नकली पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई: पराग पेंट्स एंड केमिकल्स का लाइसेंस निलंबित, क्रय-विक्रय पर भी लगाई रोक
आगरा रोड स्थित फर्म पराग पेंट्स एंड केमिकल्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही फर्म के भागीदार गौरव और चित्रा वार्ष्णेय को किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय करने से रोक दिया गया है।
विस्तार
सॉल्वेंट व्यापार की आड़ में कई राज्यों में मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थों की सप्लाई करने वाले एक बड़े नेटवर्क का भंड़ाफोड़ होने के बाद अलीगढ़ प्रशासन ने कड़ा कदम उठाया है। गिरोह के मास्टरमाइंड कन्हैया लाल वार्ष्णेय की आगरा रोड स्थित फर्म पराग पेंट्स एंड केमिकल्स का लाइसेंस तत्काल प्रभाव से निलंबित कर दिया गया है। साथ ही फर्म के भागीदार गौरव और चित्रा वार्ष्णेय को किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय करने से रोक दिया गया है।
इस पूरे मामले का खुलासा पिछले वर्ष 14 नवंबर को हुआ था। गौतमबुद्ध नगर विशेष कार्य बल (एसटीएफ) ने फिरोजाबाद के पास एक टैंकर को पकड़ा था। इसमें 8,000 लीटर अधोमानक (मिलावटी) पेट्रोलियम पदार्थ और 56,100 रुपये नकद बरामद किए गए थे। गिरफ्तार आरोपियों से पूछताछ और जांच में यह स्पष्ट हुआ कि मिलावट का यह खेल अलीगढ़ की इसी फर्म से संचालित हो रहा था।
घटना के बाद जिला आपूर्ति टीम और एसटीएफ ने संयुक्त छापेमारी कर फर्म से 21 नमूने एकत्र किए थे। उन्हें टेस्टिंग के लिए लैब में भेजा गया। फर्म के पास सॉल्वेंट, रिफिनेट, स्लॉप और नेफ्था के विक्रय का लाइसेंस था, लेकिन इसकी आड़ में यूपी, बिहार, हरियाणा, राजस्थान समेत अन्य राज्यों में मिलावटी पेट्रोलियम पदार्थ की आपूर्ति हो रही थी। मामले की गंभीरता को देखते हुए जिलाधिकारी के अनुमोदन पर जिला पूर्ति अधिकारी सत्यवीर ने फर्म का लाइसेंस निलंबित किए जाने के आदेश जारी किए हैं।
आदेश के मुताबिक फर्म के भागीदार गौरव वार्ष्णेय और चित्रा वार्ष्णेय को निलंबन अवधि के दौरान किसी भी प्रकार के क्रय-विक्रय पर रोक लगा दी गई है। प्रशासन ने पिछले चार महीनों (एक जुलाई से 14 नवंबर 2025) का स्टॉक और बिक्री रजिस्टर तीन दिनों के भीतर कार्यालय में जमा करने का अल्टीमेटम दिया है। इस मामले में आवश्यक वस्तु अधिनियम 1955 की धारा 3/7 के तहत एफआईआर दर्ज की जा चुकी है।
प्रशासन की इस कार्रवाई से मिलावटी तेल के काले कारोबार से जुड़े सिंडिकेट में हड़कंप मच गया है। कन्हैया लाल 16 जनवरी से शुरू होने जा रही अलीगढ़ नुमाइश में सबसे बड़े ठेके तहबाजारी से भी अप्रत्यक्ष रूप से जुड़ा है। इस संबंध में फर्म के मालिक कन्हैया लाल वार्ष्णेय ने बताया कि लाइसेंस निलंबित हुआ है। हम प्रयास करेंगे। बहाल भी हो जाएगा।
सॉल्वेंट व्यापार की आड़ में पेट्रोलियम पदार्थों में मिलावट का खेल बर्दाश्त नहीं किया जाएगा। फर्म ने पूर्व में दिए गए निर्देशों का उल्लंघन किया है। इसके चलते लाइसेंस निलंबित किया गया है। - सत्यवीर, जिला पूर्ति अधिकारी
पूछताछ में जुर्म स्वीकार किया था
उस समय एसटीएफ की पूछताछ में मास्टरमाइंड कन्हैया लाल ने खुलासा किया कि था कि वह ज्यादा मुनाफा कमाने के लिए अपनी अलीगढ़ स्थित फैक्टरी में ही मिलावटी तेल तैयार करता था। पेट्रोल, डीजल में अन्य पेट्रोलियम पदार्थों को मिलाकर डेंसिटी (घनत्व) कम-ज्यादा करता था, जिससे उत्पादन लागत मात्र 60-65 रुपये प्रति लीटर आती थी। वह इसे पवन गिरी को 70-75 रुपये में बेचता था। पवन गिरी इसे चंद्र विजय जैसे पंप संचालकों को ऊंचे दामों पर बेचता था। वह इसे इसे ग्राहकों को मार्केट रेट पर बेचकर दोहरा मुनाफा कमाता था।
14 नवंबर को पकड़ा था पूरा गिरोह
14 नवंबर को एसटीएफ उप निरीक्षक सनत कुमार की टीम ने मुखबिर की सूचना पर एका थाना पुलिस के साथ क्षेत्र के चंद्रा फिलिंग स्टेशन पर घेराबंदी की थी। टीम ने सप्लाई देते समय एक टैंकर को पकड़ा। यहां मौके से पांच आरोपियों को गिरफ्तार किया था। इसमें मास्टरमाइंड कन्हैया लाल वार्ष्णेय, निवासी सासनी गेट, अलीगढ़, टैंकर चालक पवन गिरी निवासी रंगपुर, थाना सलेमपुर, बुलंदशहर, सद्दाम निवासी वीजा कॉलोनी, बुलंदशहर, चंद्र विजय निवासी जेडा, थाना एका (पेट्रोल पंप संचालक) और सर्वेश कुमार निवासी रसीदपुर सहसवान, थाना जाकिर नगर, बदायूं शामिल थे।