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UP: ऑनलाइन गेमिंग बेहद खतरनाक, बच्चे दे रहे जान और खाली हो रहे खाते; पुलिस ने दी ये सलाह
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Thu, 05 Feb 2026 09:21 AM IST
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सार
उत्तर प्रदेश के गाजियाबाद से आई खबर ने लोगों को हिला कर रख दिया है। यहां तीन सगी बहनों ने 9वीं मंजिल से कूदकर दी जान दे दी। प्रारंभिक जांच की रिपोर्ट्स के मुताबिक वे कोरियन ऑनलाइन गेमिंग का शिकार थीं। इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है।
ऑनलाइन गेमिंग
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
गाजियाबाद के भारत सिटी सोसाइटी में एक ही परिवार की तीन नाबालिग बहनों ने ऑनलाइन गेमिंग की लत में आत्महत्या कर ली। इस घटना ने अभिभावकों की चिंता बढ़ा दी है। वहीं इस पूरे मामले की जानकारी लेने के बाद आगरा पुलिस का कहना है कि ऑनलाइन गेमिंग से बच्चों को जितना दूर रखें, उतना ही अच्छा है। इसके चक्कर में केवल जान ही नहीं जा रही है, लोगों के खाते भी खाली हो रहे हैं।
केस-1
अगस्त 2025 में एक व्यक्ति ने साइबर सेल में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि खाते से 2.50 लाख रुपये कट गए। उन्होंने किसी तरह का ओटीपी और खाते की जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा नहीं की थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रकम ऑनलाइन गेम खिलाने वाली कंपनी के खाते में गई है। रिवार्ड पॉइंट के लिए रकम ली जाती थी। शिकायतकर्ता का बेटा रिवार्ड पाॅइंट के लिए ओके कर देता था। उसने खाते की जानकारी एप में दर्ज करा दी थी।
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केस-1
अगस्त 2025 में एक व्यक्ति ने साइबर सेल में शिकायत की थी। उन्होंने बताया था कि खाते से 2.50 लाख रुपये कट गए। उन्होंने किसी तरह का ओटीपी और खाते की जानकारी किसी भी व्यक्ति से साझा नहीं की थी। पुलिस ने जांच की तो पता चला कि रकम ऑनलाइन गेम खिलाने वाली कंपनी के खाते में गई है। रिवार्ड पॉइंट के लिए रकम ली जाती थी। शिकायतकर्ता का बेटा रिवार्ड पाॅइंट के लिए ओके कर देता था। उसने खाते की जानकारी एप में दर्ज करा दी थी।
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केस-2
जनवरी में सीओडी रोड, हस्तिनापुर काॅलोनी निवासी उमेश सिंह ने पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन देखा था। इस पर एक लिंक दिया था। क्लिक करने पर एप इंस्टाल हो गई। गेम में जीते हुए रुपये निकालने के लिए खाते की जानकारी मांगी गई। उन्होंने जानकारी भर दी। इस पर खाते से 25 लाख रुपये कट गए। मामले में पुलिस जांच कर रही है। खाते कहां के हैं यह पता किया जा रहा है।
जनवरी में सीओडी रोड, हस्तिनापुर काॅलोनी निवासी उमेश सिंह ने पुलिस से शिकायत की थी। उन्होंने पुलिस को बताया कि फेसबुक पर ऑनलाइन गेम का विज्ञापन देखा था। इस पर एक लिंक दिया था। क्लिक करने पर एप इंस्टाल हो गई। गेम में जीते हुए रुपये निकालने के लिए खाते की जानकारी मांगी गई। उन्होंने जानकारी भर दी। इस पर खाते से 25 लाख रुपये कट गए। मामले में पुलिस जांच कर रही है। खाते कहां के हैं यह पता किया जा रहा है।
केस-3
दिसंबर 2024 में सिकंदरा क्षेत्र की युवती ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलती थी। इसी बीच उसकी दोस्ती एक युवक से हो गई। वह युवक के झांसे में आ गई। युवक मध्य प्रदेश का था। उसने एक दिन होटल में बुलाकर दुष्कर्म किया। वीडियो भी बना लिया। इसे वायरल करने की धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
