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मामा-भांजे की करतूत: मेट्रो में नौकरी का झांसा देकर की ठगी, फर्जी लिखित परीक्षा और इंटरव्यू भी कराया
Thu, 23 Jul 2026 10:38 PM IST
Arun Parashar
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
संवाद न्यूज एजेंसी, आगरा
Published by: Arun Parashar
Updated Thu, 23 Jul 2026 10:38 PM IST
सार
आगरा में मेट्रो में नाैकरी दिलाने के नाम पर ठगी का मामला सामने आया है। आरोप मामा-भांजे पर है। पीड़ित ने मामले में जिलाधिकारी से गुहार लगाई, जिस पर डीसीपी सिटी को जांच के लिए निर्देश दिए गए हैं।
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- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
आगरा मेट्रो में नौकरी दिलाने के नाम पर मामा-भांजे ने एक युवक से 1.25 लाख रुपये की ठगी की। जालसाजों ने पीड़ित का भरोसा जीतने के लिए पहले अपने कोचिंग सेंटर में उसकी फर्जी लिखित परीक्षा और फिर इंटरव्यू तक कराया। पीड़ित ने जिलाधिकारी मनीष बंसल से शिकायत कर न्याय की गुहार लगाई है, जिस पर डीसीपी सिटी को जांच कर कार्रवाई के निर्देश दिए गए हैं।
सदर तहसील हौद बरौली गूजर निवासी नरेंद्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र में बताया है कि भतीजे उमेश कुमार की नौकरी के लिए प्रयासरत थे। उनका संपर्क संजय प्लेस स्थित एक कंपनी में काम करने वाले गोपाल परमार से हुआ। गोपाल ने बताया कि उसके मामा गोविंद सिंह (निवासी उखर्रा) राजपुर चुंगी 100 फुटा रोड पर एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं और सरकारी नौकरी लगवाने का ठेका लेते हैं।
इसके बाद आगरा मेट्रो में उमेश की नौकरी लगवाने के लिए 1.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पीड़ित नरेंद्र पाल के मुताबिक, उन्होंने गोविंद सिंह के कहने पर गोपाल परमार के फोन-पे पर कई बार में कुल 1.25 लाख रुपये ट्रांसफर किए। मार्च 2025 तक जॉइनिंग लेटर देने का वादा किया था। आरोपियों ने बाकायदा अपने कोचिंग सेंटर पर उमेश की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू भी कराया और उसे पासिंग मार्क्स भी दिखाए।
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सदर तहसील हौद बरौली गूजर निवासी नरेंद्र पाल सिंह ने जिलाधिकारी को शिकायती पत्र में बताया है कि भतीजे उमेश कुमार की नौकरी के लिए प्रयासरत थे। उनका संपर्क संजय प्लेस स्थित एक कंपनी में काम करने वाले गोपाल परमार से हुआ। गोपाल ने बताया कि उसके मामा गोविंद सिंह (निवासी उखर्रा) राजपुर चुंगी 100 फुटा रोड पर एक कोचिंग सेंटर चलाते हैं और सरकारी नौकरी लगवाने का ठेका लेते हैं।
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इसके बाद आगरा मेट्रो में उमेश की नौकरी लगवाने के लिए 1.50 लाख रुपये में सौदा तय हुआ। पीड़ित नरेंद्र पाल के मुताबिक, उन्होंने गोविंद सिंह के कहने पर गोपाल परमार के फोन-पे पर कई बार में कुल 1.25 लाख रुपये ट्रांसफर किए। मार्च 2025 तक जॉइनिंग लेटर देने का वादा किया था। आरोपियों ने बाकायदा अपने कोचिंग सेंटर पर उमेश की लिखित परीक्षा और इंटरव्यू भी कराया और उसे पासिंग मार्क्स भी दिखाए।
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लोकेशन भेजकर किया फोन बंद
एक साल तक कोचिंग के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई परिणाम नहीं निकला, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। तीन दिन पूर्व जब नरेंद्र ने गोविंद को फोन किया तो वह अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद गोपाल ने पैसे वापस करने का झांसा दिया और सिकंदरा से अपनी लाइव लोकेशन भेजी। उखर्रा पहुंचने से पहले ही उसने अपनी लोकेशन और फोन दोनों बंद कर लिए। एक घंटे तक इंतजार करने के बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
कोई विज्ञापन नहीं निकलता, सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट देखें
मेट्रो कंपनी के परियोजना निदेशक अरविंद राय ने बताया कि मेट्रो में नौकरी की सूचना सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट पर दी जाती है। इसके लिए कभी कोई पैसा नहीं लिया जाता और न कोई विज्ञापन निकाला जाता है। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचें। किसी भी सूचना के सत्यापन के लिए पुरानी मंडी डिपो स्थित मेट्रो कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।
एक साल तक कोचिंग के चक्कर काटने के बाद भी जब कोई परिणाम नहीं निकला, तो पीड़ित ने अपने पैसे वापस मांगे। तीन दिन पूर्व जब नरेंद्र ने गोविंद को फोन किया तो वह अपने वादे से मुकर गया। इसके बाद गोपाल ने पैसे वापस करने का झांसा दिया और सिकंदरा से अपनी लाइव लोकेशन भेजी। उखर्रा पहुंचने से पहले ही उसने अपनी लोकेशन और फोन दोनों बंद कर लिए। एक घंटे तक इंतजार करने के बाद पीड़ित को अपने साथ हुई ठगी का एहसास हुआ।
कोई विज्ञापन नहीं निकलता, सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट देखें
मेट्रो कंपनी के परियोजना निदेशक अरविंद राय ने बताया कि मेट्रो में नौकरी की सूचना सिर्फ ऑफिशियल वेबसाइट पर दी जाती है। इसके लिए कभी कोई पैसा नहीं लिया जाता और न कोई विज्ञापन निकाला जाता है। उन्होंने आम जनमानस से अपील की है कि नौकरी के नाम पर होने वाली धोखाधड़ी से बचें। किसी भी सूचना के सत्यापन के लिए पुरानी मंडी डिपो स्थित मेट्रो कार्यालय में भी संपर्क किया जा सकता है।