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UP: आखिरी दांव से पहले चंगुल में फंसे, 1200 करोड़ से ज्यादा बचे, निशाने पर थे डेढ़ लाख लोग; 5000 करोड़ की ठगी
अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़
Published by: शाहरुख खान
Updated Sun, 08 Feb 2026 03:27 PM IST
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सार
अलीगढ़ में साइबर पुलिस ने शेयर में निवेश के नाम पर देश भर में साइबर ठगी कर रहे और हांगकांग से संचालित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 12 सदस्यों को यूपी सहित देश के छह राज्यों से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पांच हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है। इसकी आगे की जांच में इंटरपोल से मदद लेने के लिए सीबीआई को भी पत्राचार किया जा रहा है।
पुलिस की गिरफ्त में आरोपी
- फोटो : संवाद न्यूज एजेंसी
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विस्तार
अलीगढ़ में साइबर अपराध में शायद ही देश में ऐसा कार्रवाई पहले हुई हो, जब साइबर ठग ठगी करते समय दबोचे गए हों। जिले की साइबर टीम ने हांगकांग से संचालित जिस गैंग पर कार्रवाई की है, उसने 600 व्हाट्सएप ग्रुपों में देश के डेढ़ लाख लोगों को जोड़ रखा था। उनसे छह फरवरी को करीब 1200 करोड़ से ज्यादा की ठगी होनी थी।
इस कार्रवाई के बीच गृह व दूरसंचार मंत्रालय की मदद से सभी 600 व्हाट्सएप ग्रुपों को बंद कराने के साथ-साथ ठगी के लिए बनाई गईं दो एप भी देश में प्रतिबंधित कराई गईं। हालांकि, इस कार्रवाई से पहले पिछले एक सप्ताह में 1200 करोड़ से ज्यादा इन्हीं व्हाट्सएप ग्रुपों से ठग लिए, जबकि कुछ माह में कुल ठगी गई रकम 5000 करोड़ से ज्यादा है।
पुलिस को सूचना देकर ठगों के संपर्क में रहे सेवानिवृत्त डीजीएम, दो करोड़ बचे
एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि ठगी के शिकार हुए स्वर्ण जयंती नगर के दिनेश शर्मा जब हमारे पास आए तो उन्होंने बताया कि वे पिछले 45 दिन से ठगों के संपर्क में हैं। अब तक वे 1.10 करोड़ गवां चुके हैं। अभी छह फरवरी को दो करोड़ रुपये अभी मांगे गए हैं।
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इस कार्रवाई के बीच गृह व दूरसंचार मंत्रालय की मदद से सभी 600 व्हाट्सएप ग्रुपों को बंद कराने के साथ-साथ ठगी के लिए बनाई गईं दो एप भी देश में प्रतिबंधित कराई गईं। हालांकि, इस कार्रवाई से पहले पिछले एक सप्ताह में 1200 करोड़ से ज्यादा इन्हीं व्हाट्सएप ग्रुपों से ठग लिए, जबकि कुछ माह में कुल ठगी गई रकम 5000 करोड़ से ज्यादा है।
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पुलिस को सूचना देकर ठगों के संपर्क में रहे सेवानिवृत्त डीजीएम, दो करोड़ बचे
एसपी देहात अमृत जैन ने बताया कि ठगी के शिकार हुए स्वर्ण जयंती नगर के दिनेश शर्मा जब हमारे पास आए तो उन्होंने बताया कि वे पिछले 45 दिन से ठगों के संपर्क में हैं। अब तक वे 1.10 करोड़ गवां चुके हैं। अभी छह फरवरी को दो करोड़ रुपये अभी मांगे गए हैं।
