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Board Exam 2026: AI से पढ़ाई आसान, आंख बंद कर भरोसा नहीं करें; परीक्षार्थियों को विशेषज्ञों ने दी ये चेतावनी
अमर उजाला न्यूज नेटवर्क, आगरा
Published by: धीरेन्द्र सिंह
Updated Mon, 16 Feb 2026 09:55 AM IST
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सार
बोर्ड परीक्षा की तैयारी कर रहे छात्र एआई की भी मदद ले रहे हैं, लेकिन उन्हें सावधानी बरतने की जरूरत है। आंख बंद कर भरोसा नहीं करें।
एआई ट्यूटर
- फोटो : AI
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विस्तार
बोर्ड परीक्षाओं की तैयारी में जुटे छात्रों के लिए आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) नया डिजिटल साथी बन गया है। शिक्षा विशेषज्ञों का कहना है कि सही तरीके से उपयोग करने पर एआई पढ़ाई को सरल, व्यवस्थित और प्रभावी बना सकता है। हालांकि, बिना जांच-परख के उस पर पूरी तरह निर्भर रहना नुकसानदायक भी हो सकता है।
विशेषज्ञों का कहना है कि भाषा आधारित एआई टूल्स जैसे चैटबॉट, गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, डीपसीक आदि छात्रों को कठिन विषयों की सरल व्याख्या, त्वरित जानकारी, संभावित प्रश्न-उत्तर और नोट्स तैयार करने में मदद कर सकते हैं। पर इन पर पूरी तरह से निर्भर रहना गलत है। ज्यादातर छात्र पूरे सिलेबस के अध्यायों की सूची बनवाने, प्रश्न तैयार करने और मॉक टेस्ट बनाने के लिए भी इनका उपयोग कर रहे हैं।
रसायन विज्ञान के शिक्षक मनोज वार्ष्णेय ने बताया कि एआई कई बार रसायन विज्ञान और भौतिकी के न्यूमेरिकल प्रश्नों में बीच के चरण छोड़कर सीधे उत्तर दे देता है। खासकर, इक्वेशन बनाने में और रसायनिक नाम भी अलग तरह से लिख देता है। जैसे Na को nA, Cl को cL आदि तरह से लिख देता है। जबकि सही Na, Cl है। ऐसी स्थिति में उत्तर गलत भी हो सकता है। छात्र प्रश्न पूछते समय स्पष्ट रूप से समाधान और प्रयुक्त सूत्र लिखें, प्राॅम्प्ट का जरूर ध्यान रखें। उत्तर का अपनी पाठ्यपुस्तक या शिक्षक से अवश्य मिलान करें।
सही प्रॉम्प्ट और क्रॉस चेक जरूरी
डीआईओएस द्वितीय विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि एआई से तुरंत जानकारी मिल सकती है, लेकिन उसे क्रॉस-चेक करना जरूरी है। विशेषकर गणित, भौतिक और रसायन के साथ अंग्रेजी विषय में स्वयं चेक दोबारा जरूर करें। सही प्रॉम्प्ट और क्रॉस चेक के साथ एआई बोर्ड परीक्षा की तैयारी में लाभ दे सकता है।
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विशेषज्ञों का कहना है कि भाषा आधारित एआई टूल्स जैसे चैटबॉट, गूगल जेमिनी, चैटजीपीटी, डीपसीक आदि छात्रों को कठिन विषयों की सरल व्याख्या, त्वरित जानकारी, संभावित प्रश्न-उत्तर और नोट्स तैयार करने में मदद कर सकते हैं। पर इन पर पूरी तरह से निर्भर रहना गलत है। ज्यादातर छात्र पूरे सिलेबस के अध्यायों की सूची बनवाने, प्रश्न तैयार करने और मॉक टेस्ट बनाने के लिए भी इनका उपयोग कर रहे हैं।
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रसायन विज्ञान के शिक्षक मनोज वार्ष्णेय ने बताया कि एआई कई बार रसायन विज्ञान और भौतिकी के न्यूमेरिकल प्रश्नों में बीच के चरण छोड़कर सीधे उत्तर दे देता है। खासकर, इक्वेशन बनाने में और रसायनिक नाम भी अलग तरह से लिख देता है। जैसे Na को nA, Cl को cL आदि तरह से लिख देता है। जबकि सही Na, Cl है। ऐसी स्थिति में उत्तर गलत भी हो सकता है। छात्र प्रश्न पूछते समय स्पष्ट रूप से समाधान और प्रयुक्त सूत्र लिखें, प्राॅम्प्ट का जरूर ध्यान रखें। उत्तर का अपनी पाठ्यपुस्तक या शिक्षक से अवश्य मिलान करें।
सही प्रॉम्प्ट और क्रॉस चेक जरूरी
डीआईओएस द्वितीय विश्व प्रताप सिंह ने बताया कि एआई से तुरंत जानकारी मिल सकती है, लेकिन उसे क्रॉस-चेक करना जरूरी है। विशेषकर गणित, भौतिक और रसायन के साथ अंग्रेजी विषय में स्वयं चेक दोबारा जरूर करें। सही प्रॉम्प्ट और क्रॉस चेक के साथ एआई बोर्ड परीक्षा की तैयारी में लाभ दे सकता है।