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UP: 16 साल से कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया बैन! पीएम मोदी ने की सराहना, क्या भारत भी उठाएगा सख्त कदम?

Wed, 15 Jul 2026 10:26 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 15 Jul 2026 10:26 AM IST
सार

ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर प्रतिबंध की चर्चा अब आगरा तक पहुंच गई है। अभिभावकों ने भारत में भी ऐसे नियम लागू करने और स्कूलों में साइबर सुरक्षा जागरूकता बढ़ाने की मांग की है।

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Parents Demand Social Media Restrictions for Children Under 16 in India
सोशल मीडिया - फोटो : अमर उजाला प्रिंट

विस्तार

ऑस्ट्रेलिया में 16 वर्ष से कम उम्र के बच्चों के सोशल मीडिया इस्तेमाल पर लगे प्रतिबंध की प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की ओर से सराहना के बाद आगरा में भी इस पर चर्चा तेज हो गई है। अभिभावकों का कहना है कि भारत में भी कम उम्र के बच्चों के लिए सोशल मीडिया के उपयोग पर सख्त नियम बनाए जाने चाहिए।
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अभिभावकों का कहना है कि मोबाइल और सोशल मीडिया के बढ़ते उपयोग ने बच्चों का पढ़ाई, खेलकूद और परिवार के साथ बिताया जाने वाला समय काफी कम कर दिया है। कई बच्चे घंटों रील और गेम में व्यस्त रहते हैं, जिससे उनकी एकाग्रता और मानसिक स्वास्थ्य प्रभावित हो रहा है। साथ ही स्कूलों में भी डिजिटल साक्षरता और साइबर सुरक्षा को लेकर नियमित जागरूकता कार्यक्रम चलाए जाने की मांग की है।

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अग्रसेनपुरम निवासी गृहिणी श्वेता यादव ने बताया कि आज बच्चे किताबों से ज्यादा मोबाइल से जुड़े हुए हैं। सोशल मीडिया के इस्तेमाल पर रोक लगने से वे पढ़ाई और खेलकूद पर अधिक ध्यान देंगे। भारत को भी इस दिशा में कदम उठाना चाहिए।

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जयपुर हाउस निवासी विकास गोयल का कहना है कि सोशल मीडिया पर बच्चों के सामने कई तरह की अनुचित सामग्री आ जाती है। कम उम्र में इसका असर उनके व्यवहार और सोच पर पड़ता है। ऐसे में सरकार को कड़े कदम उठाने की जरूरत है।

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दयालबाग की रहने वाली अभिभावक विनीता शर्मा ने बताया कि बच्चों को तकनीक से दूर नहीं किया जा सकता, लेकिन उसकी एक उम्र तय होनी चाहिए। 16 साल से पहले सोशल मीडिया की बजाय पढ़ाई, खेल और रचनात्मक गतिविधियों को प्राथमिकता मिलनी चाहिए।

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 बल्केश्वर निवासी मनोज शर्मा ने कहा कि अगर सोशल मीडिया कंपनियों पर सख्ती होगी तो बच्चे फर्जी उम्र बताकर अकाउंट नहीं बना पाएंगे। इससे साइबर बुलिंग और ऑनलाइन लत जैसी समस्याओं पर भी काफी हद तक रोक लग सकेगी।

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