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Aligarh News: 200 हेक्टेयर के चारागाहों से 32 हजार गोवंश को मिलेगा हरा चारा
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ओगर नगला राजू में चारागाह में बोया गया हरा चारा।
- फोटो : samvad
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जिले के सरकारी चारागाह स्थलों की कुल 200 हेक्टेयर जमीन पर 32 हजार गोवंश के लिए हरे चारे का इंतजाम होगा। हरदोई जनपद में तीन हजार हेक्टेयर जमीन पर सरकारी चारागाह स्थल हैं, इस मामले में हरदोई प्रदेश में पहले स्थान पर है। इसके बाद दूसरे नंबर पर अलीगढ़ है, जहां चारागाह की दो हजार हेक्टेयर जमीन है।
संबंधित पंचायत के ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव इन चारागाहों में फसल की बुवाई कराएंगे। शासन ने इसके लिए 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर 44 लाख रुपये दिए हैं। जिससे जायद के सीजन में हरे चारे की बुवाई कराई जाएगी। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की होगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि हरे चारे की उपलब्धता होने से गोवंश के भरण-पोषण की बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके अलावा किसानों से दान में भूसा मांगा जा रहा है।
10 गोशालाओं का निरीक्षण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने मंगलवार को खैर और टप्पल की दस गोशालाओं का निरीक्षण कर भूसा, चारा, पानी और टिनशेड का इंतजाम देखा। संबंधित गोशालाओं की देखरेख कर रहे कर्मियों से गोवंश की संख्या और उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा लिया।
80 कर्मियों की टीम मांगेगी भूसे का दान
पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारियों की टीम किसानों से भूसा मांगेगी। इस टीम में लगभग 80 कर्मी शामिल हैं। किसानों से स्वेच्छा से गोवंश के लिए दान मांगा जाएगा। वर्तमान में किसान गेहूं काट रहे हैं या काटने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर थ्रेसर मशीन से काम हो रहा है और भूसा निकाला जा रहा है। इस वक्त भूसे का रेट एक हजार रुपये क्विंटल है, फसल कटने के बाद इसका भाव कम होने की उम्मीद है। विभाग सस्ते रेट में ही किसानों से भूसा खरीदने के लिए भी प्रयासरत है।
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संबंधित पंचायत के ग्राम प्रधान और ग्राम सचिव इन चारागाहों में फसल की बुवाई कराएंगे। शासन ने इसके लिए 22 हजार रुपये प्रति हेक्टेयर की दर 44 लाख रुपये दिए हैं। जिससे जायद के सीजन में हरे चारे की बुवाई कराई जाएगी। इसकी देखरेख की जिम्मेदारी भी ग्राम प्रधान और पंचायत सचिव की होगी। मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने बताया कि हरे चारे की उपलब्धता होने से गोवंश के भरण-पोषण की बड़ी समस्या का समाधान हो सकेगा। इसके अलावा किसानों से दान में भूसा मांगा जा रहा है।
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10 गोशालाओं का निरीक्षण
मुख्य पशु चिकित्साधिकारी डॉ. दिवाकर त्रिपाठी ने मंगलवार को खैर और टप्पल की दस गोशालाओं का निरीक्षण कर भूसा, चारा, पानी और टिनशेड का इंतजाम देखा। संबंधित गोशालाओं की देखरेख कर रहे कर्मियों से गोवंश की संख्या और उपलब्ध संसाधनों का ब्योरा लिया।
80 कर्मियों की टीम मांगेगी भूसे का दान
पशुपालन विभाग के उप मुख्य पशु चिकित्साधिकारी, पशु चिकित्साधिकारी और पशुधन प्रसार अधिकारियों की टीम किसानों से भूसा मांगेगी। इस टीम में लगभग 80 कर्मी शामिल हैं। किसानों से स्वेच्छा से गोवंश के लिए दान मांगा जाएगा। वर्तमान में किसान गेहूं काट रहे हैं या काटने की तैयारी कर रहे हैं। कुछ जगहों पर थ्रेसर मशीन से काम हो रहा है और भूसा निकाला जा रहा है। इस वक्त भूसे का रेट एक हजार रुपये क्विंटल है, फसल कटने के बाद इसका भाव कम होने की उम्मीद है। विभाग सस्ते रेट में ही किसानों से भूसा खरीदने के लिए भी प्रयासरत है।