Aligarh: शादी के लिए कोई लड़की हो तो जरूर बताना, यहीं से शुरू होती थी सौदेबाजी, कुंवारे लड़कों को फंसाते थे
पुलिस के मुताबिक राजस्थान के डींग का रहने वाला सुखाराम अलीगढ़ के गोंडा क्षेत्र में रह रहा था। आरोप है कि वह बबीता की लाई बच्चियों को ऐसे परिवारों तक पहुंचाता था, जहां शादी के लिए लड़की की तलाश थी।
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शादी के लिए कोई लड़की हो तो बताना। आम तौर पर यह बात किसी परिचित, रिश्तेदार या परिवार के बीच कही-सुनी जाती है। लेकिन यही मांग जब अपराध की दुनिया में पहुंचती है तो बच्चियों की खरीद-फरोख्त का रास्ता खोल सकती है। इसका खुलासा अलीगढ़ पुलिस ने एक नाबालिग के साहस से किया। आरोप है कि बबीता उर्फ चाची ने इसी मांग को कमाई का रास्ता बना लिया। छत्तीसगढ़ और दूसरे राज्यों के आर्थिक रूप से कमजोर व बेसहारा परिवारों की बच्चियों को निशाना बनाया गया। किसी को पढ़ाई और बेहतर भविष्य का भरोसा दिया गया तो किसी को मदद का झांसा। फिर उन्हें अलीगढ़ तक लाकर कथित तौर पर उन लोगों तक पहुंचाया गया, जिनकी शादियां नहीं हो पा रही थीं।
इस नेटवर्क में पुलिस के अनुसार बबीता के साथ राजस्थान का सुखाराम उर्फ सूखा उर्फ महावीर फौजदार अहम कड़ी था। पुलिस की जांच में पता चला है कि बबीता बच्चियों को दूसरे राज्यों से लाती थी और सुखाराम अलीगढ़ व आसपास के इलाकों में उनके लिए खरीदार तलाशता था। पुलिस को बच्चियों को दिल्ली-एनसीआर में घरेलू काम के लिए भेजे जाने की भी आशंका है। एसपी ग्रामीण मनीष कुमार मिश्रा ने बताया कि इस जोड़ी ने अब तक कितनी नाबालिग को शिकार बनाया है। इसकी जांच शुरू कर दी है। बबिता और सुखाराम ने एक बड़ा नेटवर्क बना लिया था जो छत्तीसगढ़ से अलीगढ़ और यहां से दिल्ली तक फैला है। उम्मीद है कि जल्द ही इस नेटवर्क के कई और चेहरों तक पहुंचने में सफलता मिलेगी।
पहले पहचान बढ़ी, फिर मांग को बना लिया धंधा
पुलिस की जांच के अनुसार बबीता मूल रूप से प्रयागराज के सराय इनायत क्षेत्र की रहने वाली है, जबकि उसका जन्म छत्तीसगढ़ में हुआ था। करीब 25 साल पहले उसकी शादी प्रयागराज निवासी रामबली यादव से हुई। शादी के बाद दिल्ली-एनसीआर और आसपास के इलाकों में उसका संपर्क बढ़ा। आरोप है कि परिचितों के बीच अक्सर शादी के लिए लड़की तलाशने की बात होती थी। धीरे-धीरे बबीता को इस मांग का अंदाजा हो गया। इसके बाद उसने छत्तीसगढ़ और अन्य राज्यों के आर्थिक रूप से कमजोर परिवारों और बेसहारा बच्चियों को कथित तौर पर निशाना बनाना शुरू किया।
बबीता लाती, सुखाराम तलाशता था खरीदार
पुलिस के मुताबिक राजस्थान के डींग का रहने वाला सुखाराम अलीगढ़ के गोंडा क्षेत्र में रह रहा था। आरोप है कि वह बबीता की लाई बच्चियों को ऐसे परिवारों तक पहुंचाता था, जहां शादी के लिए लड़की की तलाश थी। पुलिस के अनुसार बच्चियों की कथित कीमत 70 हजार से एक लाख रुपये तक तय होती थी। इसके अलावा दिल्ली-एनसीआर में घरेलू काम के लिए भी उन्हें भेजे जाने की आशंका जताई गई है।
फिर एक बच्ची ने उठाया मोबाइल
इस पूरे नेटवर्क की सबसे अहम कड़ी टप्पल के मौर गांव में सामने आई। पुलिस के अनुसार छत्तीसगढ़ की एक नाबालिग बच्ची को विनोद जाट के यहां पहुंचाया गया था। आरोप है कि उसकी जबरन शादी करा दी गई और घर में उसके साथ मारपीट व प्रताड़ना की गई। बच्ची को बाहर निकलने का कोई रास्ता नहीं मिल रहा था। तभी उसकी नजर घर की बहू के मोबाइल फोन पर पड़ी। उसने चुपचाप मोबाइल का पैटर्न लॉक देखा। मौका मिला तो फोन उठाया और डायल 112 कर दिया। अंकल, मुझे यहां बंधक बनाया गया है... मुझे बचा लीजिए। इस कॉल के बाद पुलिस मौके पर पहुंची। पुलिस के अनुसार परिवार ने बच्ची को घर के अंदर कर दिया और टीम को गुमराह करते हुए कहा कि फोन गलती से हो गया होगा। पुलिस लौट गई, लेकिन बच्ची ने हिम्मत नहीं छोड़ी।
दूसरी बार की कॉल ने खोल दी पूरी कहानी
7 अगस्त 2026 को बच्ची मौका पाकर घर से निकल गई। रास्ते में एक राहगीर से फोन मांगा और दोबारा 112 पर कॉल की। इस बार उसने पुलिस को पूरी कहानी बताई। रेलवे स्टेशन पर मिलने से लेकर बबीता उर्फ चाची और सुखाराम तक पहुंचने वाली कड़ियों के बारे में पुलिस को जानकारी दी। बच्ची के बताए सुरागों पर जांच आगे बढ़ी तो पुलिस ने कथित नेटवर्क से जुड़े लोगों को पकड़ना शुरू किया। तीन नाबालिग बच्चियों को मुक्त कराया गया और महिला सरगना समेत पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया गया।
एक कॉल से खुलीं कई कड़ियां
पुलिस के अनुसार गिरफ्तार आरोपियों में बबीता उर्फ चाची, सुखाराम उर्फ महावीर और तीन कथित खरीदार शामिल हैं। पुलिस अब यह पता लगाने में जुटी है कि यह नेटवर्क कितने समय से सक्रिय था और इसके जरिए अब तक कितनी बच्चियों को अलीगढ़ और एनसीआर तक लाया गया। एक बच्ची के हाथ लगा मोबाइल इस कथित नेटवर्क की सबसे कमजोर कड़ी बन गया। उसने 112 पर कॉल की और पुलिस को उस रास्ते तक पहुंचा दिया, जहां से बच्चियों की कथित खरीद-फरोख्त का पूरा खेल सामने आने लगा।