल तक की बड़ी औद्योगिक इकाइयों में एलपीजी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। युद्ध के चलते कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से गुजरात में कई इकाइयों ने अपनी भट्ठियां बंद कर दी हैं। माना जा रहा है कि इसका असर आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उत्पादन इकाइयों पर भी पड़ सकता है।
गुजरात से लेकर आगरा मंडल तक की बड़ी औद्योगिक इकाइयों में एलपीजी का बड़े पैमाने पर उपयोग होता है। युद्ध के चलते कच्चे माल की आपूर्ति प्रभावित होने से गुजरात में कई इकाइयों ने अपनी भट्ठियां बंद कर दी हैं। माना जा रहा है कि इसका असर आने वाले दिनों में पश्चिमी उत्तर प्रदेश की उत्पादन इकाइयों पर भी पड़ सकता है।
घबराएं नहीं उपभोक्ता, आपूर्ति पर्याप्त
आगरा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। होली के तुरंत बाद बुकिंग का दबाव बढ़ जाता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए बुकिंग अंतराल 21 दिन किया गया है। मथुरा रिफाइनरी से एलपीजी की आपूर्ति सुचारू है और आगरा में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
आगरा एलपीजी डिस्ट्रीब्यूटर्स एसोसिएशन के अध्यक्ष विपुल पुरोहित ने बताया कि उपभोक्ताओं को घबराने की आवश्यकता नहीं है। होली के तुरंत बाद बुकिंग का दबाव बढ़ जाता है, जिसे नियंत्रित करने के लिए बुकिंग अंतराल 21 दिन किया गया है। मथुरा रिफाइनरी से एलपीजी की आपूर्ति सुचारू है और आगरा में पर्याप्त स्टॉक उपलब्ध है।
पीएनजी और सीएनजी पर असर नहीं
राहत की बात यह है कि पीएनजी और सीएनजी की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जिले में प्रतिदिन 40 हजार किलोग्राम पीएनजी और करीब एक लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती है। पीएनजी के मुख्य विपणन प्रबंधक किशन सिंह ने बताया कि ईरान-इस्राइल युद्ध का इन गैसों की उपलब्धता या कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
राहत की बात यह है कि पीएनजी और सीएनजी की कीमतों में कोई वृद्धि नहीं हुई है। जिले में प्रतिदिन 40 हजार किलोग्राम पीएनजी और करीब एक लाख किलोग्राम सीएनजी की खपत होती है। पीएनजी के मुख्य विपणन प्रबंधक किशन सिंह ने बताया कि ईरान-इस्राइल युद्ध का इन गैसों की उपलब्धता या कीमतों पर कोई प्रभाव नहीं पड़ेगा।