उन्होंने बताया कि 200 गुना मुनाफे की बात कहकर उन्हें बार-बार प्रेरित कर इस व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर फायदे दिखाए। उनके 64 हजार रुपये होल्ड कराए गए। रिपोर्ट दर्ज कर तय किया गया कि इसमें दिनेश शर्मा ठगों के संपर्क में रहेंगे। पुलिस अपना काम शुरू कर देगी। दिनेश शर्मा भी इस बात पर राजी हो गए। अधिकारियों से विमर्श कर साइबर-सर्विलांस टीमों को काम पर लगाया गया।
सात खातों से आरोपियों तक पहुंचीं पुलिस टीमें
शुरुआती जांच में सात ऐसे खाते सामने आए, जिनमें दिनेश शर्मा से रकम ट्रांसफर कराई गई थी। उन खातों पर गहराई से आई-फॉर-सी व बैंक पोर्टलों की मदद से जांच शुरू की गई। पाया गया कि व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल 80 लोगों से जुड़े लोग ही खातों को ऑपरेट कर रहे है। ये खाते देश में ही ऑपरेट हो रहे हैं। बस उनका पीछा शुरू किया गया तो खाते ऑपरेट कर रहे लोग लगातार इधर से उधर सफर कर रहे थे। मगर टीमों ने उन्हें दबोच ही लिया।
शुरुआती जांच में सात ऐसे खाते सामने आए, जिनमें दिनेश शर्मा से रकम ट्रांसफर कराई गई थी। उन खातों पर गहराई से आई-फॉर-सी व बैंक पोर्टलों की मदद से जांच शुरू की गई। पाया गया कि व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल 80 लोगों से जुड़े लोग ही खातों को ऑपरेट कर रहे है। ये खाते देश में ही ऑपरेट हो रहे हैं। बस उनका पीछा शुरू किया गया तो खाते ऑपरेट कर रहे लोग लगातार इधर से उधर सफर कर रहे थे। मगर टीमों ने उन्हें दबोच ही लिया।
कहीं खाताधारक बंधक थे तो कहीं साथ सफर में
जब टीमें इन ओडिशा, मथुरा व उत्तराखंड सहित अलग अलग जगहों पर पहुंचीं तो पता चला कि ओडिशा में जितेंद्र खाता ऑपरेट कर रहा था। जगन्नाथ खाते किराये पर लाया था। उनके साथ खाताधारक देवाशीष व रंकनिधी सफर कर रहे थे। वह भुवनेश्वर से गुवाहाटी व वापस भुवनेश्वर आए। दोनों खाताधारकों को उनके खाते में एक करोड़ आने के बदले उन्हें दस लाख रुपये देना तय किया था।
जब टीमें इन ओडिशा, मथुरा व उत्तराखंड सहित अलग अलग जगहों पर पहुंचीं तो पता चला कि ओडिशा में जितेंद्र खाता ऑपरेट कर रहा था। जगन्नाथ खाते किराये पर लाया था। उनके साथ खाताधारक देवाशीष व रंकनिधी सफर कर रहे थे। वह भुवनेश्वर से गुवाहाटी व वापस भुवनेश्वर आए। दोनों खाताधारकों को उनके खाते में एक करोड़ आने के बदले उन्हें दस लाख रुपये देना तय किया था।
इसी तरह मथुरा में आदित्य के पास पहुंचे तो उसने दो खाताधारकों को बंधक बना रखा था। वहीं छत्तीसगढ़ का दुर्गेश खाता ऑपरेट कर रहा था। उसके साथ भी दो खाताधारक थे। उन्हें मोटे कमीशन का लालच मिला था। ये सभी लोग पिछले करीब छह माह से इस धंधे में शामिल थे। पकड़े गए सभी खाताधारक प्रोफेशनल तरीके से किराये पर खाते दे रहे थे। इनके खातों में बड़ी रकम पहुंच रही। जितेंद्र व दुर्गेश हांगकांग वालों के संपर्क में थे।
