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ईरान संकट : 40 करोड़ का मीट निर्यात रुका, पड़ोसी खाड़ी देशों को होने वाली सप्लाई चेन भी बुरी तरह प्रभावित

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Fri, 16 Jan 2026 12:25 PM IST
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सार

अलीगढ़ मीट निर्यात का इतना बड़ा केंद्र है कि यहां से ताला और हार्डवेयर का निर्यात एक वर्ष में 1200 करोड़ रुपये का होता है, जबकि मीट का निर्यात कारोबार करीब 7400 करोड़ रुपये का है।

Iran crisis halts meat exports worth Rs 40 crore
मांस - फोटो : Adobe Stock
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विस्तार
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पश्चिमी एशिया में गहराते ईरान संकट का सीधा असर अलीगढ़ के मीट निर्यात कारोबार पर भी दिखने लगा है। कारोबारियों के मुताबिक तनावपूर्ण माहौल के कारण अलीगढ़ से होने वाले लगभग 40 करोड़ रुपये के मीट निर्यात ऑर्डर पर ब्रेक लग गया है। इस संकट ने न केवल ईरान, बल्कि पड़ोसी खाड़ी देशों को होने वाली सप्लाई चेन को भी बुरी तरह प्रभावित किया है।

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अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन के अनुसार वर्तमान स्थिति बेहद गंभीर है। ईरान संकट का असर केवल मीट तक सीमित नहीं रहेगा, बल्कि अलीगढ़ के प्रसिद्ध हार्डवेयर और लॉक (ताला) उद्योग पर भी इसका प्रतिकूल प्रभाव पड़ना तय है।
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अलीगढ़ से मुख्य रूप से खाड़ी देशों में ईरान, इराक, दुबई, सऊदी अरब, मिस्र और दक्षिण-पूर्व एशिया में मलेशिया, इंडोनेशिया, वियतनाम (यहां से मीट चीन तक पहुंचता है) आदि को निर्यात होता है। अलीगढ़ मीट निर्यात का इतना बड़ा केंद्र है कि यहां से ताला और हार्डवेयर का निर्यात एक वर्ष में 1200 करोड़ रुपये का होता है, जबकि मीट का निर्यात कारोबार करीब 7400 करोड़ रुपये का है।

केवल मीट ही नहीं बल्कि अलीगढ़ से होने वाले अन्य प्रकार के हार्डवेयर आदि के निर्यात पर भी बहुत बुरा असर पड़ा है। अभी अमेरिका से झटके से उबरे नहीं, यह नई स्थिति पैदा हो गई। - अशुतोष वार्ष्णेय, अध्यक्ष, अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन

यदि तनाव जल्द कम नहीं हुआ, तो अलीगढ़ के हजारों परिवारों की आजीविका पर संकट आ सकता है, जो प्रत्यक्ष या अप्रत्यक्ष रूप से उद्योगों से जुड़े हैं।- दिनेश चंद्र वार्ष्णेय, महामंत्री, अलीगढ़ एक्सपोर्ट एसोसिएशन

25 किलो वाले हड्डी हरित मीट की मांग है ज्यादा

अलीगढ़ के स्लॉटर हाउसों से भैंस का हड्डी युक्त और हड्डी रहित मांस, चर्बी, पांव की नसें और शरीर के अन्य अंगों का निर्यात किया जाता है। इसमें हड्डी रहित मांस की मांग सबसे अधिक है, जिसे 25 किलो के पैकेट में पैक कर भेजा जाता है। मांस के साथ बाय-प्रोडक्ट्स जैसे जानवरों की चर्बी का उपयोग दवाइयां, तेल और मुर्गी का दाना बनाने में होता है, जिसका बड़ा बाजार विदेशों में है।

इन बड़ी कंपनियों पर पड़ा असर
अलीगढ़ में मीट निर्यात का कारोबार मुख्य रूप से सात बड़ी इकाइयों के इर्द-गिर्द घूमता है, जिनमें एलाना ग्रुप, फेयर एक्सपोर्ट, अल-हम्द फूड एग्रो प्राइवेट लिमिटेड, अल दुआ, एचएमए, अल हसन, अल अम्मार शामिल हैं।

अलीगढ़ ही क्यों है बड़ा केंद्र
अलीगढ़ में मीट उद्योग के फलने-फूलने के पीछे यहां की भौगोलिक स्थिति और संसाधन हैं। पश्चिमी उत्तर प्रदेश, हरियाणा और राजस्थान से पशुओं का परिवहन यहां आसानी से हो जाता है। इसके अलावा, यहां भूसा, हरा चारा और कुशल श्रमिकों की प्रचुर उपलब्धता है, जो इसे उत्पादन का एक बेहतरीन केंद्र बनाती है।

आंकड़ों में अलीगढ़ का मीट निर्यात

  • वर्ष -2020-21- 5000 करोड़
  • वर्ष 2021-22- 5609 करोड़
  • वर्ष 2022-23- 6687 करोड़
  • वर्ष 2023-24 - 7100 करोड़
  • वर्ष 2024-25 - 7400 करोड़
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