{"_id":"69db78bd24b100dff90cba3b","slug":"asha-bhosle-gave-voice-to-the-ghazals-of-amu-shahryar-2026-04-12","type":"story","status":"publish","title_hn":"Asha Bhosle: 'इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं...' एएमयू के शहरयार की गजलों को आवाज दी आशा भोंसले ने","category":{"title":"City & states","title_hn":"शहर और राज्य","slug":"city-and-states"}}
Asha Bhosle: 'इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं...' एएमयू के शहरयार की गजलों को आवाज दी आशा भोंसले ने
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: Chaman Kumar Sharma
Updated Sun, 12 Apr 2026 04:20 PM IST
विज्ञापन
सार
मशहूर गायिका आशा भोसले का 92 वर्ष की उम्र में निधन हो गया। एएमयू के शहरयार की गजलों को फिल्म उमराव जान में आशा भोसले ने आवाज दी। इस फिल्म के गीत आज भी मन को मोह लेते हैं।
आशा भोसले
- फोटो : अमर उजाला
विज्ञापन
विस्तार
अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी के उर्दू विभाग के पूर्व प्रोफेसर और मशहूर शायर शहरयार की गजलों ने हिंदी सिनेमा में भी अपनी अमिट छाप छोड़ी है। खास तौर पर फिल्म उमराव जान में उनकी लिखी गजलों को जब आशा भोसले ने अपनी मधुर आवाज दी, तो वे हमेशा के लिए अमर हो गईं।
Trending Videos
फिल्म में “दिल चीज क्या है…”, “इन आंखों की मस्ती के मस्ताने हजारों हैं” और “जुस्तजू जिसकी थी…” जैसी गजलों ने श्रोताओं के दिलों में खास जगह बनाई। इन गजलों को रेखा पर फिल्माया गया, जबकि संगीतकार खय्याम के संगीत ने उन्हें और भी यादगार बना दिया।
विज्ञापन
विज्ञापन
शहरयार की शायरी में मोहब्बत, दर्द और तहज़ीब की गहराई साफ झलकती है। उनकी रचनाएं न केवल साहित्य जगत में बल्कि फिल्मी दुनिया में भी आज तक सराही जाती हैं। अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी से जुड़े होने के कारण शहरयार का इस शहर से गहरा नाता रहा है। उनकी ग़ज़लों की लोकप्रियता आज भी कायम है और नई पीढ़ी के बीच भी उतनी ही पसंद की जाती है, जितनी पहले थी।