Defence: अलीगढ़ में जल्द बनने लगेंगे बुलेटप्रूफ जैकेट व एआई ड्रोन, अब तक बन रहे 300 से अधिक उत्पाद
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 2021 में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करते हुए पांच नोड बनाए। जिनमें एक नोड अलीगढ़ में खैर रोड पर अंडला में विकसित किया गया। जहां अभी तक पांच इकाइयों में उत्पादन शुरू हुआ है।
विस्तार
अलीगढ़ डिफेंस कॉरिडोर अंडला नोड आने वाले समय में देश के रक्षा क्षेत्र को हथियार उपकरण सप्लाई का बड़ा गढ़ बनेगा। यह संकेत अभी से मिलने लगे हैं। यू्क्रेन के बाद अब ईरान युद्ध के चलते अलीगढ़ पर रक्षा क्षेत्र के अधिकारियों की नजर है और लगातार यहां के रक्षा उत्पाद निर्माताओं के संपर्क में हैं। इसी का परिणाम है कि वो दिन दूर नहीं, जब अंडला स्थित डिफेंस कॉरिडोर में बुलेटप्रूफ जैकेट व एआई आधारित ड्रोन बनने लगेंगे। इसके लिए खुद रक्षा उत्पाद निर्माताओं ने प्रयास तेज कर रखे हैं। संभव है कि डिफेंस कॉरिडोर की तीन और इकाइयों में मार्च के अंत या अप्रैल में उत्पादन शुरू हो जाए।
केंद्र सरकार द्वारा प्रदेश में 2021 में डिफेंस कॉरिडोर विकसित करते हुए पांच नोड बनाए। जिनमें एक नोड अलीगढ़ में खैर रोड पर अंडला में विकसित किया गया। जहां अभी तक पांच इकाइयों में उत्पादन शुरू हुआ है। जिनमें एक इकाई इसरो को सेटेलाइट मार्किंग साझा करती है। एक निजी क्षेत्र व सेना-पुलिस के लिए हथियार उत्पादन कर रही है। तीन अन्य इकाइयों में छोटे मोटे उत्पाद तैयार हो रहे हैं। अब तीन इकाइयां जल्द शुरू होने जा रही हैं जो सीधे रक्षा क्षेत्र को कलपुर्जे व अन्य उत्पाद बनाकर देंगी। उनमें से दो की पुरानी यूनिटें शहर में चल रही हैं। दिसंबर माह में यूपीडा अफसरों की अलीगढ़ में हुई मीटिंग में मार्च तक उनके द्वारा उत्पादन शुरू करने का वायदा किया गया था। उसी वायदे के अनुसार उनकी डिफेंस कॉरिडोर यूनिटों पर काम तेजी से चल रहा है। संकेत हैं कि मार्च के अंत या अप्रैल तक वे काम शुरू कर देंगी।
अलीगढ़ के ताला हार्डवेयर कारोबार से जुड़े श्रमिकों व उत्पादकों की क्षमता को देखते हुए यहां डिफेंस कॉरिडोर विकसित किया गया। जिसमें हम लोगों ने भूमिका निभाते हुए रक्षा उपकरणों में लगने वाले 300 से अधिक कलपुर्जे बनाना शुरू कर दिया है। आने वाले दिनों में हमारी इकाई डिफेंस कॉरिडोर में उत्पादन शुरू करेगी।-तरुण सक्सेना, निवेशक, डिफेंस कॉरिडोर
अलीगढ़ में डिफेंस कॉरिडोर स्थापित हुआ। यह हमारे लिए गौरव की बात है। उसी दिशा में कदमताल करते हुए हम इसमें सहयोगी बन रहे हैं। अलीगढ़ का डिफेंस कॉरिडोर आने वाले दिनों में रक्षा क्षेत्र में महती भूमिका निभाएगा। हमारी इकाई भी जल्द उत्पादन शुरू करेगी।-धनजीत वाडरा, निवेशक, डिफेंस कॉरिडोर
अब तक बन रहे ये 300 से अधिक उत्पाद
पिस्टल, रिवाल्वर, सेटेलेटाइट मार्किंग, कई तरह के ग्रेनेड, कारतूस,फाइटर प्लेनों में प्रयोग होने वाला स्मॉग व बुलट फ्लेयर। बोफोर्स, पृथ्वी, ब्रह्मोस मिसाइल-तोपों में प्रयोग होने वाले 100 प्रकार के पिन, नॉब आदि उत्पाद। फाइटर प्लेनों में सबसे आगे लगी होने वाली सिग्रल पिन व खाली ग्रेनेड सहित कई छोटे उत्पाद। माइंस, डेटोनेटर, जिलेटिन डिस्पोज मशीनों से जुड़े 300 से अधिक कलपुर्जे बनते हैं। इन सभी उत्पादों को डीआरडीओ से पास होने के बाद ही डीआरडीओ सहित कई विदेशी बाजारों में भी भेजा जाता है। इन उत्पादों के जरिये बने मिसाइलों व लड़ाकू विमान सरीखे रक्षा हथियारों का प्रयोग हाल में ऑपरेशन सिंदूर तक में हुआ है। जो बेहद कारगर साबित हुए।
ये जल्दी बनने लगेंगे
एआई तकनीक आधारित कई प्रकार के विशेष ड्रोन-एंटी ड्रोन, जल-थल पर प्रयोग होने वाले कई प्रकार माइंस, तोप में लगने वाले उपकरण, बुलेट प्रूफ जैकेट बनाने जा रही हैं।
ये है ताजा स्थिति
- 5 पर इकाइयों में उत्पादन जारी
- 3 पर निर्माण पूरा, मार्च में उत्पादन शुरू
- 4 पर बाउंड्रीवाल पूरी, निर्माण तेज
- 6 पर बाउंड्रीवाल बनी, बाकी शुरू नहीं
- 3 पर अभी तक निर्माण ही शुरू नहीं
- 3 पर प्लाट निरस्त, पुन: आवंटन होगा
ये तथ्य भी जानें
- अंडला नोड आर्टलरी के लिए विकसित, कानपुर नोड टैंटेज के लिए विकसित, लखनऊ नोड चमड़ा गुड्स के लिए विकसित, झांसी नोड एयरफोर्स उत्पादों के लिए विकसित और कुशी नगर नोड फूड आपूर्ति के लिए विकसित।
- अंडला नोड में सभी प्लाट आवंटित होने व अब बारूदी उत्पाद बनाने के लिए जीटी रोड पर धनीपुर एयरपोर्ट से आगे विकसित किया जा रहा है। जहां जल्द नक्शा आदि पास होने के बाद प्लाट आवंटन की प्रक्रिया शुरू होगी।
