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अल-नीनो का असर : भीषण उमस के बाद भी बारिश कम
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प्रतीकात्मक फोटो
- फोटो : Archive
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अल-नीनो के असर से जबरदस्त उमस तो हो रही है, लेकिन बारिश बहुत कम हो रही है। सोमवार को हवा में नमी 80 से 85 फीसदी तक रहने के कारण लोग पसीने वाली गर्मी से बेचैनी महसूस करते रहे। देर रात तक यही स्थिति बनी रही।
सुबह और दोपहर के बाद शाम को भी थोड़ी देर के लिए पानी बरसा, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अहमद मुज्तबा ने बताया कि अल-नीनो के प्रभाव से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ गया है।
बादलों की आवाजाही और उच्च नमी के कारण भीषण उमस है, लेकिन उस अनुपात में बारिश नहीं हो रही है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो की सक्रियता से हवाओं की नमी और गति प्रभावित हुई है, जिससे बारिश कम हो रही है। इन परिस्थितियों में मानसून की बारिश रुक-रुक कर अक्तूबर-नवंबर तक ऐसे ही होती रहेगी।
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अल-नीनो : यह एक प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन घटनाक्रम है, जिसमें प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है और हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। प्रशांत महासागर का तापमान एक से तीन डिग्री तक बढ़ जाता है। गर्म पानी ऑस्ट्रेलिया और एशिया की बजाय दक्षिण अमेरिका की ओर फैल जाता है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर हो जाता है। बारिश सामान्य से कम होती है।
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सुबह और दोपहर के बाद शाम को भी थोड़ी देर के लिए पानी बरसा, लेकिन गर्मी से राहत नहीं मिली। एएमयू के भूगोल विभाग के असिस्टेंट प्रोफेसर अहमद मुज्तबा ने बताया कि अल-नीनो के प्रभाव से अलीगढ़ और आसपास के क्षेत्रों में मानसून कमजोर पड़ गया है।
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बादलों की आवाजाही और उच्च नमी के कारण भीषण उमस है, लेकिन उस अनुपात में बारिश नहीं हो रही है। प्रशांत महासागर में अल-नीनो की सक्रियता से हवाओं की नमी और गति प्रभावित हुई है, जिससे बारिश कम हो रही है। इन परिस्थितियों में मानसून की बारिश रुक-रुक कर अक्तूबर-नवंबर तक ऐसे ही होती रहेगी।
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अल-नीनो : यह एक प्राकृतिक जलवायु परिवर्तन घटनाक्रम है, जिसमें प्रशांत महासागर का सतही जल सामान्य से अधिक गर्म हो जाता है और हवाएं कमजोर पड़ जाती हैं। प्रशांत महासागर का तापमान एक से तीन डिग्री तक बढ़ जाता है। गर्म पानी ऑस्ट्रेलिया और एशिया की बजाय दक्षिण अमेरिका की ओर फैल जाता है, जिससे भारत में दक्षिण-पश्चिम मानसून कमजोर हो जाता है। बारिश सामान्य से कम होती है।