PA System: महाशिवरात्रि-होली नजदीक, अलीगढ़ के 17 संवेदनशील चौराहों पर पसरा सन्नाटा, कंट्रोल रूम से टूटा संपर्क
अलीगढ़ में कुल 40 स्थानों पर यह सिस्टम लगाए गए थे। इनमें से 17 मुख्य बिंदुओं पर इनकी आवाज पूरी तरह बंद है। यातायात पुलिस ने स्वीकार किया है कि पीएएस के खराब होने से यातायात व्यवस्था में भारी दिक्कत आ रही है।
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शिवरात्रि और होली जैसे बड़े त्योहार नजदीक हैं, लेकिन अलीगढ़ शहर की कानून और यातायात व्यवस्था को संभालने वाली जन संबोधन प्रणाली (पब्लिक एड्रेस सिस्टम) खुद वेंटिलेटर पर है। शहर के सबसे महत्वपूर्ण और संवेदनशील 17 चौराहों पर पिछले छह महीनों से यह सिस्टम शोपीस बना हुआ है। स्मार्ट सिटी के दावों के बीच लाखों रुपये की लागत से लगा यह तंत्र देखरेख के अभाव में बीमार पड़ा है।
शहर में कुल 40 स्थानों पर यह सिस्टम लगाए गए थे। इनमें से 17 मुख्य बिंदुओं पर इनकी आवाज पूरी तरह बंद है। यातायात पुलिस ने स्वीकार किया है कि पीएएस के खराब होने से यातायात व्यवस्था में भारी दिक्कत आ रही है। एक यूनिट को लगाने में करीब 90 हजार से 1.20 लाख रुपये का खर्च आता है, लेकिन छह महीने से मरम्मत न होने के कारण सरकारी धन का यह निवेश बेकार साबित हो रहा है।
त्योहारों के समय भीड़ नियंत्रण और आपातकालीन सूचनाओं के प्रसार के लिए इस सिस्टम का दुरुस्त होना अनिवार्य है। इन्हें ठीक नहीं किया गया तो यातायात व्यवस्था और सुरक्षा के मोर्चे पर समस्या हो सकती है। - योगेश सारस्वत, अधिवक्ता
पीएएस खराब होने के के कारण यातायात प्रबंधन के साथ ही आपराधिक गतिविधियों की निगरानी का काम भी प्रभावित हो रहा है। इसको तुरंत सही कराने के लिए नगर निगम से कहा गया है। - प्रवीन कुमार, पुलिस अधीक्षक यातायात
कंट्रोल रूम से टूट गया संपर्क
स्मार्ट सिटी के इंटीग्रेटेड कंट्रोल एंड कमांड सेंटर (आईसीसीसी) के लिए यह सिस्टम कान और गले का काम करता है। सीसीटीवी कैमरों के जरिए चौराहों की स्थिति देख रहे अधिकारी इसी सिस्टम के माध्यम से निर्देश देते हैं कि यातायात को कहां डायवर्ट करना है या जाम की स्थिति में क्या कदम उठाने हैं। पीएएस के खराब होने से अब कमांड सेंटर से सीधे निर्देश देना असंभव हो गया है।
इन संवेदनशील इलाकों में सिस्टम खराब
बारहद्वारी चौराहा, तुर्कमान गेट, गिलहराज मंदिर, कुंजीलाल तिराहा, रामलीला मैदान, जकरिया मार्केट, शमशाद मार्केट, क्वार्सी, अचलताल, दीवानी कचहरी, एटा चुंगी, दुबे का पड़ाव, दोदपुर, केलानगर और मसूदाबाद जैसे संवेदनशील इलाकों में यह सिस्टम खराब पड़ा है।
तीन दशक पुराना है इतिहास
नगर निगम कार्यकारिणी के पूर्व उप सभापति कुलदीप पांडेय का कहना है कि अलीगढ़ के संवेदनशील इतिहास को देखते हुए करीब 30 साल पहले एक बड़ी घटना के बाद इस सिस्टम की शुरुआत हुई थी। पहले इसका संचालन पुलिस कंट्रोल रूम से होता था। अब आधुनिक तकनीक के साथ आईसीसीसी को सौंप दिया गया है।