फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Aligarh News ›   Crops being sold hand-to-hand in mandi

बंपर डिमांड: मक्का बना सोना, मंडियों में पहुंचते ही हाथों-हाथ बिक रही फसल, मिल रहे अच्छे दाम

Sun, 26 Jul 2026 05:40 PM IST
Chaman Kumar Sharma रिंकू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
रिंकू शर्मा, अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sun, 26 Jul 2026 05:40 PM IST
सार

इस वर्ष मक्का की चौतरफा मांग का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिल रहा है। अच्छी गुणवत्ता के साथ-साथ नमी या दाने के रंग में हल्की कमी वाला मक्का भी बाजार में हाथों-हाथ खरीदा जा रहा है।

विज्ञापन
Crops being sold hand-to-hand in mandi
धनीपुर अनाज मंडी में लगा मक्का का ढेर - फोटो : संवाद

विस्तार

ताला और तालीम की नगरी के रूप में विश्वविख्यात अलीगढ़ अब ग्रेन-टू-फ्यूल क्रांति का एक नया केंद्र बन रहा है। जिले की कृषि उपज मंडियों में मक्के की जबरदस्त आवक और रिकॉर्ड तोड़ मांग देखी जा रही है। मंडी में पहुंचते ही मक्का हाथों-हाथ बिक रहा है। व्यापारियों के गोदामों से माल तुरंत उठ रहा है।

विज्ञापन


इस उछाल की मुख्य वजह एथेनॉल उत्पादन में मक्के की तेजी से बढ़ती खपत है। पिछले साल की अपेक्षा इस साल अब तक 4.52 लाख क्विंटल की आवक बढ़ चुकी है। खराब गुणवत्ता वाली मक्का को भी अच्छे दाम मिल रहे हैं। एथेनॉल क्रांति ने अलीगढ़ के किसानों को उपज का सही और प्रतिस्पर्धी दाम दिलाना सुनिश्चित किया है। इसने मक्के की खेती को जिले के कृषि अर्थशास्त्र का नया हीरो बना दिया है।
विज्ञापन


केंद्र सरकार की एथेनॉल ब्लेंडिंग प्रोग्राम नीति के तहत पेट्रोल में एथेनॉल का मिश्रण बढ़ाने पर जोर दिया जा रहा है। पहले एथेनॉल के लिए मुख्य रूप से गन्ने और शीरे का इस्तेमाल होता था। अब सरकार और डिस्टिलरीज का बड़ा फोकस मक्के जैसे अनाज पर शिफ्ट हो चुका है। देश भर में नए एथेनॉल प्लांट स्थापित होने से डिस्टिलरीज बड़े पैमाने पर मक्के की खरीद कर रही हैं। इससे अलीगढ़ की मंडियों से माल सीधा डिस्टिलरीज तक पहुंच रहा है। एथेनॉल उद्योग को साल भर निर्बाध आपूर्ति चाहिए। पोल्ट्री फार्म्स में मुर्गी के दाने की मुख्य खुराक मक्का ही है। इससे इसकी मांग लगातार बनी हुई है। मोटे अनाज के प्रोत्साहन और प्रोसेस्ड फूड व स्वीट कॉर्न की बढ़ती खपत के कारण भी बाजार में मक्के की मांग में खासी तेजी आई है।

विज्ञापन
विज्ञापन

खराब गुणवत्ता वाले मक्का को भी मिल रहे अच्छे दाम
इस वर्ष मक्का की चौतरफा मांग का सबसे बड़ा फायदा किसानों को मिल रहा है। अच्छी गुणवत्ता के साथ-साथ नमी या दाने के रंग में हल्की कमी वाला मक्का भी बाजार में हाथों-हाथ खरीदा जा रहा है। व्यापारियों का कहना है कि एथेनॉल उत्पादन के अलावा हॉटकुक्ड, पॉपकॉर्न, पशु आहार और मोटे अनाज आधारित उत्पादों की भारी खपत है। इसके चलते खराब गुणवत्ता वाले मक्का को भी तुरंत खरीदार मिल रहे हैं। गुजरात, मध्य प्रदेश और महाराष्ट्र समेत कई राज्यों के व्यापारी जनपद की मंडियों से लगातार खरीद कर रहे हैं। मांग अधिक होने के कारण मंडियों में मक्का की आवक बढ़ी है। किसानों को अपनी उपज बेचने में पहले की तुलना में बेहद सहूलियत हो रही है।

निजी खरीद में उछाल, मंडियों में 4.52 लाख क्विंटल की अधिक आवक
बाजार में आई इस तेजी का असर अलीगढ़ जिले की मंडियों के सरकारी आंकड़ों में भी साफ झलक रहा है। जिले में मक्का की निजी खरीद ने इस वर्ष अभूतपूर्व रफ्तार पकड़ ली है। 26 अप्रैल से 24 जुलाई तक जिले की चार प्रमुख मंडियों धनीपुर, छर्रा, अतरौली और खैर में मक्का की कुल आवक 16,45,613 क्विंटल दर्ज की गई। पिछले वर्ष इसी अवधि में यह आंकड़ा 11,92,910 क्विंटल था। इस तरह इस वर्ष अकेले चार मंडियों में ही 4.52 लाख क्विंटल से अधिक मक्के की आवक हुई है।

