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AMU: शरजील के समर्थन में जेएनयू में नारेबाजी, एएमयू में हाई अलर्ट जारी, सोशल मीडिया पर भी बढ़ी निगरानी

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Thu, 08 Jan 2026 01:07 PM IST
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सार

विवि प्रशासन उन छात्रों पर पैनी नजर रख रहा है, जिन्होंने साल 2020 में शरजील को एएमयू में आमंत्रित किया था या उसके विवादित कार्यक्रमों में शामिल रहे थे।
 

AMU on high alert after slogans raised in support of Sharjeel in JNU
शरजील इमाम - फोटो : फाइल फोटो
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विस्तार
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जवाहरलाल नेहरू विश्वविद्यालय (जेएनयू) में शरजील इमाम के समर्थन में हुई हालिया नारेबाजी की गूंज अब अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय (एएमयू) में भी सुनाई दे रही है। शरजील इमाम के पुराने रिकॉर्ड और एएमयू से उसके जुड़ाव को देखते हुए विश्वविद्यालय प्रशासन ने हाई अलर्ट जारी कर दिया है। विवि प्रशासन उन छात्रों पर पैनी नजर रख रहा है, जिन्होंने साल 2020 में शरजील को एएमयू में आमंत्रित किया था या उसके विवादित कार्यक्रमों में शामिल रहे थे।

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विवाद की जड़ें 16 जनवरी 2020 को एएमयू में दिए गए शरजील इमाम के उस भाषण में हैं, जिसने पूरे देश में तूल पकड़ा था। नागरिकता संशोधन अधिनियम (सीएए) के विरोध के दौरान शरजील ने भारत की भौगोलिक अखंडता को लेकर आपत्तिजनक टिप्पणी की थी। उसने पूर्वोत्तर भारत को जोड़ने वाले सिलीगुड़ी कॉरिडोर (चिकन नेक) को काटने और पांच लाख लोगों के साथ मिलकर असम को शेष भारत से अलग करने की बात कही थी। हालांकि शरजील ने बाद में इसे सिर्फ चक्का जाम का आह्वान बताया था, लेकिन इस भाषण के बाद उत्तर प्रदेश सहित कई राज्यों में उस पर राजद्रोह सहित कुल छह पुलिस रिपोर्ट दर्ज हुई थीं। जिसके बाद उसकी गिरफ्तारी हुई थी।
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अलीगढ़ मुस्लिम विश्वविद्यालय प्रशासन और खुफिया एजेंसियां उन छात्रों की प्रोफाइल खंगाल रही हैं, जो 2020 में शरजील के साथ मंच साझा कर रहे थे। गौरतलब है कि 19 दिसंबर 2020 को भी एएमयू में शरजील, उमर खालिद और मीरान हैदर के समर्थन में विरोध प्रदर्शन की कोशिश हुई थी। उस वक्त छात्रों ने मार्च तो नहीं निकाला, लेकिन मौलाना आजाद लाइब्रेरी पर इकट्ठा होकर दिल्ली दंगों के आरोपियों की रिहाई की मांग की थी। आईआईटी-बॉम्बे से कंप्यूटर विज्ञान में स्नातक और जेएनयू से आधुनिक भारतीय इतिहास में पीएचडी कर रहे शरजील इमाम की पहचान शाहीन बाग आंदोलन के मुख्य समन्वयकों में से एक के रूप में रही है। उसकी इसी सक्रियता और एएमयू में उसके गहरे प्रभाव को देखते हुए प्रशासन किसी भी संभावित अप्रिय घटना या उकसावे वाली नारेबाजी को रोकने के लिए मुस्तैद है।

एएमयू प्रशासन ने छात्रों से शांति बनाए रखने और परिसर के शैक्षणिक माहौल को प्रभावित न करने की अपील की है। सोशल मीडिया पर भी निगरानी बढ़ा दी गई है। शरजील के खिलाफ पुलिस रिपोर्ट भी दर्ज है। कानून अपना काम करेगा।-प्रो. वसीम अली, प्रॉक्टर एएमयू।

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