ओडिशा वाला सरगना भाजपा का नेता
पुलिस टीमें जिन राज्यों में या जिन शहरों में पहुंचीं, वहां गृह मंत्रालय के जरिये सभी राज्यों के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को मदद का निर्देश दिया गया। साथ में न्यायालय में तत्काल ट्रांजिट रिमांड आदि कराने में सहयोग को कहा गया। इस दौरान ओडिशा के जितेंद्र का नाम आया जो भाजपा का नेता है। उसे पकड़ने पर वहां पुलिस पर दबाव आया, लेकिन साक्ष्य होने के चलते ट्रांजिट रिमांड पर उसे यहां लाया जा सका। इस बीच सातों टीमें पांच दिन तक धरपकड़ करती रही।
पुलिस टीमें जिन राज्यों में या जिन शहरों में पहुंचीं, वहां गृह मंत्रालय के जरिये सभी राज्यों के पुलिस प्रशासनिक अधिकारियों को मदद का निर्देश दिया गया। साथ में न्यायालय में तत्काल ट्रांजिट रिमांड आदि कराने में सहयोग को कहा गया। इस दौरान ओडिशा के जितेंद्र का नाम आया जो भाजपा का नेता है। उसे पकड़ने पर वहां पुलिस पर दबाव आया, लेकिन साक्ष्य होने के चलते ट्रांजिट रिमांड पर उसे यहां लाया जा सका। इस बीच सातों टीमें पांच दिन तक धरपकड़ करती रही।
ऐसे चल रहा यह गैंग
हांगकांग की आईपी पर शेयर बाजार के प्लेटफॉर्म से मिलते जुलते प्लेटफॉर्म बनाए गए। इनमें से एक फायर इलाइट प्रो एप 52 दिन पहले ही बनी थी। फिर टेलीग्राम ग्रुपों के जरिये अपने देश में अलग अलग राज्यों के ऐसे युवा जोड़े गए, जो जल्दी धन कमाना चाहते थे। उन युवाओं को ट्रेनिंग देकर व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को जोड़कर रकम ऐंठने में लगाया गया। दूसरी ओर कुछ युवक बैंक खाते खरीदकर या किराये पर लेकर उनसे रकम को तत्काल दूसरे खातों में ट्रांसफर करने व आगे यूएसडीटी खरीदने में लगाए गए। मोबाइल कॉलिंग वाले सभी नंबर हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ही संचालित हो रहे थे। बस बैंक खाते अपने देश में ऑपरेट हो रहे थे।
हांगकांग की आईपी पर शेयर बाजार के प्लेटफॉर्म से मिलते जुलते प्लेटफॉर्म बनाए गए। इनमें से एक फायर इलाइट प्रो एप 52 दिन पहले ही बनी थी। फिर टेलीग्राम ग्रुपों के जरिये अपने देश में अलग अलग राज्यों के ऐसे युवा जोड़े गए, जो जल्दी धन कमाना चाहते थे। उन युवाओं को ट्रेनिंग देकर व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को जोड़कर रकम ऐंठने में लगाया गया। दूसरी ओर कुछ युवक बैंक खाते खरीदकर या किराये पर लेकर उनसे रकम को तत्काल दूसरे खातों में ट्रांसफर करने व आगे यूएसडीटी खरीदने में लगाए गए। मोबाइल कॉलिंग वाले सभी नंबर हांगकांग की इंटरनेट आईपी से ही संचालित हो रहे थे। बस बैंक खाते अपने देश में ऑपरेट हो रहे थे।
पिगबुचरिंग में ऐसे लोग थे शिकार
