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UP: स्कूली वाहनों की जांच तेज, 40 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड; 2990 स्कूलों ने नहीं दिया शपथ पत्र

अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा Published by: Dhirendra Singh Updated Wed, 22 Apr 2026 11:46 AM IST
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सार

आगरा में 2990 स्कूलों ने अभी तक वाहन संचालन का शपथ पत्र जमा नहीं किया है, जिसके चलते परिवहन विभाग ने 40 वाहनों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड कर दिए हैं। स्कूली बसों की निगरानी के लिए सख्ती बढ़ा दी गई है और नियमों का पालन न करने वाले स्कूलों पर कार्रवाई की चेतावनी दी गई है।

Schools Fail to Submit Vehicle Declaration 40 School Vehicles’ Registration Suspended
आरटीओ के परिसर में खड़ीं स्कूल वैन - फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार

आगरा में 2990 स्कूल संचालकों ने अभी तक स्कूली वाहनों के संचालन संबंधी शपथ पत्र जमा नहीं किया है। कुल 5690 स्कूलों में से केवल 2700 ने ही यह शपथ पत्र दिया है। सरकार ने स्कूली वाहनों की निगरानी को सख्त और पारदर्शी बनाने के लिए उत्तर प्रदेश इंटीग्रेटेड स्कूल व्हीकल्स मॉनिटरिंग पोर्टल (यूपी आईएसवीएमपी) एक अप्रैल को लॉन्च किया था। इस पोर्टल पर सभी स्कूली वाहनों का विवरण अपलोड किया जाना है। हालांकि, अभी तक कुल 1216 वाहनों में से केवल 1100 का ही डाटा अपलोड हो पाया है। परिवहन विभाग की सख्ती के बावजूद बड़ी संख्या में स्कूल संचालक वाहनों का विवरण देने में आनाकानी कर रहे हैं। ये स्कूल संचालक वाहनों का विवरण देने में भी उदासीनता बरत रहे हैं।
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विभाग ने स्कूली वाहनों के लिए मानक निर्धारित किए हैं। पोर्टल पर वाहन का नंबर डालते ही उसके रजिस्ट्रेशन, फिटनेस, प्रदूषण और इंश्योरेंस की स्थिति सामने आ जाएगी। यदि कोई वाहन अनफिट है तो पोर्टल उसे रेडमार्क कर देगा, जिससे एआरटीओ उस बस को सड़क से तुरंत हटवा सकेंगे। जो स्कूल प्रबंधक अपने वाहनों की जानकारी पोर्टल पर साझा नहीं करेंगे या गलत तथ्य पेश करेंगे, उन पर कार्रवाई होगी।
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निरीक्षण में किसी भी बस में तकनीकी खामी या कागजों में हेराफेरी मिली तो संबंधित स्कूल प्रबंधक के खिलाफ कार्रवाई की जाएगी। इस बारे में एआरटीओ प्रशासन विनय कुमार सिंह ने बताया कि अभी तक 1100 वाहनों की जांच की गई है। 40 गाड़ियों के रजिस्ट्रेशन सस्पेंड किए गए हैं। वाहनों की माॅनीटरिंग लगातार की जा रही है।

एत्मादपुर हादसे से परिवहन विभाग जागा
बता दें कि एत्मादपुर में 11 मार्च को एक दर्दनाक हादसा हुआ था। इसमें आरबीएस स्कूल की कक्षा एक की नौ वर्षीय छात्रा नैना की चलती बस के टूटे फर्श से गिरकर मौत हो गई थी। बस का फर्श टूटा हुआ था जिसे लकड़ी के फट्टे से ढका गया था। ब्रेकर पर झटका लगने से फट्टा हट गया और छात्रा नीचे गिर गई, जिससे बस का पिछला पहिया उसके ऊपर से गुजर गया। जांच में सामने आया कि यह बस पिछले चौदह वर्षों से बिना पंजीकरण और फिटनेस प्रमाण पत्र के चल रही थी। इसी घटना के बाद शासन के निर्देश के बाद खटारा स्कूली वाहनों पर कार्रवाई की गई।
 
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