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Mangalayatan University: दीक्षांत समारोह में खिले विद्यार्थियों के चेहरे, सतीश महाना-स्वतंत्र देव को डी लिट

Thu, 12 Mar 2026 03:52 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Thu, 12 Mar 2026 03:52 PM IST
सार

मंगलायतन यूनिवर्सिटी में दीक्षांत समारोह का आयोजन किया गया। पदक-उपाधि व डिप्लोमा पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए। विवि ने यूपी विधानसभा के स्पीकर सतीश महाना को डी लिट की उपाधि प्रदान की। 

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Mangalayatan University 12th Convocation
दीक्षांत समारोह मे छात्रा को डिग्री व मेडल देते अतिथि - फोटो : विवि

विस्तार

अलीगढ़ के मंगलायतन विश्वविद्यालय में 12वां दीक्षांत समारोह आयोजित किया गया। दीक्षांत समारोह में इस वर्ष 3555 स्नातक विद्यार्थियों, 1780 स्नातकोत्तर विद्यार्थियों तथा 99 शोधार्थियों को पीएचडी की उपाधि प्रदान की गई। इसके अतिरिक्त 27 विद्यार्थियों को पोस्ट ग्रेजुएट डिप्लोमा और 575 विद्यार्थियों को डिप्लोमा प्रदान किए गए। उत्कृष्ट शैक्षणिक उपलब्धियों के लिए नौ विद्यार्थियों को स्वर्ण पदक, नौ को रजत पदक तथा 13 विद्यार्थियों को विशेष प्रमाण पत्र देकर सम्मानित किया गया। पदक और उपाधि पाकर विद्यार्थियों के चेहरे खिल गए। दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना और प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह को मानद उपाधि प्रदान कर सम्मानित किया गया।

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इनको मिल स्वर्ण पदक
यश प्रताप सिंह, सोनाली, दीपांशु, नंदिनी अग्रवाल, सौरभ, अवधेश पासवान, जहान्वी शर्मा, खुशी गुप्ता।
इनको मिले रजत पदक
अंशिका गोयल, साधना शर्मा, मोनिका लवानिया, विधु शुक्ला, उत्कर्ष जैन, भारत शर्मा, पुलकित शर्मा, गरिमा वाष्र्णेय, गुंजन।
इन्हें मिला प्रथम स्थान
शीतल सिंह, ऋषभ जैन, आर्यन, विष्णु अग्रवाल, दीक्षा शर्मा, चेतना सिंह, समन इकबाल, मोहित कुमार।
इन्हें मिला द्वितीय स्थान
वैभवी सिंह, सुमित, इरम, खुशी गुप्ता।

गोल्ड मेडलिस्ट विद्यार्थी बोले यह
विद्यार्थी जीवन में गोल्ड मेडल प्राप्त करना अत्यंत सम्मान और गर्व का विषय है। यह मेरे जीवन का ऐसा यादगार क्षण है जिसे मैं कभी नहीं भूलूंगी। इस सफलता के पीछे विश्वविद्यालय के प्राध्यापकों का मार्गदर्शन, परिवार का सहयोग और मेरी निरंतर मेहनत रही है। - सोनाली, छात्रा
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गोल्ड मेडल पाकर बेहद खुशी की अनुभूति हो रही है। मेरा मानना है कि यदि लक्ष्य स्पष्ट हो तो कोई भी मुकाम हासिल किया जा सकता है। जो विद्यार्थी अपने सपनों को नई उड़ान देना चाहते हैं, उनके लिए मंगलायतन विश्वविद्यालय एक उत्कृष्ट संस्थान है। -प्रेरित टंडन, छात्र
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बिना अनुशासन और कड़ी मेहनत के सफलता की कल्पना करना संभव नहीं है। यह पुरस्कार केवल मेरे व्यक्तिगत प्रयासों का परिणाम नहीं है, बल्कि मेरे माता-पिता के विश्वास और शिक्षकों के मार्गदर्शन का भी प्रतिफल है, जिन्होंने हर कद पर मेरा उत्साह बढ़ाया। - नंदिनी अग्रवाल, छात्रा
मेरे लिए यह स्वर्ण पदक केवल सम्मान नहीं, बल्कि आगे की राह में निरंतर बेहतर करने की प्रेरणा भी है। विश्वविद्यालय में बिताया गया समय हमेशा यादगार रहेगा। हमें अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज को बेहतर बनाने के लिए करना चाहिए। - सौरभ, छात्र

मंगलायतन विश्वविद्यालय के 12वें दीक्षांत समारोह में उत्तर प्रदेश विधानसभा अध्यक्ष सतीश महाना ने शिरकत की और विद्यार्थियों को उज्ज्वल भविष्य की शुभकामनाएं देते हुए देश के विकास में सक्रिय भूमिका निभाने के लिए प्रेरित किया। उन्होंने कहा कि आज का यह समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के तप, परिश्रम और समर्पण का उत्सव है। यह वह क्षण है जब विद्यार्थी अपनी शैक्षणिक यात्रा के एक महत्वपूर्ण पड़ाव को पार कर जीवन के नए अध्याय की ओर अग्रसर होते हैं। यह उपलब्धि केवल विद्यार्थियों की नहीं, बल्कि उनके माता-पिता, शिक्षकों और विश्वविद्यालय परिवार की भी है, जिनके मार्गदर्शन, प्रेरणा और विश्वास ने उन्हें इस मुकाम तक पहुंचाया है।

