UP Budget 2026: आज आएगा बजट, सामाजिक पेंशन और शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि की उम्मीद
यूपी बजट 2026 आज पेश होगा। 2027 के विधानसभा चुनाव को देखते हुए यह बजट महत्वपूर्ण है। सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि और लोक निर्माण, आवास व परिवहन जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए भारी-भरकम आवंटन कर सकती है।
विस्तार
प्रदेश सरकार का बजट 2026 इस बार अलीगढ़ जिले के लिए बड़ी खुशखबरी लेकर आ सकता है। सरकार इस बजट के जरिए हर वर्ग को साधने की कोशिश करेगी। विशेष रूप से सामाजिक पेंशन के क्षेत्र में जिले के 1.45 लाख से अधिक लाभार्थियों की बल्ले-बल्ले होने की उम्मीद है।
इतना ही नहीं, सरकार शिक्षामित्रों के मानदेय में वृद्धि और लोक निर्माण, आवास व परिवहन जैसे बुनियादी क्षेत्रों के लिए भारी-भरकम आवंटन कर सकती है। यदि ये घोषणाएं होती हैं, तो इसे एक स्पष्ट चुनावी बजट माना जाएगा, जिसका लक्ष्य जनता को खुश कर चुनावी नैया पार लगाना है।
यह बजट पूरी तरह से कल्याणकारी योजनाओं पर केंद्रित रहने वाला है। पेंशन राशि में वृद्धि और बुनियादी ढांचे के लिए अधिक आवंटन से ग्रामीण अर्थव्यवस्था को मजबूती मिलेगी।- दुर्गेश अग्रवाल, वरिष्ठ चार्टर्ड अकाउंटेंट
विकास निधि में वृद्धि जिले में नए निवेश के द्वार खोलेगी। शिक्षामित्रों और पेंशनभोगियों के हाथ में अधिक पैसा आने से बाजार में नकदी का प्रवाह बढ़ेगा, जिससे स्थानीय व्यापार को भी गति मिलेगी।- सतीश माहेश्वरी, पूर्व बैंक प्रबंधक
जिले में सामाजिक पेंशन लाभार्थियों की स्थिति
- विधवा पेंशन लाभार्थी - 55,264 विधवाओं को विधवा पेंशन का लाभ मिल रहा है। इनको एक हजार रुपये महीने का लाभ मिल रहा है।
- वृद्धावस्था पेंशन लाभार्थी - 60 हजार लाभार्थी जिले में हैं, इनको एक हजार रुपये महीने का लाभ मिलता है।
- दिव्यांग पेंशन लाभार्थी - 20 हजार लाभार्थी हैं, इनको प्रति माह एक हजार रुपये का लाभ मिल रहा है।
विभाग को प्रदेश स्तर पर आवंटन (प्रस्तावित) - क्या मिल सकता है जिले को लाभ
- पुलिस विभाग को 45 हजार करोड़ - आधुनिक पुलिस और निगरानी में मदद, साइबर अपराध पर नियंत्रण
- सामाजिक पेंशन के लिए - लाभर्थियों को मिलने वाली मौजूदा राशि 1000 रुपये से बढ़ाकर 1500 रुपये
- शिक्षा मित्रों के मानदेय में वृद्धि - जिले के 4500 शिक्षा मित्रों का मानदेय बढ़ाकर 20 हजार तक हो सकता है
- मेधावी छात्राओं के लिए स्कूटी की घोषणा- जिले की टॉपर्स छात्राओं को लाभ
- लोक निर्माण विभाग (12 हजार करोड़)-जिले में राज्य राजमार्ग से लेकर बाईपास, गांव में लिंक मार्गों का निर्माण
- परिवहन विभाग (दो हजार करोड़) - जिले के रोडवेज बसों के बेड़े में वृद्धि, ई-बसों की संख्या बढ़ सकती है
- विकास और अवस्थापना निधि (8500 करोड़) - जिले में ढांचागत विकास की राह आगे बढ़ सकती है।
महिलाओं को अपने हक में बड़ी घोषणाओं की उम्मीद
बजट से अलीगढ़ की महिलाओं ने अपनी विशेष उम्मीदें जताई हैं। महिलाओं का कहना है कि शहर की बुनियादी सुविधाओं में सुधार प्राथमिकता होनी चाहिए। बेतरतीब सार्वजनिक परिवहन, बदहाल प्रसाधन और आर्थिक रियायतों को लेकर महिलाएं वित्त मंत्री से ठोस प्रावधानों की आस लगाए बैठी हैं। शहर के व्यस्त बाजारों में महिलाओं के लिए स्वच्छ शौचालयों का अभाव एक गंभीर समस्या है। वहीं, परिवहन के नाम पर ई-रिक्शा, ऑटो चालकों की मनमानी और सुरक्षा के अभाव ने आवाजाही को मुश्किल बना दिया है।
बजट से महिलाओं की अपेक्षा
शहर में सार्वजनिक परिवहन के नाम पर बेतरतीब ई-रिक्शा और ऑटो का बोलबाला है। न इनका कोई रुकने का ठिकाना है और न ही किराया तय है। बजट में महिलाओं के लिए सुरक्षित और सुव्यवस्थित बस सेवा या पिंक ई-रिक्शा जैसे प्रोजेक्ट्स के लिए अलग प्रवधान होना चाहिए। - आभा वार्ष्णेय, एडवोकेट
सार्वजनिक प्रसाधनों की स्थिति दयनीय है। बजट 2026 में आधुनिक स्वच्छता केंद्रों और उनके नियमित मेंटेनेंस के लिए विशेष फंड जारी हो, ताकि महिलाओं को बाजारों में शर्मिंदगी न उठानी पड़े।- बिंदू शर्मा, गृहिणी
महिला सशक्तीकरण तब होगा जब हम आर्थिक रूप से स्वतंत्र होंगी। सरकार को घर-मकान की रजिस्ट्री में महिलाओं को मिलने वाली स्टांप शुल्क छूट की सीमा और बढ़ानी चाहिए। इससे महिलाओं के नाम पर संपत्ति खरीदने का चलन बढ़ेगा और वह सुरक्षित महसूस करेंगी।- नीतू अग्रवाल, गृहिणी
सरकार को व्यापार शुरू करने वाली महिलाओं के लिए विशेष सब्सिडी और टैक्स में छूट देनी चाहिए। छोटे उद्योगों से जुड़ी महिलाओं के लिए बजट में विशेष प्रावधान होने चाहिए, ताकि वे अपनी आत्मनिर्भरता की राह आसान बना सकें।- अर्चना माहेश्वरी, कामकाजी महिला, वित्तीय संस्थान