{"_id":"69cc3b712814c4c45007edf6","slug":"74000-check-meters-are-being-inspected-and-nine-thousand-consumers-are-at-risk-of-being-reported-aligarh-news-c-2-gur1004-941606-2026-04-01","type":"story","status":"publish","title_hn":"Aligarh News: 74 हजार चेक मीटरों से जांच, नौ हजार उपभोक्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज होने का खतरा","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Aligarh News: 74 हजार चेक मीटरों से जांच, नौ हजार उपभोक्ताओं पर रिपोर्ट दर्ज होने का खतरा
विज्ञापन
स्मार्ट मीटर।
- फोटो : samvad
विज्ञापन
आम अवधारणा है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगवाने से बिल ज्यादा आता है। इसकी जांच-पड़ताल के लिए जिले में अब तक 74 हजार चेक मीटर लगाए जा चुके हैं। बिजली विभाग का दावा है कि एक भी चेक मीटर में बिजली की ज्यादा खपत नहीं पकड़ी गई है।
इधर, बैलेंस माइनस होने के बाद लगभग 9,755 उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है। इन पर लगभग 4.50 करोड़ रुपये बताया है। अब इन उपभोक्ताओं की जांच हो रही है कि कहीं इनमें से कुछ लोग बिजली की चोरी तो नहीं कर रहे हैं। पकड़े जाने पर ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
एक्सईएन कर्मिशयल पंकज तिवारी ने बताया है कि कि जिले में अब तक 74,404 चेक मीटर लगाए गए हैं। 23 हजार चेक मीटर तो केवल शहर में लगे हैं। विभाग की ओर से केवल पांच फीसदी चेक मीटर लगाने का लक्ष्य था, लेकिन यहां पर 23 फीसदी लगाए गए। किसी भी चेक मीटर में यह नहीं पकड़ा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिल अधिक आता है।
मंगलवार को लाल डिग्गी स्थित बिजली घर में कार्यवाहक चीफ इंजीनियर अंशुमान यादव, शहर के एसई उमेश जैन, देहात के एसई संदीप यादव, एक्सईएन कर्मिशयल पंकज तिवारी ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
कहा कि अभी उपभोक्ताओं को कुछ उलझन हो रही है, लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रीपेड मोबाइल की तरह ही काम करता है। इसमें उपभोक्ताओं को अपना भुगतान यूपीपीसीएल के खाते में करना होता है। इसलिए बैलेंस चेक करते रहे और माइनस होने से पहले ही भुगतान जमा करा दें। यदि किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल पूर्व में दो हजार रुपये आ रहा था तो कम से कम इतना भुगतान एडवांस में जमा करा दें।
प्रीपेड मीटर की शुरुआत से अब तक क्या हुआ
5.94 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने हैं
3.27 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके
300569 को प्रीपेड मीटर में बदला गया
2.26 लाख अब तक निगेटिव बैलेंस में थे
36.9 करोड़ रुपये का बिल इन पर बकाया
-- -- -
13 से 31 मार्च के बीच यह हुआ
13 मार्च से कनेक्शन काटा जाना शुरु हुआ
6,7376 कनेक्शन अब तक काटे जा चुके
20.99 करोड़ इन उपभोक्ताओं पर बकाया था
57,621 लोगों ने अब तक बिल जमा कराया
24 करोड़ रुपये इन उपभोक्ताओं ने जमा किया
9,755 उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया है
Trending Videos
इधर, बैलेंस माइनस होने के बाद लगभग 9,755 उपभोक्ताओं ने बिल का भुगतान नहीं किया है। इन पर लगभग 4.50 करोड़ रुपये बताया है। अब इन उपभोक्ताओं की जांच हो रही है कि कहीं इनमें से कुछ लोग बिजली की चोरी तो नहीं कर रहे हैं। पकड़े जाने पर ऐसे उपभोक्ताओं के खिलाफ रिपोर्ट दर्ज कराई जाएगी।
विज्ञापन
विज्ञापन
एक्सईएन कर्मिशयल पंकज तिवारी ने बताया है कि कि जिले में अब तक 74,404 चेक मीटर लगाए गए हैं। 23 हजार चेक मीटर तो केवल शहर में लगे हैं। विभाग की ओर से केवल पांच फीसदी चेक मीटर लगाने का लक्ष्य था, लेकिन यहां पर 23 फीसदी लगाए गए। किसी भी चेक मीटर में यह नहीं पकड़ा गया है कि स्मार्ट प्रीपेड मीटर से बिल अधिक आता है।
मंगलवार को लाल डिग्गी स्थित बिजली घर में कार्यवाहक चीफ इंजीनियर अंशुमान यादव, शहर के एसई उमेश जैन, देहात के एसई संदीप यादव, एक्सईएन कर्मिशयल पंकज तिवारी ने स्मार्ट प्रीपेड मीटर की कार्यप्रणाली के बारे में विस्तार से बताया।
कहा कि अभी उपभोक्ताओं को कुछ उलझन हो रही है, लेकिन स्मार्ट प्रीपेड मीटर प्रीपेड मोबाइल की तरह ही काम करता है। इसमें उपभोक्ताओं को अपना भुगतान यूपीपीसीएल के खाते में करना होता है। इसलिए बैलेंस चेक करते रहे और माइनस होने से पहले ही भुगतान जमा करा दें। यदि किसी उपभोक्ता का बिजली का बिल पूर्व में दो हजार रुपये आ रहा था तो कम से कम इतना भुगतान एडवांस में जमा करा दें।
प्रीपेड मीटर की शुरुआत से अब तक क्या हुआ
5.94 लाख स्मार्ट प्रीपेड मीटर लगने हैं
3.27 लाख स्मार्ट मीटर लगाए जा चुके
300569 को प्रीपेड मीटर में बदला गया
2.26 लाख अब तक निगेटिव बैलेंस में थे
36.9 करोड़ रुपये का बिल इन पर बकाया
13 से 31 मार्च के बीच यह हुआ
13 मार्च से कनेक्शन काटा जाना शुरु हुआ
6,7376 कनेक्शन अब तक काटे जा चुके
20.99 करोड़ इन उपभोक्ताओं पर बकाया था
57,621 लोगों ने अब तक बिल जमा कराया
24 करोड़ रुपये इन उपभोक्ताओं ने जमा किया
9,755 उपभोक्ताओं ने बिल जमा नहीं किया है