100 मीटर सड़क में पांच बड़े गड्ढे: गड्ढों से निकलीं लोहे की सरिया, कांवड़ियों के पैरों को कर न दें लहूलुहान
30 जुलाई से सावन मास शुरू हो रहा है। तीन अगस्त को पहले सावन सोमवार पर हजारों कांवड़िये इसी मार्ग से जल लेकर गुजरेंगे। ऐसे में सड़क पर निकली सरिया और गहरे गड्ढे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
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अलीगढ़ के रामघाट रोड पर सड़क से बाहर निकली सरियों से कांवड़ियों के पैर लहूलुहान हो सकते हैं। 38वीं पीएसी वाहिनी के गेट नंबर-1 और गेट नंबर-2 के सामने 100 मीटर लंबे सीसी रोड पर पांच बड़े गड्ढे हैं। इनमें दो गड्ढों से लोहे की सरिया बाहर निकल रही है, जो राहगीरों और कांवड़ियों के पैरों को चोट पहुंचा सकती हैं।
यह स्थिति सिर्फ पीएसी के सामने तक सीमित नहीं है। मीनाक्षी पुल, दुबे का पड़ाव और गांधीपार्क चौराहा पर भी जगह-जगह गड्ढे हैं। कई जगह पाइपलाइन डालने के लिए सड़क खोदकर छोड़ दी गई लेकिन उसकी मरम्मत आज तक नहीं हुई। बारिश के बाद यह गड्ढे और भी खतरनाक हो गए हैं। 30 जुलाई से सावन मास शुरू हो रहा है। तीन अगस्त को पहले सावन सोमवार पर हजारों कांवड़िये इसी मार्ग से जल लेकर गुजरेंगे। ऐसे में सड़क पर निकली सरिया और गहरे गड्ढे श्रद्धालुओं की सुरक्षा पर बड़ा सवाल खड़ा कर रहे हैं।
हम हर साल नंगे पैर जल लेकर जाते हैं। सड़क पर निकली सरिया और गड्ढे बहुत खतरनाक हैं। अगर समय रहते इन्हें ठीक नहीं कराया गया तो किसी भी श्रद्धालु को गंभीर चोट लग सकती है। - सोमवती, दुबे का पड़ाव
पीएसी के सामने सड़क कई दिनों से टूटी हुई है। कई बार बाइक सवार गिर चुके हैं। अब सावन शुरू होने वाला है, इसलिए प्रशासन को तुरंत मरम्मत करानी चाहिए। - दीपक वार्ष्णेय, रामघाट रोड
गड्ढों की वजह से रोज जाम लगता है। रात में बाहर निकली सरिया दिखाई नहीं देती, जिससे हादसे का खतरा और बढ़ जाता है। कांवड़ यात्रा से पहले सड़क दुरुस्त होना जरूरी है।- तिरुपति अग्रवाल, मानिक चौक
हर दिन हजारों लोग इस रास्ते से निकलते हैं। छोटे बच्चे और बुजुर्ग भी परेशान होते हैं। प्रशासन को किसी हादसे का इंतजार नहीं करना चाहिए, तुरंत सड़क की मरम्मत करानी चाहिए।-रामकुमार, कंपनी बाग
रामघाट रोड पर सड़क बनाने का काम चल रहा है, जहां गड्ढे हैं, उसे दुरुस्त कराया जाएगा। - विजय सिंह, मुख्य अभियंता, लोक निर्माण विभाग
जवां से सुनाना और मादोगढ़ शिव मंदिर तक रास्ता बदहाल
जवां से सुनाना और मादोगढ़ शिव मंदिर तक जाने वाला मार्ग पिछले करीब दो वर्षों से बदहाल पड़ा है। इस रास्ते हर साल श्रद्धालु करीब 40 किलोमीटर दूर अनूपशहर गंगा घाट से गंगाजल लेकर सुनाना, मादोगढ़ और खेरेश्वर महादेव मंदिर तक पहुंचते हैं। कांवड़ियों के पैरों में कंकड़ चुभ सकते हैं।
अतरौली में ब्रिगेड कार्यालय के पास नहीं भरे गड्ढे
रामघाट कल्याण मार्ग पर अतरौली में फायर ब्रिगेड कार्यालय के निकट, पैंठ चौराहा, ठाकुर मंदिर की तरफ और पिलखुनी के पास सड़क पर गड्ढे अभी तक नहीं भरे हैं। फायर ब्रिगेड कार्यालय के पास सड़क पर नालियों का गंदा पानी भी आ रहा है। एसडीएम नरायन सिंह ने बताया कि गड्ढों को भरा जा रहा है।
लहरा सलेमपुर, गिरधरपुर और नगला बाग के पास सड़क खराब
दादों में सांकरा-नानऊ मार्ग पर गांव लहरा सलेमपुर, गिरधरपुर और नगला बाग के पास सड़क खराब है। सड़क कई स्थानों पर टूट चुकी है और उसपर गिट्टी उखड़ आई है। जगह-जगह बने गड्ढों के कारण कांवड़ियों को संभलकर चलना पड़ रहा है। स्थानीय लोगों का कहना है कि नंगे पैर चलते वक्त कंकड़ पैरों में चुभते हैं, जबकि गड्ढों और धूल के कारण दुर्घटना का खतरा भी बना रहता है।