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Aligarh News: सीएम ने मांगा हिसाब, अलीगढ़ से 13 भू-माफिया का ब्योरा सौंपा
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प्रदेश सरकार के सख्त रुख के बीच मुख्यमंत्री स्तर से भू-माफियाओं पर कार्रवाई का ब्योरा तलब किए जाने पर अलीगढ़ प्रशासन ने अपनी रिपोर्ट शासन को सौंप दी है। इस रिपोर्ट में जिले में सिर्फ 13 भू-माफिया चिह्नित किए गए हैं, जबकि जमीनी हकीकत इससे कहीं ज्यादा जटिल तस्वीर पेश कर रही है।
अलीगढ़ विकास प्राधिकरण के आंकड़ों के मुताबिक, जिले में करीब 500 अवैध कॉलोनियां विकसित हो चुकी हैं और हर महीने औसतन 80 से अधिक जमीन विवाद सामने आ रहे हैं। ऐसे में सवाल उठ रहा है कि जब अवैध कब्जों और प्लॉटिंग का दायरा इतना व्यापक है, तो प्रशासनिक रिकॉर्ड में भू-माफियाओं की संख्या इतनी सीमित कैसे है।
शासन सख्त, अब ‘ऑपरेशन क्लीन’ की तैयारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और एडीए ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कब्जाई गई जमीनों का चिन्हांकन कर उन्हें मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
कागजों में सीमित, जमीन पर फैलाव बड़ा
प्रशासनिक रिपोर्ट में बन्ना देवी, क्वार्सी, टप्पल, हरदुआगंज और अकराबाद थानों में कुल 13 भू-माफिया चिन्हित हैं। इनमें से अधिकांश के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई दिखाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध कॉलोनियों और कब्जों का नेटवर्क इससे कहीं बड़ा नजर आता है।
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अंदर ही अंदर फैल रहीं अवैध कॉलोनियां
अवैध कॉलोनियों का मुद्दा अभी भी बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। बिना मानचित्र पास कराए तेजी से विकसित हो रहीं इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही वैधता, जिससे भविष्य में हजारों लोगों के सामने कानूनी संकट खड़ा हो सकता है।
तीन बड़े केस से समझें जमीनी हकीकत
1. टप्पल/जेवर: गैंगस्टर एक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन कुर्क, फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध प्लॉटिंग
2. किशनपुर: 13 साल पुराने कब्जे को ध्वस्त कर 12 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त
3. शहर क्षेत्र: रेलवे रोड, अब्दुल करीम चौराहा, कोतवाली समेत कई इलाकों में नगर निगम ने अतिक्रमण हटाया।
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वर्जन
. सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे अब नहीं हैं। शिकायत मिलने पर प्राथमिकता से निस्तारण कराया जा रहा है। कॉलोनियों के नियमन की प्रक्रिया अलग है। - संजीव रंजन, डीएम
सरकारी रिकॉर्ड में 13 भू-माफिया, 12 जेल से बाहर
थाना
चिह्नित भू-माफिया
जेल से बाहर
बन्ना देवी 4 4
अकराबाद 1 1
हरदुआगंज 1 1
क्वार्सी 4 3
टप्पल 3 3
कुल
13
12
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शासन सख्त, अब ‘ऑपरेशन क्लीन’ की तैयारी
मुख्यमंत्री के निर्देश के बाद जिला प्रशासन और एडीए ने सरकारी जमीनों पर कब्जा करने वालों के खिलाफ कार्रवाई तेज करने की तैयारी शुरू कर दी है। अधिकारियों के अनुसार, कब्जाई गई जमीनों का चिन्हांकन कर उन्हें मुक्त कराने की प्रक्रिया तेज की जा रही है।
कागजों में सीमित, जमीन पर फैलाव बड़ा
प्रशासनिक रिपोर्ट में बन्ना देवी, क्वार्सी, टप्पल, हरदुआगंज और अकराबाद थानों में कुल 13 भू-माफिया चिन्हित हैं। इनमें से अधिकांश के खिलाफ गुंडा एक्ट और गैंगस्टर की कार्रवाई दिखाई गई है, लेकिन जमीनी स्तर पर अवैध कॉलोनियों और कब्जों का नेटवर्क इससे कहीं बड़ा नजर आता है।
अंदर ही अंदर फैल रहीं अवैध कॉलोनियां
अवैध कॉलोनियों का मुद्दा अभी भी बड़ा सिरदर्द बना हुआ है। बिना मानचित्र पास कराए तेजी से विकसित हो रहीं इन कॉलोनियों में न तो बुनियादी सुविधाएं हैं और न ही वैधता, जिससे भविष्य में हजारों लोगों के सामने कानूनी संकट खड़ा हो सकता है।
तीन बड़े केस से समझें जमीनी हकीकत
1. टप्पल/जेवर: गैंगस्टर एक्ट के तहत 100 करोड़ रुपये से अधिक की जमीन कुर्क, फर्जी कंपनियों के जरिए अवैध प्लॉटिंग
2. किशनपुर: 13 साल पुराने कब्जे को ध्वस्त कर 12 करोड़ की सरकारी जमीन मुक्त
3. शहर क्षेत्र: रेलवे रोड, अब्दुल करीम चौराहा, कोतवाली समेत कई इलाकों में नगर निगम ने अतिक्रमण हटाया।
वर्जन
. सरकारी जमीनों पर अवैध कब्जे अब नहीं हैं। शिकायत मिलने पर प्राथमिकता से निस्तारण कराया जा रहा है। कॉलोनियों के नियमन की प्रक्रिया अलग है। - संजीव रंजन, डीएम
सरकारी रिकॉर्ड में 13 भू-माफिया, 12 जेल से बाहर
थाना
चिह्नित भू-माफिया
जेल से बाहर
बन्ना देवी 4 4
अकराबाद 1 1
हरदुआगंज 1 1
क्वार्सी 4 3
टप्पल 3 3
कुल
13
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