Aligarh: जवां का जवान जम्मू-कश्मीर में हुआ बलिदान, परिजन बार-बार हो रहे बेहोश, आज आ सकता है पार्थिव शरीर
जम्मू कश्मीर के डोडा जिले की 9,000 फीट ऊंचे खन्नीटॉप में मौसम खराब होने से सेना का वाहन दो सौ फीट गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें 10 जवानों का बलिदान हुआ है, 11 घायल हुए है, जिनमें से 10 को एयरलिफ्ट कर ऊधमपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
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जम्मू-कश्मीर के डोडा जिले में सेना के वाहन के 200 फीट गहरी खाई में गिरने से 10 बलिदानी जवानों में अलीगढ़ के जवां क्षेत्र के गांव दाऊपुर का मोनू (24) भी शामिल है। मोनू के बलिदान की खबर से गांव में मातम छाया हुआ है। माता-पिता और पत्नी बार-बार बेहोश हो रहे हैं। बलिदानी जवान मोनू के पार्थिव शरीर को 24 जनवरी को गांव लाए जाने की संभावना है।
गांव दाऊपुर में बलिदानी जवान मोनू के ताऊ के बेटे बसंत चौधरी ने बताया कि उनके चाचा प्रताप सिंह के तीन बेेटे सोनू, मोनू और प्रशांत में से मोनू और प्रशांत की वर्ष 2019 में सेना में चार राष्ट्रीय राइफल्स में नौकरी लग गई थी, वर्तमान में दोनों की तैनाती जम्मू-कश्मीर में है। सबसे बड़े भाई सोनू गांव में रहकर खेतीबाड़ी करते हैं। परिजनों के मुताबिक मोनू और उनसे छोटे प्रशांत पढ़ाई में तेज थे और सेना में जाने के इच्छुक होने के कार बुलंदशहर के खुर्जा तहसील के गांव बगरई में ही रहकर पढ़ाई करने के साथ सेना में जाने की तैयारी की थी, अपना पता भी यहीं का लिखा रखा है।
हादसे की भाई को दी गई जानकारी
मोनू के तयेरे भाई ने बताया कि बृहस्पतिवार को अपराह्न करीब साढ़े तीन बजे मोनू की मां मालती देवी के पास एक फोन आया और पूछा गया कि मोनू के बारे में जानकारी करते हुए पूछा कि आप मोनू की कौन है, उनके द्वारा मां कहने पर दूसरी ओर से फोन काट दिया। इस पर मां को कुछ शक हुआ और वह मोबाइल लेकर अपने सबसे छोटे बेटे प्रशांत के पास गई और उसे नए नंबर से आए फोन की जानकारी दी। इस पर प्रशांत ने उस नंबर पर फोन किया तो वहां चार राष्ट्रीय राइफल के कर्नल ने सेना के वाहन के खाई में गिरने से मोनू के बलिदान की खबर दी।
माता-पिता और पत्नी बार-बार हो रहे बेहोश
इस खबर से खबर में घर में कोहराम मच गया। गांव में शोक की लहर दौड़ गई। घर पर शोक संवेदना व्यक्त करने वालों का तांता लगा हुआ है लेकिन सदमे से माता-पिता के साथ पत्नी पूजा का बार-बार बेहोश हो रहे हैं, वह बात करने की स्थिति में नहीं हैं। प्रशांत की हालत भी बदहवासी की है, वह सेना में अधिकारियों से बात कर बलिदानी मोनू के पार्थिव शरीर के आने के बारे में जानकारी कर रहा है लेकिन अब तक मिली जानकारी के अनुसार मोनू का पार्थिव शरीर शनिवार को आने की संभावना है।
मोनू की डेढ़ साल की बेटी है
परिजनों ने बताया कि सेना में नौकरी लगने के बाद दोनों भाइयों की शादी वर्ष 2023 में इगलास के गांव साथ बावनी निवासी दो सगी बहनों से हुई, जिसमें पूजा मोनू की ओर नेहा प्रशांत की पत्नी है। मोनू की डेढ़ साल की बेटी देविका है। मोनू करीब दो माह पूर्व ही छुट्टी लेकर गांव आने के बाद वापस गया था। इसके बाद प्रशांत 15 दिन से छुट्टी लेकर गांव में आया हुआ है। परिजनों का कहना था कि मोनू की तैनाती हमेशा सीमा के पास ही रहती थी।
बुधवार को आखिरी बार पत्नी से बात की
परिजनों के मुताबिक मोनू का आखिरी बार फोन बृहस्पतिवार को सुबह 11 बजे आया था और मां और परिजनों ने बात करने के बाद पत्नी से बात की, बताते हैं कि इस दौरान मोनू ने कहा था कि पहाड़ इतने ऊंचे-ऊंचे हैं कि वह तेरा नाम ले ले कर ऊपर चढ़ रहा हूं।
यह है मामला
ज्ञात रहे जम्मू कश्मीर के डोडा जिले की 9,000 फीट ऊंचे खन्नीटॉप में मौसम खराब होने से सेना का वाहन दो सौ फीट गहरी खाई में गिर गया था, जिसमें 10 जवानों का बलिदान हुआ है, 11 घायल हुए है, जिनमें से 10 को एयरलिफ्ट कर ऊधमपुर के अस्पताल में भर्ती कराया गया है।
