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AMU: शुरू हुआ फार्माकोविजिलेंस क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र, दवाओं के सुरक्षित-तर्कसंगत उपयोग को मिलेगा बढ़ावा

Fri, 07 Aug 2026 04:44 PM IST
Chaman Kumar Sharma अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Fri, 07 Aug 2026 04:44 PM IST
सार

यह केंद्र दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देगा। यह प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फार्माकोविजिलेंस प्रशिक्षण को भी नई गति प्रदान की जाएगी।

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Pharma co vigilance Regional Training Centre at JN Medical College
जेएन मेडिकल कॉलेज में फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन - फोटो : एएमयू

विस्तार

एएमयू के जेएन मेडिकल कॉलेज में फार्माकोविजिलेंस के क्षेत्रीय प्रशिक्षण केंद्र का उद्घाटन हुआ। यह केंद्र भारतीय औषधि संहिता आयोग, स्वास्थ्य एवं परिवार कल्याण मंत्रालय के फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के तहत स्थापित है। इसका उद्देश्य दवा सुरक्षा, रोगी देखभाल को मजबूत करना और प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं की निगरानी को गति देना है।

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विश्वविद्यालय की कुलपति प्रो. नइमा खातून ने केंद्र का शुभारंभ किया। इस अवसर पर प्रो-वाईस चांसलर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान और चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद उपस्थित रहे। जवाहरलाल नेहरू मेडिकल कॉलेज एवं अस्पताल के प्राचार्य प्रो. अंजुम परवेज भी मौजूद थे। एम आई सी जनसंपर्क कार्यालय प्रो. विभा शर्मा और फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एस. जियाउर रहमान भी कार्यक्रम में शामिल हुए। 
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मुख्य अतिथि डॉ. वी. कलैसेलवन ने जेएन मेडिकल कॉलेज के योगदान की सराहना की। उन्होंने कहा कि यह केंद्र फार्माकोविजिलेंस प्रोग्राम ऑफ इंडिया के उद्देश्यों को आगे बढ़ाएगा। प्रो. नाइमा खातून ने इसे एएमयू की प्रतिबद्धता का प्रतीक बताया। उन्होंने कहा कि आधुनिक स्वास्थ्य सेवाओं में मजबूत फार्माकोविजिलेंस प्रणाली आवश्यक है, जो दवाओं की सुरक्षा पर निरंतर निगरानी रखती है। उन्होंने रोगी सुरक्षा, अनुसंधान और साक्ष्य-आधारित चिकित्सा पद्धति को बढ़ावा देने का विश्वास व्यक्त किया।

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केंद्र के उद्देश्य और महत्व
यह केंद्र दवाओं के सुरक्षित और तर्कसंगत उपयोग को बढ़ावा देगा। यह प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं की निगरानी में महत्वपूर्ण भूमिका निभाएगा। फार्माकोविजिलेंस प्रशिक्षण को भी नई गति प्रदान की जाएगी। प्रो-वाईस चांसलर प्रो. मोहम्मद मोहसिन खान ने फार्माकोलॉजी विभाग को बधाई दी। उन्होंने कहा कि यह केंद्र एएमयू की शैक्षणिक एवं चिकित्सा सेवाओं को नई पहचान देगा।

स्वास्थ्य सेवाओं में भूमिका
चिकित्सा संकाय के डीन प्रो. मोहम्मद खालिद ने इसे चिकित्सा शिक्षा एवं अनुसंधान में महत्वपूर्ण उपलब्धि कहा। यह केंद्र फार्माकोविजिलेंस शिक्षा को मजबूत करेगा। यह साक्ष्य-आधारित उपचार पद्धति को प्रोत्साहित करेगा। स्वास्थ्यकर्मियों को रोगी सुरक्षा के उच्चतम मानकों के अनुरूप प्रशिक्षित किया जाएगा। जेएन मेडिकल कॉलेज के प्राचार्य प्रो. अंजुम परवेज ने दवाओं के प्रतिकूल प्रभावों की समय पर रिपोर्टिंग को आधारशिला बताया।

प्रशिक्षण और जागरूकता कार्यक्रम
फार्माकोलॉजी विभाग के अध्यक्ष प्रो. एस. जियाउर रहमान ने केंद्र की कार्यप्रणाली बताई। यह केंद्र दवा सुरक्षा को बढ़ावा देने और प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं की रिपोर्टिंग को सशक्त करेगा। यह क्लिनिकल सतर्कता की संस्कृति विकसित करने के लिए क्षेत्रीय केंद्र के रूप में कार्य करेगा। केंद्र चिकित्सकों, फार्मासिस्टों, नर्सों, शोधार्थियों तथा अन्य स्वास्थ्य पेशेवरों के लिए विशेष प्रशिक्षण कार्यक्रम, कार्यशालाएं और जागरूकता अभियान आयोजित करेगा। इनसे प्रतिकूल औषधीय प्रतिक्रियाओं की पहचान, रिपोर्टिंग और रोकथाम प्रभावी होगी। कार्यक्रम का संचालन डॉ. सौम्या ठाकुर ने किया और डॉ. मोहम्मद सरफराज ने सभी अतिथियों का धन्यवाद ज्ञापन किया।

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