देश में जो लोग ट्रेनिंग पाकर ठगी के शिकार खोज रहे थे। वे सिर्फ सेवानिवृत्त बड़े अधिकारियों, बड़े व्यापारियों व बड़ी रकम वाले खातों के स्वामियों की सोशल मीडिया-वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करते थे। साइबर अपराध में पिगबुचरिंग करते हुए यानि इनको प्रेरित करने व ठगने का प्रयास करते हुए सभी लोगों को व्हाट्सएप पर शेयर बाजार में 200 गुना मुनाफे के संदेश भेजकर उन्हें प्रभावित करते। बाद में व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उनके मन में लालच जगाते। बाद में उनके सुनियोजित एकाउंट व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ही ठगी में प्रयोग होने वाली एप पर खुलवाकर रकम लेकर ठगी शुरू करते थे।
देश में जो लोग ट्रेनिंग पाकर ठगी के शिकार खोज रहे थे। वे सिर्फ सेवानिवृत्त बड़े अधिकारियों, बड़े व्यापारियों व बड़ी रकम वाले खातों के स्वामियों की सोशल मीडिया-वित्तीय गतिविधियों की निगरानी करते थे। साइबर अपराध में पिगबुचरिंग करते हुए यानि इनको प्रेरित करने व ठगने का प्रयास करते हुए सभी लोगों को व्हाट्सएप पर शेयर बाजार में 200 गुना मुनाफे के संदेश भेजकर उन्हें प्रभावित करते। बाद में व्हाट्सएप ग्रुप में जोड़कर उनके मन में लालच जगाते। बाद में उनके सुनियोजित एकाउंट व्हाट्सएप ग्रुप के जरिये ही ठगी में प्रयोग होने वाली एप पर खुलवाकर रकम लेकर ठगी शुरू करते थे।
अभी दो दर्जन की तलाश, रकम विदेश पहुंची
एसपी देहात बताते हैं कि इस मामले में अभी दो दर्जन लोगों की तलाश है। जो देश में ही सक्रिय हैं, इनके द्वारा ठगी गई रकम विदेश पहुंच गई है। ऐसा अब तक की जांच में अनुमान है। दिनेश शर्मा से ठगी रकम में से साढ़े पांच लाख रुपये मिल गए हैं, जबकि कुछ रकम अभी खातों में होल्ड है। उन सभी पर वापसी आदि का प्रयास किया जा रहा है।
एसपी देहात बताते हैं कि इस मामले में अभी दो दर्जन लोगों की तलाश है। जो देश में ही सक्रिय हैं, इनके द्वारा ठगी गई रकम विदेश पहुंच गई है। ऐसा अब तक की जांच में अनुमान है। दिनेश शर्मा से ठगी रकम में से साढ़े पांच लाख रुपये मिल गए हैं, जबकि कुछ रकम अभी खातों में होल्ड है। उन सभी पर वापसी आदि का प्रयास किया जा रहा है।
इन सभी पर दो दर्जन रिपोर्ट दर्ज
अब तक जो लोग पकड़े गए हैं व उनके जो नंबर व खाते जांच में सामने आए हैं। उन पर दो दर्जन शिकायतें साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं। वहीं गृह मंत्रालय के जरिये साइबर पोर्टल की एक टीम व हमारे जिले की टीम इनसे जुड़े व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल लोगों को चेता रही है। ताकि उन्हें ठगी से बचाया जा सके।
अब तक जो लोग पकड़े गए हैं व उनके जो नंबर व खाते जांच में सामने आए हैं। उन पर दो दर्जन शिकायतें साइबर पोर्टल पर दर्ज हैं। वहीं गृह मंत्रालय के जरिये साइबर पोर्टल की एक टीम व हमारे जिले की टीम इनसे जुड़े व्हाट्सएप ग्रुपों में शामिल लोगों को चेता रही है। ताकि उन्हें ठगी से बचाया जा सके।
इंटरपोल-सीबीआई की मदद से हांगकांग में दबिश की योजना
