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UP: कैलाश मंदिर में द्वादश ज्योतिर्लिंग निर्माण से पहले छिड़ा विवाद, महंत आमने-सामने; कोर्ट पहुंचा मामला

Wed, 01 Jul 2026 10:13 AM IST
Dhirendra Singh अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 01 Jul 2026 10:13 AM IST
सार

प्राचीन कैलाश मंदिर में प्रस्तावित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर की आधारशिला से पहले ही महंत परिवार में विवाद गहरा गया है। विरोध के बाद अब मंदिर निर्माण का प्रस्तावित स्थान बदलकर कैलाश मोड़ के पास करने की घोषणा की गई है, जबकि दूसरे पक्ष ने कानूनी कार्रवाई की चेतावनी दी है।

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Row Erupts Over Proposed Dwadash Jyotirlinga Temple at Kailash Temple Before Foundation Ceremony
महंत निर्मल गिरि और  महंत गौरव गिरि - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

आगरा के प्राचीन कैलाश मंदिर में प्रस्तावित द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर की आधारशिला रखे जाने से पहले ही महंत परिवार में विवाद हो गया है। महंत निर्मल गिरि ने मंदिर की जमीन पर निजी सहयोग से नए मंदिर निर्माण को गलत ठहराया। इसके विरोध में कोर्ट का रुख करने की बात कही। आपत्ति के बाद महंत गौरव गिरि ने भी पैंतरा बदल दिया। उन्होंने मंदिर में स्थानाभाव का हवाला देकर अब कैलाश मोड़ पर नए मंदिर के निर्माण कराने की बात कही है।
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महंत निर्मल गिरि ने बताया कि कैलाश मंदिर में आठ परिवार सेवा कार्य करते हैं। हर किसी का कार्यकाल तय है। परिसर में निजी मंदिर बनाने की कोशिश की जा रही है, जिसका वह विरोध कर रहे हैं। खसरा संख्या 355, 356 और 357 के स्वामी भगवान महादेव हैं। इन भूमि पर जो धर्मशालाएं या मकान बने हुए हैं, जिनमें लोग रह रहे हैं, वे केवल सेवायत हैं। उनका किसी भी प्रकार का स्वामित्व नहीं है। मंदिर की संपत्ति, परंपरा और धार्मिक स्वरूप की रक्षा के लिए कानूनी लड़ाई लड़ी जाएगी। वर्तमान में 25 करोड़ से कॉरिडोर निर्माण का कार्य कराया गया है। 28 करोड़ का प्रस्ताव और भेजा गया है।
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पार्किंग से लेकर आवागमन की होगी सुविधा
दूसरी ओर, महंत गौरव गिरि ने मंगलवार को बताया कि द्वादश ज्योतिर्लिंग मंदिर को पहले कैलाश घाट के समीप बनाया जा रहा था। यहां पर स्थान की सीमित उपलब्धता है। सुरक्षा संबंधी पहलुओं पर विचार किया गया। इसके बाद स्थान में बदलाव का निर्णय लिया गया है। अब भव्य मंदिर का निर्माण कैलाश मोड़ के निकट कराया जाएगा। उनके अनुसार नए स्थान पर पार्किंग, आवागमन और अन्य सुविधाओं का बेहतर विकास संभव होगा। द्वादश ज्योतिर्लिंग का कैलाश मंदिर ट्रस्ट से कोई संबंध नहीं है। मंदिर निर्माण समिति बनाने की घोषणा की जाएगी।

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