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जरा याद उन्हें भी कर लो: कारगिल फतह करने को आगरा के नायक जितेंद्र सिंह भी हो गए बलिदान; गांव को आज भी है फक्र
अमर उजाला नेटवर्क, आगरा
Published by: भूपेन्द्र सिंह
Updated Thu, 25 Jul 2024 01:36 PM IST
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सार
कारगिल पर फतह पाने को आगरा के नायक जितेंद्र सिंह भी बलिदान हो गए थे। गांव के लोगों को आज भी उनकी वीरता पर फक्र है। उनसे प्रेरणा लेकर युवा सेना भर्ती के लिए जी जीन से तैयारी करते हैं।
बलिदानी नायक जितेंद्र सिंह का स्मारक
- फोटो : संवाद
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विस्तार
कारगिल पर फतह हासिल करने के लिए उत्तर प्रदेश के आगरा के वीर सपूतों ने भी अपने प्राणों की आहूति दी थी। फतेहाबाद तहसील क्षेत्र खंडेर गांव के रहने वाले बलिदानी नायक जितेंद्र सिंह चौहान 5-पैरा में तैनात थे। गांव में उनका स्मारक बना हुआ है। गांव के लोग आज भी बलिदानी नायक जितेन्द्र सिंह के बलिदान को याद करते हैं।
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कारगिल बलिदानी नायक जितेंद्र सिंह चौहान पुत्र स्व गोपाल सिंह चौहान निवासी खण्डेर, थाना फ़तेहाबाद के रहने वाले थे। वह 5-पैरा में तैनात थे। 21 जुलाई 1999 में उन्होंने ऑपरेशन में जब्जे और साहस के साथ भाग लिया था। इसमें लड़ते हुए बलिदान हुए थे। इसमें पत्नी सुमन चौहान ने अपनी जमीन पर एक स्मारक बनवाया है।
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परिवार को सरकार द्वारा पेट्रोल पम्प तथा अन्य सुविधाएं दी गई हैं। वर्तमान में बलिदानी नायक जितेंद्र सिंह की पत्नी सुमन चौहान ताजनगरी फेस वन आगरा में रहती हैं। समय-समय पर स्मारक पर आकर साफ सफाई तथा अन्य कार्यक्रम करती हैं। सरकार बलिदानों के नाम पर बड़े-बड़े वायदे करती है, लेकिन कारगिल सहित जितेंद्र चौहान का गांव आज भी विकास से कोसों दूर है।
शहीद स्मारक के सामने बारिस का गंदा पानी भरा हुआ है। परिवार के भाई रामहेत ने बताया कि गांव मुख्य मार्ग पर रेलवे पुलिया के नीचे भी जलभराव हो रहा है। इसमें स्कूली बच्चे गंदे पानी से होकर निकल रहे हैं। गांव में बलिदानी जितेंद्र सिंह की शहादत को लेकर कोई अतिरिक्त विकास काम नहीं कराया गया है।