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Aligarh News: मौत से एक दिन पहले गांव मड़नई आए थे मनीष और सीमा
संवाद न्यूज एजेंसी, अलीगढ़
Updated Wed, 11 Feb 2026 01:51 AM IST
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मथुरा के महावन क्षेत्र के गांव खप्परपुर में एक ही कमरे में एक परिवार के पांच लोगों के शव मिलने की हृदयविदारक घटना से क्षेत्र में सनसनी फैल गई। मृतकों में पति-पत्नी और उनके तीन मासूम बच्चे शामिल हैं। इस दुखद घटना का असर मृतका के मायके सादाबाद क्षेत्र के गांव मड़नई में भी देखने को मिला, जहां पूरे गांव में शोक और सन्नाटा छाया रहा।
बताया गया है कि गांव खप्परपुर निवासी मृतक मनीष की ससुराल गांव मड़नई में थी। मनीष की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व गांव मड़नई निवासी सीमा से हुई थी। सीमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। घटना की सूचना मिलते ही सीमा के पिता विजेंद्र सुबह ही गांव खप्परपुर के लिए रवाना हो गए। गांव मड़नई में घर पर सीमा की वृद्ध मां वीरन देवी मौजूद थीं, जो फालिज की बीमारी से पीड़ित हैं।
जिस मोहल्ले में सीमा के मायके का मकान है, वहां गमगीन माहौल है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सीमा और मनीष के दांपत्य जीवन में कभी किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया। दोनों का जीवन सामान्य रूप से चल रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार घटना से एक दिन पहले सोमवार को मनीष अपनी पत्नी सीमा के साथ अपनी सास वीरन देवी को कार से गांव मड़नई छोड़ने आए थे। वीरन देवी का मथुरा में उपचार चल रहा था। सास को घर छोड़ने के बाद दोनों उसी दिन वापस गांव खप्परपुर लौट गए थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि अगले ही दिन इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सीमा ने अपनी मां से जाते समय कहा था कि अगली बार आने पर उनके लिए कपड़े लेकर आएगी। वहीं मनीष ने यह भी कहा था कि अगली बार किसी दूसरी जगह इलाज कराने ले जाएंगे। इन बातों को याद कर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बताया गया कि सीमा के पिता के पास गांव में करीब दो बीघा जमीन है, जिससे परिवार का पालन-पोषण होता है। इस हृदयविदारक घटना से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।
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बताया गया है कि गांव खप्परपुर निवासी मृतक मनीष की ससुराल गांव मड़नई में थी। मनीष की शादी करीब 10 वर्ष पूर्व गांव मड़नई निवासी सीमा से हुई थी। सीमा अपने माता-पिता की इकलौती संतान थी। घटना की सूचना मिलते ही सीमा के पिता विजेंद्र सुबह ही गांव खप्परपुर के लिए रवाना हो गए। गांव मड़नई में घर पर सीमा की वृद्ध मां वीरन देवी मौजूद थीं, जो फालिज की बीमारी से पीड़ित हैं।
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जिस मोहल्ले में सीमा के मायके का मकान है, वहां गमगीन माहौल है। मोहल्ले के लोगों ने बताया कि सीमा और मनीष के दांपत्य जीवन में कभी किसी प्रकार का विवाद सामने नहीं आया। दोनों का जीवन सामान्य रूप से चल रहा था।
ग्रामीणों के अनुसार घटना से एक दिन पहले सोमवार को मनीष अपनी पत्नी सीमा के साथ अपनी सास वीरन देवी को कार से गांव मड़नई छोड़ने आए थे। वीरन देवी का मथुरा में उपचार चल रहा था। सास को घर छोड़ने के बाद दोनों उसी दिन वापस गांव खप्परपुर लौट गए थे। किसी को अंदेशा भी नहीं था कि अगले ही दिन इतना बड़ा हादसा हो जाएगा।
ग्रामीणों ने बताया कि सीमा ने अपनी मां से जाते समय कहा था कि अगली बार आने पर उनके लिए कपड़े लेकर आएगी। वहीं मनीष ने यह भी कहा था कि अगली बार किसी दूसरी जगह इलाज कराने ले जाएंगे। इन बातों को याद कर ग्रामीणों की आंखें नम हो गईं। बताया गया कि सीमा के पिता के पास गांव में करीब दो बीघा जमीन है, जिससे परिवार का पालन-पोषण होता है। इस हृदयविदारक घटना से पूरा गांव शोक में डूबा हुआ है और हर कोई स्तब्ध है।