दिसंबर 2024 में सिकंदरा क्षेत्र की युवती ने पुलिस से शिकायत की थी। बताया कि वह ऑनलाइन गेम खेलती थी। इसी बीच उसकी दोस्ती एक युवक से हो गई। वह युवक के झांसे में आ गई। युवक मध्य प्रदेश का था। उसने एक दिन होटल में बुलाकर दुष्कर्म किया। वीडियो भी बना लिया। इसे वायरल करने की धमकी देने लगा। पुलिस ने आरोपी को गिरफ्तार कर जेल भेजा था।
केस-4
वर्ष 2022 में खंदाैली क्षेत्र के रहने वाले पूर्व फाैजी के बेटे ने ऑनलाइन गेम खेलने के दाैरान 39 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। पुलिस ने जांच की। पता चला कि सिंगापुर की कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर हुई है। मामले की जांच रेंज साइबर सेल ने की थी। रकम पेटीएम से कोडा पेमेंट में गई। जिस कंपनी के खाते में रकम गई, वो गेम भारत में काफी प्रचलित भी हुआ था। मामले में कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
वर्ष 2022 में खंदाैली क्षेत्र के रहने वाले पूर्व फाैजी के बेटे ने ऑनलाइन गेम खेलने के दाैरान 39 लाख रुपये ट्रांसफर कर दिए थे। पुलिस ने जांच की। पता चला कि सिंगापुर की कंपनी के खाते में रकम ट्रांसफर हुई है। मामले की जांच रेंज साइबर सेल ने की थी। रकम पेटीएम से कोडा पेमेंट में गई। जिस कंपनी के खाते में रकम गई, वो गेम भारत में काफी प्रचलित भी हुआ था। मामले में कंपनी के खिलाफ प्राथमिकी दर्ज की गई थी।
बच्चों को रखें मोबाइल से दूर
डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के मामले की जानकारी ली गई है। इसके लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस लगातार लोगों को जागरूक भी कर रही है। अभिभावक बच्चों पर नजर रखें। उन्हें मोबाइल से दूर रखें। उनसे समय-समय पर बात करते रहें। अगर वो लगातार मोबाइल चला रहे हैं तो यह देखें कि वो क्या कर रहे हैं। किसी गेम के चक्कर में तो नहीं है। अगर बच्चे किसी गेम के लिए ज्यादा जिद करते हैं तो उनकी काउंसलिंग करनी चाहिए। उन्हें घर के बाहर दोस्तों के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
डीसीपी आदित्य सिंह ने बताया कि गाजियाबाद के मामले की जानकारी ली गई है। इसके लिए वहां की पुलिस से संपर्क किया गया है। पुलिस लगातार लोगों को जागरूक भी कर रही है। अभिभावक बच्चों पर नजर रखें। उन्हें मोबाइल से दूर रखें। उनसे समय-समय पर बात करते रहें। अगर वो लगातार मोबाइल चला रहे हैं तो यह देखें कि वो क्या कर रहे हैं। किसी गेम के चक्कर में तो नहीं है। अगर बच्चे किसी गेम के लिए ज्यादा जिद करते हैं तो उनकी काउंसलिंग करनी चाहिए। उन्हें घर के बाहर दोस्तों के साथ खेलने के लिए प्रोत्साहित करें।
ऑनलाइन गेमिंग एप से 10 करोड़ की ठगी
थाना सिकंदरा पुलिस ने तीन दिन पहले चार आरोपियों को पकड़ा था। आरोपी महादेव एप, अन्ना रेडी एप, सुपर हंड्रेड सहित कई गेमिंग एप के लिए खाते उपलब्ध कराते थे। गेम की मदद से आने वाली रकम को निकालकर सरगना को भेजते थे। सरगना दुबई में सक्रिय है। वह एजेंट की मदद से रकम लेता था। उसका काम फिरोजाबाद का मोनू संभाल रहा था। पुलिस ने हिमांशु, आशीष, सूरज और रामू को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में 10 करोड़ की साइबर ठगी की आशंका जताई गई है।
थाना सिकंदरा पुलिस ने तीन दिन पहले चार आरोपियों को पकड़ा था। आरोपी महादेव एप, अन्ना रेडी एप, सुपर हंड्रेड सहित कई गेमिंग एप के लिए खाते उपलब्ध कराते थे। गेम की मदद से आने वाली रकम को निकालकर सरगना को भेजते थे। सरगना दुबई में सक्रिय है। वह एजेंट की मदद से रकम लेता था। उसका काम फिरोजाबाद का मोनू संभाल रहा था। पुलिस ने हिमांशु, आशीष, सूरज और रामू को गिरफ्तार किया। उनसे पूछताछ में 10 करोड़ की साइबर ठगी की आशंका जताई गई है।