उन्होंने भारतीय ज्ञान परंपरा का उल्लेख करते हुए कहा कि शिक्षा केवल डिग्री प्राप्त करने का साधन नहीं, बल्कि व्यक्ति के बौद्धिक, नैतिक और सामाजिक विकास का माध्यम है। सतीश महाना ने कहा कि आज का विश्व तेजी से बदल रहा है, जहां तकनीक, नवाचार और वैश्विक प्रतिस्पर्धा नई चुनौतियां और अवसर लेकर आए हैं। ऐसे समय में भारत जैसे युवा राष्ट्र के लिए शिक्षित और कुशल युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण है। देश की लगभग 65 प्रतिशत आबादी युवा है, जो भारत की सबसे बड़ी शक्ति है। युवाओं को सशक्त बनाने के लिए केंद्र और राज्य सरकार कौशल विकास, स्टार्ट-अप, डिजिटल इंडिया और नई शिक्षा नीति जैसी अनेक पहलें कर रही हैं, जिससे युवा रोजगार और उद्यमिता के नए अवसर प्राप्त कर सकें।

उन्होंने विद्यार्थियों को संदेश देते हुए कहा कि ज्ञान के साथ विनम्रता और नैतिकता भी उतनी ही आवश्यक है। शिक्षा व्यक्ति को विनम्र बनाती है और यही विनम्रता उसे वास्तविक सफलता की ओर ले जाती है। जीवन में लक्ष्य निर्धारित करना महत्वपूर्ण है, लेकिन उसे प्राप्त करने के लिए निरंतर परिश्रम, धैर्य और दृढ़ संकल्प की आवश्यकता होती है। युवाओं को बड़े सपने देखने चाहिए और उन्हें साकार करने के लिए निरंतर प्रयास करते रहना चाहिए। अंत में उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, कौशल और मूल्यों का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज के वंचित वर्गों के उत्थान, पर्यावरण संरक्षण और राष्ट्र निर्माण के लिए भी करें।
 

विकसित राष्ट्र में युवाओं की भूमिका होगी महत्वपूर्ण : स्वतंत्र देव सिंह
प्रदेश के जल शक्ति मंत्री स्वतंत्र देव सिंह ने कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय के जीवन का अत्यंत पावन और गौरवपूर्ण अवसर होता है। यह वह क्षण है जब वर्षों की मेहनत, अध्ययन और समर्पण एक नई ऊर्जा के रूप में समाज के सामने प्रकट होते हैं। आज विद्यार्थी केवल डिग्री प्राप्त नहीं करते, बल्कि जीवन के एक नए अध्याय की ओर अग्रसर होते हैं। 

उन्होंने कहा कि आज का विश्व तेजी से बदल रहा है। कृत्रिम बुद्धिमत्ता, डिजिटल प्रौद्योगिकी, डेटा विज्ञान और नवाचार ने कार्य करने के तरीके को पूरी तरह बदल दिया है। ऐसे समय में सफलता केवल डिग्री से नहीं, बल्कि कौशल, रचनात्मकता और निरंतर सीखने की क्षमता से निर्धारित होती है। इसलिए विद्यार्थियों को आजीवन सीखते रहने की भावना को अपने जीवन का हिस्सा बनाना चाहिए। मंत्री ने कहा कि भारत वर्ष 2047 तक विकसित राष्ट्र बनने के लक्ष्य की ओर अग्रसर है और इस लक्ष्य की प्राप्ति में युवाओं की भूमिका अत्यंत महत्वपूर्ण होगी। आज का युवा केवल नौकरी खोजने वाला नहीं, बल्कि नवाचार और उद्यमिता के माध्यम से अवसरों का सृजन करने वाला बन सकता है। उन्होंने विद्यार्थियों को परिश्रम, साहस और धैर्य के साथ आगे बढ़ने का संदेश देते हुए कहा कि असफलताएं भी सफलता की राह में महत्वपूर्ण शिक्षक होती हैं। 

उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान, संस्कार और मूल्यों का उपयोग केवल व्यक्तिगत सफलता के लिए ही नहीं, बल्कि समाज और राष्ट्र के विकास के लिए भी करें। सत्य, नैतिकता और कर्तव्यनिष्ठा को जीवन का आधार बनाकर ही व्यक्ति वास्तविक सफलता प्राप्त कर सकता है। उन्होंने विश्वास व्यक्त किया कि मंगलायतन विश्वविद्यालय के विद्यार्थी अपने ज्ञान और प्रतिभा से देश का नाम रोशन करेंगे। विधान परिषद सदस्य ऋषिपाल सिंह ने कहा कि शिक्षा ही वह आधार है जो व्यक्ति को सफलता और समाज को प्रगति की दिशा देता है। उन्होंने उपाधि प्राप्त करने वाले विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह उपलब्धि उनकी वर्षों की मेहनत और समर्पण का परिणाम है। उन्होंने विद्यार्थियों से ईमानदारी, परिश्रम और नैतिक मूल्यों को जीवन में अपनाने का आह्वान किया।