एसपी देहात ने बताया कि इस प्रकरण में अभी करीब दो दर्जन लोग ऐसे हैं, जो देश के अलग अलग राज्यों में हैं। वे सभी वांछित हैं। उनकी तलाश में हमारी टीमों का काम जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच व साइबर-सर्विलांस साक्ष्यों के अनुसार यह पूरा गिरोह हांगकांग से संचालित होना पाया गया है।
एसपी देहात ने बताया कि इस प्रकरण में अभी करीब दो दर्जन लोग ऐसे हैं, जो देश के अलग अलग राज्यों में हैं। वे सभी वांछित हैं। उनकी तलाश में हमारी टीमों का काम जारी रहेगा। उन्होंने बताया कि अब तक की जांच व साइबर-सर्विलांस साक्ष्यों के अनुसार यह पूरा गिरोह हांगकांग से संचालित होना पाया गया है।
इसलिए वहां भी दबिश की योजना है। इसके लिए इंटरपोल को सीबीआई के जरिये पत्राचार किया जा रहा है। जिसमें वहां धरपकड़ कराने के साथ-साथ यह भी संस्तुति की जा रही है कि अगर चाहें तो आगे की विवेचना सीबीआई स्तर से भी कराई जा सकती है।
ये आरोपी पकड़े गए
-जगन्नाथ प्रधान निवासी बंकालिडी, बाडाबोरासिंगी गंगापुर जिला गंजम, ओडिशा
-देवाषीश प्रधान निवासी बेलाबडी तुरुमु भंजानगर जिला गंजम, ओडिशा
-जितेन्द्र चौधरी निवासी चुढिय़ापल्ली अंबापुआ थाना वैलगुन्ठ जिला गंजम ओडिशा
-रंकनिधि नायक निवासी चुढिय़ापल्ली अंबापुआ गंजम थाना वैलगुन्ठ जिला गंजम, ओडिशा
-दुर्गेश कुमार गुप्ता निवासी रुनान्दा गांधी चौक भिलाई जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़
-सूरज सिंह पंवार निवासी मोहथरानवाल मार्ग अजबपुर कालान देहरादून, उत्तराखंड
-रविंद्र सिंह राठौर निवासी फेज-2 यमुनोत्री एन्कलेव चन्द्रभानी रोड वैष्णो माता मन्दिर रोवला कला देहरादून, उत्तराखंड
-सुरेश कुमार निवासी प्रिन्सिस पार्क ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर- 86 ओल्ड फरीदाबाद, हरियाणा
-नवनीत लहरी निवासी नाडी रोड थाना सैफऊ जिला धौलपुर, राजस्थान
-रिजवान निवासी 151 मदीना मस्जिद वाली गली जिला बुलंदशहर
-आदित्यपाल निवासी साकेतपुरी मोहली रोड थाना हाईवे जिला मथुरा
-आर्यन वत्स निवासी गली नंबर 15 दीपक विहार खोडा कालोनी थाना खोडई, गाजियाबाद हाल निवासी रोजजलालपुर गोल्डन वैली सोसाइटी थाना बिसरख नोएडा
-जगन्नाथ प्रधान निवासी बंकालिडी, बाडाबोरासिंगी गंगापुर जिला गंजम, ओडिशा
-देवाषीश प्रधान निवासी बेलाबडी तुरुमु भंजानगर जिला गंजम, ओडिशा
-जितेन्द्र चौधरी निवासी चुढिय़ापल्ली अंबापुआ थाना वैलगुन्ठ जिला गंजम ओडिशा
-रंकनिधि नायक निवासी चुढिय़ापल्ली अंबापुआ गंजम थाना वैलगुन्ठ जिला गंजम, ओडिशा
-दुर्गेश कुमार गुप्ता निवासी रुनान्दा गांधी चौक भिलाई जिला दुर्ग, छत्तीसगढ़
-सूरज सिंह पंवार निवासी मोहथरानवाल मार्ग अजबपुर कालान देहरादून, उत्तराखंड
-रविंद्र सिंह राठौर निवासी फेज-2 यमुनोत्री एन्कलेव चन्द्रभानी रोड वैष्णो माता मन्दिर रोवला कला देहरादून, उत्तराखंड
-सुरेश कुमार निवासी प्रिन्सिस पार्क ग्रेटर फरीदाबाद सेक्टर- 86 ओल्ड फरीदाबाद, हरियाणा
