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Navratri 2025: चामुंडा देवी के इस मंदिर के लिए मोड़ दी गई रेलवे लाइन, अंग्रेज भी नहीं हटा पाए...जानें इतिहास
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Sat, 29 Mar 2025 10:03 AM IST
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सार
आगरा के राजामंडी रेलवे स्टेशन के समीप चामुंडा देवी मंदिर में नवरात्रि के दौरान पैर रखने की जगह नहीं मिलती है। मान्यता है कि यह देवी मंदिर करीब 250 साल पुराना है। मंदिर में नौ देवियां स्थापित हैं। इसके एक ओर न्यू राजामंडी कॉलोनी है और दूसरी ओर राजामंडी रेलवे स्टेशन है।
चामुंडा देवी मंदिर
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
आगरा का चामुंडा देवी का मंदिर शहर के प्राचीन और प्रसिद्ध मंदिरों में से एक है। इसे हटाने में अंग्रेज भी पस्त हो गए थे। आगरा राजा मंडी रेलवे स्टेशन के प्लेटफार्म नंबर एक पर बने मां चामुंडा देवी मंदिर में श्रद्धालुओं की विशेष आस्था है।
अंग्रेजों के शासनकाल में बना था रेलवे स्टेशन
अंग्रेजी शासनकाल में जब यहां रेलवे पटरी बिछाई गई, तब इस मंदिर को हटाने की कोशिश की गई। ब्रिटिश सरकार को सफलता नहीं मिली। इसलिए पटरी को घुमावदार मोड़ देकर बिछाया गया। मंदिर में चामुंडा देवी सहित नौ देवियां के साथ भैरों बाबा, बालाजी, हनुमान जी, गणेश जी, शंकर भगवान, काली देवी, महालक्ष्मी, राधा-कृष्ण और राम दरबार की मूर्तियां हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार यह लगभग 250 वर्ष पुराना मंदिर है। क्षेत्र में पहले टीले थे, जिस पर चामुंडा देवी की मूर्ति स्वतः प्रकट बताई जाती है।
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अंग्रेजी शासनकाल में जब यहां रेलवे पटरी बिछाई गई, तब इस मंदिर को हटाने की कोशिश की गई। ब्रिटिश सरकार को सफलता नहीं मिली। इसलिए पटरी को घुमावदार मोड़ देकर बिछाया गया। मंदिर में चामुंडा देवी सहित नौ देवियां के साथ भैरों बाबा, बालाजी, हनुमान जी, गणेश जी, शंकर भगवान, काली देवी, महालक्ष्मी, राधा-कृष्ण और राम दरबार की मूर्तियां हैं। क्षेत्रीय लोगों के अनुसार यह लगभग 250 वर्ष पुराना मंदिर है। क्षेत्र में पहले टीले थे, जिस पर चामुंडा देवी की मूर्ति स्वतः प्रकट बताई जाती है।
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ऐसे पहुंचे मंदिर
चामुंडा मंदिर जाने के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता न्यू राजा मंडी कालोनी और बेसन बस्ती लोहामंडी की ओर से आने पर मंदिर पड़ता है। दूसरा रास्ता राजामंडी रेलवे स्टेशन की तरफ से है। महंत वीरेंद्रानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि माता के दर्शन करने और फूल बंगला सजाने के लिए पूरे नवरात्र भीड़ रहती है। ट्रेन में सवार होने वाले दैनिक यात्री बिना माथा टेके नहीं जाते हैं।
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चामुंडा मंदिर जाने के लिए दो रास्ते हैं। एक रास्ता न्यू राजा मंडी कालोनी और बेसन बस्ती लोहामंडी की ओर से आने पर मंदिर पड़ता है। दूसरा रास्ता राजामंडी रेलवे स्टेशन की तरफ से है। महंत वीरेंद्रानंद ब्रह्मचारी ने बताया कि माता के दर्शन करने और फूल बंगला सजाने के लिए पूरे नवरात्र भीड़ रहती है। ट्रेन में सवार होने वाले दैनिक यात्री बिना माथा टेके नहीं जाते हैं।
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होंगे विशेष आयोजन
मंदिर समिति के अध्यक्ष दरब सिंह ने बताया कि हर साल चैत्र नवरात्रों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इस बार 9 को कलश यात्रा, 12 को 56 भोग व फूल बंगला और रात में देवी जागरण का कार्यक्रम होगा। सचिव विपिन चौधरी और कोषाध्यक्ष विपिन चौधरी ने बताया कि 14 अप्रैल को मंदिर में भंडारा होगा।
मंदिर समिति के अध्यक्ष दरब सिंह ने बताया कि हर साल चैत्र नवरात्रों में विशेष आयोजन किए जाते हैं। इस बार 9 को कलश यात्रा, 12 को 56 भोग व फूल बंगला और रात में देवी जागरण का कार्यक्रम होगा। सचिव विपिन चौधरी और कोषाध्यक्ष विपिन चौधरी ने बताया कि 14 अप्रैल को मंदिर में भंडारा होगा।