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AMU Research: भीषण गर्मी में भी घर को ठंडा रखेगा एएमयू में बना पैनल, 15 डिग्री कम रहेगा अंदर पारा

इकराम वारिस, अमर उजाला, अलीगढ़ Published by: चमन शर्मा Updated Wed, 11 Feb 2026 04:45 AM IST
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सार

सामान्य ईंट से 10 गुणा 10 कमरे के निर्माण की लागत एक लाख रुपये आती है, जबकि पैनल के साथ यह खर्चा 1.15 लाख रुपये हो जाता है, लेकिन यह बाद में सस्ता साबित हो जाता है।

AMU-built panel keep homes cool even in extreme heat
एएमयू के कला संकाय में निर्माणाधीन भवन - फोटो : अमर उजाला
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विस्तार

अलीगढ़ मुस्लिम यूनिवर्सिटी (एएमयू) के सिविल इंजीनियरिंग विभाग के इंजीनियरों ने एक ऐसा पैनल (एफसीआई-फेरो सेल्युलर इंसुलेटेड) बनाया है, जिससे भीषण गर्मी में बाहर अगर 42 डिग्री तापमान है तो भी कमरे के अंदर आपको सिर्फ 27 डिग्री सेल्सियस तापमान का अनुभव होगा। यानी सीधे तौर पर तापमान में 15 डिग्री कम रहेगा।

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विभाग के प्रो. अब्दुल बकी और डॉ. मोहम्मद रेहान सादिक के साथ शोधार्थी यासिर खान ने सीमेंट व गत्ते के मिश्रण से यह पैनल तैयार किया है। दो पैनल के बीच में गैप रहता है। इसमें फंसी हवा इंश्युलेटर का काम करती है, जिससे कमरा स्वत: ही ठंडा रहता है। विभाग के इन इंजीनियरों का दावा है कि इससे कमरे को ठंडा रखने के लिए एसी और कूलर चलाने पर खर्च होने वाली बिजली की खपत कम होगी। इसके अलावा कमरे में बाहरी शोरगुल से सुकून भी मिलेगा। अब इसे बाजार में उतरने की तैयारी चल रही है।
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पर्यावरण अनुकूल और ऊर्जा से परिपूर्ण भवन निर्माण के लिए नई तकनीक के तहत ईंट-मसाले की दीवारों के विकल्प के रूप में यह 90 एमएम का पैनल (कॉर्टन-सीमेंट) तैयार किया गया है। जो कम लागत, अधिक मजबूती और बाहरी आवाज को कमरे के अंदर नहीं आने देता है।

पैनल बनाने में जो सामग्री इस्तेमाल की गई, वह भारत में नहीं की गई है। पैनल की मजबूती का खास ख्याल रखा गया है। साल में आठ महीने गर्मी रहती है और कमरे को ठंडा रखने के लिए एसी इस्तेमाल होती है। मगर इस पैनल में एसी की जरूरत नहीं पड़ेगी। मान लीजिए बाहर अधिकतम तापमान 40-42 डिग्री सेल्सियस है, तो अंदर 25-27 डिग्री सेल्सियस होगा। ईंट-मसाला का इस्तेमाल न होना पर्यावरण के लिए बेहतर होगा। बाजार में लाने की तैयाारी हो रही है।-डॉ. मोहम्मद रेहान सादिक, सिविल इंजीनियरिंग विभाग, एएमयू

बिजली के बिल में कमी से निकल जाएगी लागत
इंजीनियर यासिर खान ने बताया कि उदाहरण के लिए सामान्य ईंट से 10 गुणा 10 कमरे के निर्माण की लागत एक लाख रुपये आती है, जबकि पैनल के साथ यह खर्चा 1.15 लाख रुपये हो जाता है, लेकिन यह बाद में सस्ता साबित हो जाता है। ईंट से बने कमरे को ठंडा करने में एसी का इस्तेमाल करते हैं, जिसमें बिजली पर हर साल 22651 रुपये का खर्च आता है, जबकि पैनल के कमरे का तापमान बाहरी से तापमान से 15 डिग्री सेल्सियस कम रहेगा। इस हिसाब से बिजली पर 10251 रुपये खर्च आएगा। पैनल से गर्मी के मौसम में कूलिंग उपकरणों पर निर्भरता घटेगी और हर साल में 12400 रुपये की बचत होगी। इस पैनल के उपयोग से भवन निर्माण में दीवारों पर ईंटों का भारी बोझ नहीं पड़ेगा, जिससे संरचना हल्की और अधिक सुरक्षित होगी।

इस तरह से होगी बिजली की बचत

ईंट से बने कमरे में बिजली खपत  पैनल से बने कमरे में खपत
माह यूनिट रुपये                              यूनिट रुपये

जनवरी 203 913.5                        124 372
फरवरी 166 498                         116 345
मार्च 205 795                         172 516
अप्रैल 407 2645.5                         221 994.5
मई 521 3386.5                         281 1264.5
जून 552 3588                         302 1359
जुलाई 492 3198                         290 1305
अगस्त 434 2821                         271 1219.5
सितंबर 394 1773                         247 1111.5
अक्तूबर 318 1431                         208 936
नवंबर 224 1008                         150 450
दिसंबर 198 594                         126 378
योग यूनिट 22651.5                         योग रुपये 10251.5
नोट : यूनिट के दर तीन, 4.5 और 6.5 रुपये हैं

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