Aligarh News: आधी रात के अंधेरे में हाईवे से सफर, मुसाफिरों को लगता है डर, दर्द से तड़पती रही गर्भवती
25 फरवरी रात कासगंज निवासी गर्भवती कीर्ति पत्नी रामअवतार घर जाने के लिए परेशान थीं। उन्हें प्रसव पीड़ा हो रही थी। घंटे भर टेंपो में ही बस आने के इंतजार में तड़पतीं रहीं।
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आधी रात के अंधेरे में अधिकांश रोडवेज बसें जीटी रोड हाईवे पर खेरेश्वर और बौनेर बाईपास पर सवारियों को उतार रहीं हैं। सैकड़ों मुसाफिरों को इन बसों को पकड़ने के लिए बाईपास तक दौड़ लगानी पड़ रही है, क्योंकि अधिकांश डिपो के बस चालक एवं परिचालक कम समय और ट्रैफिक जाम का हवाला देकर सारसौल व मसूदाबाद बस अड्डे पर आने से इन्कार कर देते हैं।
खास बात ये है कि इस मनमानी पर कभी कोई कार्रवाई नहीं होती है। ऐसे में महिलाएं, बुजुर्ग और बच्चे हाईवे के किनारे उतरकर घर जाने के लिए साधन की तलाश में भटकते हैं। हाईवे पर अंधेरा होने से उन्हें डर भी लगता है। शहर तक आने-जाने में उन्हें दोगुना किराया देना पड़ रहा है।
मुझे एटा जाना था। स्टैंड पर बस नहीं आई तो बौनेर चौराहे पर आया हूं। डेढ़ घंटे से बस का इंतजार कर रहा हूं।-अवनीश कुमार, विकास नगर
मुझे रिश्तेदारी के एक समारोह में फर्रुखाबाद जाना था। काफी देर से बस नहीं मिली है, अब वापस घर जा रहे हैं।-यतीश कुमार, बेगम बाग
रोडवेज बसों का स्टैंड तक आना अनिवार्य है। जो बसें सीधे हाईवे से गुजर रही हैं, उनके संबंधित डिपो को पत्र लिखकर चालक- परिचालकों के खिलाफ कार्रवाई कराई जाएगी।-सत्येंद्र कुमार वर्मा, क्षेत्रीय प्रबंधक रोडवेज
दर्द से तड़पती रही गर्भवती
स्टैंड के अलावा हाईवे पर भी यात्रियों को बसों का इंतजार करना पड़ रहा है। 25 फरवरी रात कासगंज निवासी गर्भवती कीर्ति पत्नी रामअवतार घर जाने के लिए परेशान थीं। उन्हें प्रसव पीड़ा हो रही थी। घंटे भर टेंपो में ही बस आने के इंतजार में तड़पतीं रहीं। रात करीब 12 बजे कुछ यात्रियों ने कासगंज डिपो की बस को रुकवाया और उसमें उन्हें बिठाया। महिला अपने पति और सास के साथ किसी रिश्तेदारी में अलीगढ़ आई थी।
