अलीगढ़ नगर निगम: पांच घंटे चला प्रश्नकाल, छह सेकंड में पांच प्रस्ताव पास, वाटर चार्ज का बकाया होगा माफ
अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड अधिवेशन में शनिवार को शहरवासियों को बड़ी राहत दी गई। शहर पर जलमूल्य का करीब 50 करोड़ रुपये बकाया है। इसे माफ कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा।
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विस्तार
अलीगढ़ शहर के विकास और आमजन से जुड़ी समस्याओं पर मंथन के लिए नगर निगम बोर्ड का सामान्य अधिवेशन शनिवार को एक वर्ष के बाद हुआ। इसमें विकास के मुद्दों पर विस्तार से चर्चा के बीच कई महत्वपूर्ण निर्णय लिए गए। अधिवेशन में पांच घंटे का समय प्रश्नकाल में बीता और अंतिम छह सेकंड में एक अनुपूरक सहित कुल पांच प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिए गए। बोर्ड ने मच्छरों को पनपने के जिम्मेदारों पर जुर्माना लगाने वाला प्रस्ताव अगले अधिवेशन के लिए टाल दिया गया। प्रश्नकाल में आए सुझावों पर जल मूल्य, पथ प्रकाश, निर्माण, सफाई और अतिक्रमणमुक्त जमीनों पर कब्जे के मुद्दों पर हुए संवाद में मेयर व नगर आयुक्त ने खुलकर जवाब देते हुए महत्वपूर्ण निर्णय लिए हैं।
कल्याण सिंह हैबिटेट सेंटर में अधिवेशन तय समय से आधा घंटे देरी से वंदेमातरम गान के साथ शुरू हुआ। पार्षद योगेश सिंघल ने सबसे पहले हैबिटेट सेंटर के बाहर वाले चौराहे को पूर्व राष्ट्रपति एपीजे अब्दुल कलाम के नाम से करने का सुझाव रखा। पार्षद दीपक चौधरी व संजय पंडित ने शहर में दो पार्क पंडित श्यामा प्रसाद मुखर्जी व शहीदों के नाम करने का सुझाव रखा। तीनों सुझाव सदन ने ध्वनिमत से पारित किए और मेयर प्रशांत सिंघल को कार्यवाही करने के निर्देश दिए।
पार्षद कुलदीप पांडेय ने जल मूल्य के बिल संपत्तिकर के बिल में शामिल करने और पथ प्रकाश व्यवस्था के प्रश्न उठाए। नगर आयुक्त प्रेम प्रकाश मीणा ने दोनों विषयों पर चल रही कार्यवाही और लिए गए निर्णयों से अवगत कराया। पुष्पेंद्र सिंह जादौन ने निर्माण कार्यों की गुणवत्ता पर सवाल उठाया और उनके क्षेत्र में हाे रहे एक-एक कार्य का पूरा ब्योरा मांगा। साथ ही बेगपुर में जर्जर बरातघर की मरम्मत व बच्चों के लिए लाइब्रेरी खुलवाने की मांग रखी। इस दौरान क्रमवार सभी 100 में से लगभग 50 पार्षदों की ओर से प्रश्न व सुझाव रखे गए। इसके चलते लंच के बाद पांच बजे तक प्रश्नकाल चलता रहा और पार्षदों के सवालों का मेयर व नगर आयुक्त जवाब देते रहे। इस दौरान एक-दूसरे पर चुटकी लेने व बीचबीच में तीखी बहस का विषय भी उठा। सदन में आए सभी नामित पार्षदों को भी बोलने का अवसर दिया गया।
जब किताब खोलकर नगर आयुक्त ने बताए अधिकार