बायोफ्यूल कंपनियों की तरफ से आ रहे ऑर्डरों ने मंडी का पूरा माहौल बदल दिया है। पहले किसानों को फसल का सही मोल पाने के लिए हफ्तों इंतजार करना पड़ता था। अब जैसे ही ट्रॉली मंडी परिसर में रुकती है खरीदारों में बोली लगाने की होड़ मच जाती है।- मनोज सिंह
पोल्ट्री फीड और डिस्टिलरी इंडस्ट्रीज से इतनी अधिक मांग है कि स्टॉक करने की गुंजाइश ही नहीं बची। किसान रात को माल लाते हैं और सुबह तक गाड़ियां लोड होकर निकल जाती हैं। व्यापारियों के बीच कंपटीशन की वजह से किसानों को तुरंत भुगतान मिल रहा है।- हृदेश कुमार
इस बार गुजरात और एमपी से भी कारोबारी लगातार संपर्क कर रहे हैं। नमी या हल्के रंग वाले माल की भी हाथों-हाथ बिक्री हो रही है। अब गुणवत्ता को लेकर निरस्त करने की गुंजाइश खत्म हो गई है।- विक्की गुप्ता
मक्के का इस्तेमाल अब सिर्फ खाने या चारे तक सीमित नहीं रहा। एथेनॉल और फूड प्रोसेसिंग सेक्टर की वजह से इसका इंडस्ट्रियल इस्तेमाल बहुत तेजी से बढ़ा है। आने वाले समय में मक्के में तेजी का और बढ़ने की उम्मीद है।- विवेक कुमार सिंह
पहले उपज का उचित दाम पाने के लिए मंडियों व व्यापारियों के पास चक्कर लगाने पड़ते थे। इस बार मंडी पहुंचते ही फसल का सौदा हो गया। समय पर पूरा भुगतान मिलने से इस बार खेती की लागत आसानी से निकल आई हैं।- रामकुमार, रहमापुर
इस वर्ष मंडियों में मक्के की ऐसी कदर पहली बार देखी है। व्यापारियों में फसल खरीदने की होड़ मची है जिससे हमें मनमाफिक भाव मिल रहा है। बिना किसी टालमटोल के तुरंत नकद हाथ में आ रहा है। हमारी मेहनत पूरी तरह सफल हो गई।- जितेंद्र सिंह, जिराैली डोर
पहले अक्सर नमी या मामूली खराबी बताकर फसल की कीमतें गिरा दी जाती थीं, लेकिन इस बार हर तरह के मक्का की कद्र हो रही है। मंडी में माल बेचने में एक घंटे का समय भी नहीं लगा। हाथ के हाथ पैसा मिलने से अगली फसल की तैयारी के लिए कर्ज नहीं लेना पड़ेगा।- विवेक कुमार, दभाैरा
पहले मक्का बेचने के बाद महीनों तक उधारी वसूलने के लिए चक्कर काटने पड़ते थे। इस बार कंपनियों की मांग इतनी ज्यादा है कि व्यापारी खुद आगे बढ़कर नगद रुपये थमा रहे हैं। समय पर पैसा मिलने से जरूरतें पूरी हो गईं और खेती का पूरा खर्चा भी निकल आया।- अशोक कुमार, जलेसर
जिले में इस बार मक्का की बंपर फसल पैदा हुई है। पहले खरीद का लक्ष्य 750 मीट्रिक टन का था जिसे पूरा कर लिया गया। किसानों की संख्या को देखते हुए शासन से लक्ष्य बढ़ाने के लिए डीएम के जरिए पत्र व्यवहार किया गया था। इसके सापेक्ष 600 मीट्रिक टन खरीद का लक्ष्य मिला है। इसे पूरा करने के लिए मक्का की खरीद 31 जुलाई तक होगी।- सुनील भारती, जिला विपणन अधिकारी

अलीगढ़ मंडल में पैदावार का आंकड़ा (हेक्टेयर में)
अलीगढ़ 20,380
हाथरस 17,105
एटा 37,660
कासगंज 27,265
कुल - 1,02,410

खास बातें
  • सरकारी क्रय केंद्रों पर खरीद का लक्ष्य पहले 750 मीट्रिक टन था जिसे बढ़ाकर अब 1350 मीट्रिक टन कर दिया गया है। करीब 85 फीसदी लक्ष्य पूरा कर लिया गया है।
  • निजी मंडियों में पिछले साल की अपेक्षा 4.52 लाख क्विंटल तक बढ़ी है मक्का की आवक
विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed