Cyber Crime: अलीगढ़ में दो साइबर कमांडो तैयार, अब साइबर सिंघम भी होंगे तैनात, ये होंगे इनके काम
गृह मंत्रालय ने देश भर में सभी तरह के फोर्स से 5000 साइबर कमांडो चयनित करने के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित कराई थी। इस परीक्षा में अलीगढ़ से कई साइबर एक्सपर्ट शामिल हुए। इसमें साइबर थाने में तैनात धीरज त्यागी व साइबर सेल में तैनात राजीव यादव परीक्षा में पास हुए हैं।
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बढ़ते साइबर अपराध से लड़ने के लिए साइबर योद्धा तैयार किए जा रहे हैं। इसके तहत अलीगढ़ जिले में दो साइबर कमांडो तैयार किए जा चुके हैं। जल्द ही जिले में साइबर सिंघम भी तैयार होंगे। प्रदेश स्तर पर इनके प्रशिक्षण के लिए अलीगढ़ सहित सभी जिलों से आवेदन मांगे गए हैं। आगे चलकर साइबर योद्धाओं की यह फौज साइबर अपराधियों से मुकाबला करने में सक्षम होगी।
ऐसे तैयार हुए साइबर कमांडो
गृह मंत्रालय ने देश भर में सभी तरह के फोर्स से 5000 साइबर कमांडो चयनित करने के लिए एक विशेष परीक्षा आयोजित कराई थी। इस परीक्षा में अलीगढ़ से कई साइबर एक्सपर्ट शामिल हुए। इसमें साइबर थाने में तैनात धीरज त्यागी व साइबर सेल में तैनात राजीव यादव परीक्षा में पास हुए हैं। सभी चयनित पांच हजार साइबर कमांडो को देश के प्रमुख आईआईटी में छह-छह माह के प्रशिक्षण के लिए भेजा जा रहा है। क्रमवार प्रशिक्षण के बाद ये कमांडो साइबर वार-हमला, बड़ी घटना व ठगी के मामलों में काम करेंगे। यह कमांडो बनाने का निर्णय दिल्ली एम्स की साइट हैक करने के बाद लिया गया था। चयनित हुए दोनों कमांडो फिलहाल जिले में सेवाएं देते हुए साइबर अपराध के खिलाफ काम कर रहे हैं।
हमारे जिले में दो साइबर कमांडो बनकर तैयार हैं। जो साइबर संबंधी बड़ी घटनाओं पर काम करते हैं। इसके अलावा अब साइबर सिंघम संबंधी ट्रेनिंग के लिए नाम मांगे जाने पर उसमें भी नए नाम भेजे जाएंगे। उनके प्रशिक्षित होने पर भी पुलिस लाभान्वित होगी।-नीरज जादौन, एसएसपी
अब साइबर सिंघम बनाने की तैयारी
अब प्रदेश स्तर पर यूपी स्टेट इंस्टीट्यूट ऑफ फॉरेंसिक साइंस की ओर से साइबर सिंघम तैयार किए जा रहे हैं। यह 500 साइबर सिंघम प्रत्येक जिले से चयनित कर प्रशिक्षण के लिए बुलाए जा रहे हैं। प्रदेश स्तर पर प्रशिक्षण के बाद जिलों में यह सभी को प्रशिक्षण देंगे। प्रशिक्षण के दौरान इन्हें क्राइम सीन मैनेजमेंट, डिजिटल एविडेंस प्रिजर्वेशन, साइबर ट्रैकिंग और फॉरेंसिक एनालिसिस की गहन जानकारी दी जाएगी। इससे घटनास्थल पर साक्ष्यों को सुरक्षित रखने और अपराध की सटीक जांच में मदद मिलेगी।
सामान्य ऑनलाइन प्रशिक्षण भी जारी
इसके अलावा प्रदेश से लेकर केंद्र स्तर तक साइट्रेन, कर्मयोगी, सीजीआईटी आदि नाम से कुछ ऑनलाइन व ऑफलाइन प्रशिक्षण सभी पुलिसकर्मियों, सब इंस्पेक्टर व इंस्पेक्टरों को दिए जाते हैं। इसके लिए क्रमवार शेड्यूल आते हैं, उसमें जिला स्तर से टीम को शामिल होने के लिए भेजा जाता है। इसमें अब तक अपने जिले से 80 फीसदी उप निरीक्षक व इंस्पेक्टर प्रशिक्षित हो चुके हैं। ये सामान्य जानकारियों संबंधी प्रशिक्षण होता है।
ये होंगे इनके काम
- साइबर कमांडो : किसी भी तरह के साइबर वार-हमला, साइबर संबंधी बड़ी घटना-हैकिंग आदि पर काम करेंगे।
- साइबर सिंघम : क्राइम सीन मैनेजमेंट, डिजिटल एविडेंस प्रिजर्वेशन, साइबर ट्रैकिंग और फोरेंसिक एनालिसिस करेंगे।
ये तथ्य भी जानें
- साइबर कमांडो गृह मंत्रालय ने देश भर में सिर्फ पांच हजार अलग-अलग फोर्स से बनाए।
- विशेष परीक्षा के तहत साइबर कमांडो चयनित किए गए। अब इनके प्रशिक्षण भी चल रहे।
- साइबर सिंघम प्रदेश में 500 बनाए जा रहे हैं, इंस्टीट्यूट ऑफ फोरेंसिक साइंस से प्रशिक्षण।

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