पार्षद दिनेश जादौन ने सवाल रखा कि 1176 बी यानी आपातकालीन स्थिति में बिना स्वीकृति कितने काम हुए हैं उनका ब्योरा दिया जाए। इन कामों से कार्यकारिणी या सदन को क्यों अवगत नहीं कराया गया। इस पर नगर आयुक्त ने चुटकी लेते हुए कहा कि उनका पेपर लीक हो गया है इसलिए वे पूरी तैयारी के साथ आए हैं। यह कहते ही उन्होंने नगर निगम अधिनियम कानून संबंधी किताब खोल ली। इस पर पार्षद अनिल सेंगर खड़े हुए और दिनेश जादौन के सवाल का समर्थन करते हुए कहा कि आप जवाब दीजिए। इस पर नगर आयुक्त जब जवाब देने लगे तो बीच में टोकने पर उनमें बहस हो गई। अंत में नगर आयुक्त ने कानून पढ़कर बताया और कहा कि उसी अधिकार से काम कराए हैं और आज सदन को उन कामों से अवगत कराया जा रहा है। लंबी बहस के बाद सदन ने इस मुद्दे को भी सहमति देकर समाप्त किया।
सफाई, मार्ग प्रकाश व जलभराव पर बोले आयुक्त, हो रहा सुधार
पार्षद वीरेंद्र सिंह, कुलदीप पांडेय व हारुन अहमद की ओर से शहर में सुकमा कंपनी की ओर से की जा रही सफाई, मार्ग प्रकाश व्यवस्था व जलभराव पर सवाल उठाए गए। इस पर नगर आयुक्त ने कहा कि लगातार सुधार हो रहा है। सुकमा पूरी तरह सही काम नहीं कर रही। अधिकतर कूड़ा पॉइंट खत्म करना हमारी उपलब्धि है। कूड़ा गाड़ियों की निगरानी, कर्मचारियों की लापरवाही पर भी ध्यान दे रहे हैं। मार्ग प्रकाश में बहुत सुधार हो रहा है। 15 अगस्त तक और सुधार दिखेगा। जलभराव की स्थिति में सुधार हुआ है। शाहजमाल को छोड़ दें तो बाकी जगह काफी अच्छी स्थिति है। इस वर्ष के अंत तक शाहजमाल, सराय रहमान, छर्रा अड्डा सहित बाकी जगह समस्या का समाधान किया जाएगा।
अधिशासी अभियंता पर भड़के नगर आयुक्त
पार्षदों ने निर्माण संबंधी विषयों पर शिकायत व सुझाव रखे गए। बार-बार आ रही शिकायतों पर सवाल उठा कि अधिशासी अभियंता (निम) सुनवाई नहीं करते हैं। इस पर उन्होंने अभियंता के बारे में पूछा तो पता चला कि वे आए नहीं हैं। इस पर नगर आयुक्त ने अवर अभियंता को चेतावनी देकर कहा कि उन्हें तत्काल बुलाइए वरना ठीक नहीं होगा। बाद में अभियंता के आने पर उन्हें हिदायत दी गई।
लैपटॉप वितरण-राष्ट्रगान संग समाप्त हुआ सदन
दोपहर में दो बजे लंच के बाद फिर शाम पांच बजे तक सदन की कार्यवाही चलती रही। प्रश्न काल पूरा होते ही मेयर की ओर से अनुपूरक सहित छह प्रस्तावों पर सदन से सहमति मांगी गई। सदन ने सामूहिक रूप से मच्छरजनित हालात पैदा करने पर कानून बनाने संबंधी प्रस्ताव अगली बैठक में रखने का निर्णय लिया। बाकी पांच प्रस्ताव ध्वनिमत से पारित कर दिए। सभी नामित पार्षदों को लैपटॉप वितरण किया गया। दिवंगत पार्षद हितेंद्र कुमारी के निधन पर शोक व्यक्त करने व राष्ट्रगान के बाद अध्यक्षता कर रहे मेयर प्रशांत सिंघल ने सदन स्थगन की घोषणा की। अपर नगर आयुक्त राकेश यादव, सचिव सदन सहायक नगर आयुक्त तपस्या यादव सहित निगम के सभी विभागों के अधिकारी व पार्षद मौजूद रहे।
ये हुए बड़े निर्णय
- ई-रिक्शा लाइसेंस बनवाने पर 10 प्रतिशत की छूट 31 जुलाई 2026 तक बढ़ाई गई
- लाल डिग्गी चौराहा बनेगा मिसाइल मैन चौक, पूर्व राष्ट्रपति अब्दुल कलाम आजाद के नाम से होगा कायाकल्प
- ईईएसएल नहीं देखेगी अब मार्ग प्रकाश व्यवस्था, हेलोनेक्स के बजाय अब हेवल्स-फिलिप्स की लाइटें ही लगेंगी
- जिन जगहों पर विद्युत पोल नहीं वहां अपने पोल लगाकर नगर निगम करेगा मार्ग प्रकाश व्यवस्था
- हर वार्ड में दो मुख्य मार्ग स्मार्ट सिटी मार्ग की तर्ज पर होंगे विकसित
- जन्म व मृत्यु प्रमाण पत्र बनवाने के लिए अब पार्षद के लेटर की अनिवार्यता समाप्त
- पार्षदों को प्रतिमाह 1500 रुपये यात्रा भत्ते के प्रस्ताव पर शासन से बात करके लिया जाएगा निर्णय
- जिन जगहों को कब्जा मुक्त कराया, वहां कब्जे की शिकायतों पर तत्काल कार्रवाई के दिए गए निर्देश
- शहर में ठेल-ढकेले व खोखे वाले ही नहीं बड़े लोग अतिक्रमण करने पर आएंगे कार्रवाई की जद में
- नगर निगम के संविदाकर्मियों का वेतन बढ़ाने की मांग पर विचार का निर्णय
- सफाईकर्मियों के लिए हर वार्ड में बनेंगे हाजिरी-आराम के लिए पक्के स्थल, सुरक्षा उपकरण मिलेंगे
- पार्षदों की मांग व आवश्यकता के आधार पर 354 निर्माण कार्यों की प्रशासनिक व वित्तीय स्वीकृति
ध्वस्त किया जाएगा तस्वीर महल बाजार, बनेगा कांप्लेक्स
नगर निगम की 50 वर्ष पुरानी तस्वीर महल मार्केट के दो भूखंडों पर बनी दुकानें व उस पर बने आवास जर्जर हैं। इसी तरह भमोला में पुराने सरकारी आवास 2009 में नगर निगम को मिल गए हैं उन्हें खाली करा लिया गया है। वहीं खैर रोड पर भी एक भूमि नगर निगम को मिली है। तीनों जगह कांप्लेक्स बनाए जाएंगे। बैठक के बीच में छठवें प्रस्ताव के रूप में एक अनुपूरक प्रस्ताव भी लाया गया। इसमें निगम के स्वामित्व वाली नजूल फ्रीहोल्ड भूमि पर पुराने व जर्जर भवनों को हटाकर अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के साथ एमओयू के तहत आधुनिक व्यावसायिक एवं आवासीय कॉम्प्लेक्स विकसित करना तय किया है। इससे निगम की आय में वृद्धि होगी। इसे सहमति से पास कर दिया गया।
मेयर पार्षदों को कराते रहे शांत, बढ़ाते रहे प्रश्नकाल
इस पूरे अधिवेशन में अध्यक्षता कर रहे मेयर प्रशांत सिंघल अभिभावक की भूमिका में नजर आए। जब भी बहस होती मेयर पार्षद को शांत कराते हुए बात आगे बढ़ाने का इशारा करते। कई पार्षद तो ऐसे भी रहे जिन्होंने मेयर के इशारे पर अपनी बात बीच में ही रोक दी। इसी तरह सपा पार्षद इरशाद अहमद ने उनके वार्ड में सबसे कम काम होने की शिकायत की। उन्हें भी मेयर ने इसी के साथ शांत किया कि बैठकर बात करेंगे। इसी तरह नामित पार्षदों में अरुण कुमार, विपिन चंचल, अजीत कुमार, निर्वाचित पार्षदों में अब्दुल मुत्तलिब, मुशर्रफ महजर, संजय पंडित, योगेश सिंघल आदि को मेयर ने बीच में दखल देकर शांत किया और मुद्दे पर बात करने का इशारा किया।
जलमूल्य का 50 करोड़ का बकाया होगा माफ, भेजा जाएगा प्रस्ताव
अलीगढ़ नगर निगम बोर्ड अधिवेशन में शनिवार को शहरवासियों को बड़ी राहत दी गई। शहर पर जलमूल्य का करीब 50 करोड़ रुपये बकाया है। इसे माफ कराने के लिए शासन को प्रस्ताव भेजा जाएगा। मेयर और नगर आयुक्त ने इस प्रस्ताव पर सहमति दी। उन्होंने कहा कि अगर यह माफ होता है तो शहर को बड़ी राहत मिलेगी। पार्षदों ने संपत्तिकर के साथ जलमूल्य बिल भेजने की नई व्यवस्था पर सवाल उठाए।
कुलदीप पांडेय, वीरेंद्र सिंह, अनिल सेंगर, पुष्पेंद्र सिंह जादौन और नईम अहमद ने इस पर चर्चा की। पार्षदों ने तर्क दिया कि नए बिलों में पुराने बकाये को शून्य दर्शाना गलत है। उन्होंने बकाये के खाने में रिक्त स्थान रखने का सुझाव दिया। नगर आयुक्त ने बताया कि शहर में लगभग 3 लाख भवन हैं। पहले सवा लाख बिल जारी होते थे और 70 हजार जलमूल्य के बिल जमा होते थे। पिछले वर्ष पौने तीन करोड़ और इस वर्ष दो करोड़ रुपये की वसूली हुई है। 34 करोड़ रुपये की बिलिंग लंबित है, जिससे कुल बकाया 50 करोड़ रुपये है।
बिल वितरण और आपत्तियां
नगर निगम ने 2026-05-18 के आसपास संपत्तिकर के बिल में जलमूल्य का बिल शामिल करना शुरू किया था। कुछ पार्षद शुरुआत से ही इसका विरोध कर रहे थे। नई व्यवस्था के तहत 42 हजार बिल जारी हुए हैं। इनमें 1350 आपत्तियां मिली हैं, जिनमें से 750 का निस्तारण किया जा चुका है। बिलों के सही वितरण और आपत्ति निस्तारण के लिए एक समिति बनाई जाएगी।
नगर निगम बनाएगा समिति
पार्षदों ने सभी भवनों पर एक समान जलमूल्य लगाने को अनुचित बताया। इस पर सहमति बनी कि नगर निगम एक समिति बनाएगा। यह समिति भवनों के प्रकार और जरूरत के अनुसार जलमूल्य लागू करने के लिए उपविधि बनाएगी। जहां पाइपलाइन या जल संयोजन नहीं हैं, वहां जलमूल्य बिल नहीं भेजा जाएगा। जिन घरों में संयोजन हैं, वहां बिल अवश्य जाएगा, चाहे प्रयोग हो या नहीं। यह व्यवस्था 2026-07-25 के आसपास तय की जाएगी।
हर वार्ड में लगेंगे साप्ताहिक शिविर
पार्षदों की ओर से मुद्दे उठाए जाने पर यह भी तय किया गया कि प्रत्येक वार्ड में साप्ताहिक शिविर लगाए जाएंगे, जिनमें जन्म मृत्यु प्रमाणपत्र की समस्या, संपत्ति व जलकर संबंधी समस्या, पथ प्रकाश समस्या, कूड़ा, सफाई, पेयजल समस्याओं के निस्तारण की प्रक्रिया अपनाई जाएगी। इस बैठक में भी कई जगहों से पेयजल की समस्या बताई गई। इस पर नगर आयुक्त ने तत्काल जीएम जल को निर्देश दिए कि वे इन विषयों को नोट कर लें। उन सभी जगहों पर सोमवार से मौके पर जाना शुरू कर दें।