समाज के लिए प्रेरणा बनें विद्यार्थी : डा. अच्युतानंद मिश्र 
कार्यक्रम की अध्यक्षता कर रहे कुलाधिपति डा. अच्युतानंद मिश्र ने कहा कि आज का दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के वर्षों के परिश्रम, समर्पण और सपनों की यात्रा का उत्सव है। आज प्राप्त होने वाली उपाधि केवल प्रमाणपत्र नहीं, बल्कि आपके ज्ञान, अनुशासन और संघर्ष का प्रतीक है। भारतीय परंपरा में कहा गया है “सा विद्या या विमुक्तये”, अर्थात सच्ची शिक्षा वही है जो व्यक्ति को समाज और मानवता की सेवा के लिए प्रेरित करे। बदलते वैश्विक परिदृश्य में राष्ट्र को ज्ञानवान, साहसी और जिम्मेदार युवाओं की आवश्यकता है। आप सभी अपने ज्ञान, मूल्यों और कौशल से “विकसित भारत” के निर्माण में महत्वपूर्ण योगदान दें और समाज के लिए प्रेरणा बनें।

दीक्षांत समारोह विद्यार्थियों के परिश्रम और उपलब्धियों का उत्सव :प्रो. पीके दशोरा
कुलपति प्रो. पीके दशोरा ने विश्वविद्यालय की उपलब्धियों पर प्रकाश डालते हुए कहा कि दीक्षांत समारोह किसी भी विश्वविद्यालय का सबसे महत्वपूर्ण शैक्षणिक आयोजन होता है। यह वह अवसर है जब विद्यार्थियों के ज्ञान, परिश्रम और उपलब्धियों का उत्सव मनाया जाता है। वर्षों की मेहनत और लगन के बाद छात्र आज एक जिम्मेदार नागरिक और पेशेवर के रूप में समाज में आगे बढ़ने के लिए तैयार होते हैं। उन्होंने पदक विजेताओं और सभी स्नातक विद्यार्थियों को बधाई देते हुए कहा कि यह सफलता उनकी मेहनत, शिक्षकों के मार्गदर्शन और अभिभावकों के सहयोग का परिणाम है। 

उन्होंने बताया कि विश्वविद्यालय में शैक्षणिक गतिविधियों के साथ-साथ अंतरराष्ट्रीय सम्मेलन, संगोष्ठियां, सांस्कृतिक, तकनीकी और खेलकूद कार्यक्रम नियमित रूप से आयोजित किए जाते हैं। एनएसएस, उन्नत भारत अभियान और विभिन्न कौशल विकास कार्यक्रमों के माध्यम से विद्यार्थियों के सर्वांगीण विकास पर विशेष ध्यान दिया जा रहा है। प्लेसमेंट के क्षेत्र में भी विश्वविद्यालय ने उल्लेखनीय सफलता प्राप्त की है। उन्होंने विद्यार्थियों से आह्वान किया कि वे अपने ज्ञान और कौशल का उपयोग समाज और राष्ट्र के विकास में करें तथा विकसित भारत के निर्माण में सक्रिय भूमिका निभाएं।

ये रहे मौजूद
प्रो. मनोज कुमार, प्रो. आरके शर्मा, प्रो. दिनेश पांडेय, प्रो. अब्दुल वदूद सिद्दीकी, ने विभिन्न संकायों के उपाधि धारकों को प्रस्तुत किया। इस अवसर पर मुख्य अतिथि एवं अन्य विशिष्ट अतिथियों को स्मृति चिन्ह भेंट कर सम्मानित किया गया। अतिथियों द्वारा दीक्षांत समारोह की स्मारिका का विमोचन भी किया गया। पूरा आयोजन कुलसचिव ब्रिगेडियर डा. समरवीर सिंह और संयुक्त कुलसचिव प्रो. दिनेश शर्मा के नेतृत्व में संपन्न हुआ।

कार्यक्रम में विधायक इगलास राजकुमार सहयोगी, विधायक खैर सुरेंद्र दिलेर, विधायक छर्रा रवेंद्रपाल सिंह, विधायक कोल अनिल पाराशर, डीएम संजीव रंजन, एसएसपी नीरज जादौन, भाजपा जिलाध्यक्ष कृष्णपाल सिंह, रालोद जिलाध्यक्ष कालीचरन सिंह, एएमयू के प्रति कुलपति प्रो. मोहम्मद गुलरेज सहित विश्वविद्यालय के सभी संकायों के डीन, विभागाध्यक्ष, शिक्षक और बड़ी संख्या में छात्र-छात्राएं उपस्थित रहे। संचालन डा. दीपिका बांदिल ने किया। 

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