-नवनीत लहरी निवासी नाडी रोड थाना सैफऊ जिला धौलपुर, राजस्थान
-रिजवान निवासी 151 मदीना मस्जिद वाली गली जिला बुलंदशहर
-आदित्यपाल निवासी साकेतपुरी मोहली रोड थाना हाईवे जिला मथुरा
-आर्यन वत्स निवासी गली नंबर 15 दीपक विहार खोडा कालोनी थाना खोडई, गाजियाबाद हाल निवासी रोजजलालपुर गोल्डन वैली सोसाइटी थाना बिसरख नोएडा
ये हुआ बरामद
30 पासबुक व चेकबुक, दो क्रेडिट कार्ड, 28 डेबिट/एटीएम कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, नौ फर्जी फर्म की मुहर, दो जियो राउटर, एक लैपटॉप, एक कैमरा, पीड़ित दिनेश शर्मा की ठगी की रकम से पांच लाख 64 हजार रुपये।
30 पासबुक व चेकबुक, दो क्रेडिट कार्ड, 28 डेबिट/एटीएम कार्ड, 23 मोबाइल फोन, 13 सिम कार्ड, नौ फर्जी फर्म की मुहर, दो जियो राउटर, एक लैपटॉप, एक कैमरा, पीड़ित दिनेश शर्मा की ठगी की रकम से पांच लाख 64 हजार रुपये।
5000 करोड़ से ज्यादा की साइबर ठगी में 12 गिरफ्तार
साइबर पुलिस ने शेयर में निवेश के नाम पर देश भर में साइबर ठगी कर रहे और हांगकांग से संचालित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 12 सदस्यों को यूपी सहित देश के छह राज्यों से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पांच हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है। इसकी आगे की जांच में इंटरपोल से मदद लेने के लिए सीबीआई को भी पत्राचार किया जा रहा है।
साइबर पुलिस ने शेयर में निवेश के नाम पर देश भर में साइबर ठगी कर रहे और हांगकांग से संचालित अंतरराष्ट्रीय गिरोह के 12 सदस्यों को यूपी सहित देश के छह राज्यों से गिरफ्तार किया है। यह गिरोह पांच हजार करोड़ से ज्यादा की ठगी कर चुका है। इसकी आगे की जांच में इंटरपोल से मदद लेने के लिए सीबीआई को भी पत्राचार किया जा रहा है।
साइबर नोडल एसपी देहात अमृत जैन ने शनिवार को पुलिस लाइन में प्रेसवार्ता में बताया कि स्वर्ण जयंती नगर निवासी दिनेश कुमार शर्मा बैंक में डीजीएम पद से सेवानिवृत्त हैं। उनके साथ दिसंबर से जनवरी के के बीच 45 दिन के अंतराल में शेयर में निवेश व 200 गुना मुनाफा दिलाने के नाम पर 1.10 करोड़ की ठगी की गई थी। उन्होंने 31 जनवरी को साइबर थाने पर इसकी रिपोर्ट दर्ज कराई।
एसपी देहात के अनुसार विवेचना शुरू की गई तो साइबर ठग तब भी उनके संपर्क में थे। बस उसी दिशा में जब प्रयास शुरू किया तो यह गिरोह साइबर टीम के रडार पर आया। काम शुरू किया तो पता चला कि यह गिरोह हांगकांग से संचालित हो रहा है और देशभर में सक्रिय इसके सदस्य व्हाट्सएप ग्रुपों में लोगों को जोड़कर उनसे ठगी कर रकम से यूएसडीटी (अमेरिकी डॉलर से जुड़ी एक क्वाइन) खरीद रहे हैं।
दिनेश शर्मा के खाते से जिन खातों में रकम ट्रांसफर कराई गई थी। वे प्रमुख सात खाते यूपी सहित देश के छह राज्यों से संचालित पाए गए। इसी आधार पर डीआईजी व एसएसपी के निर्देश पर कुल सात टीमें बनाकर जांच शुरू की गई। इन सातों टीमों ने प्रयास कर यूपी के तीन जिलों के अलावा उत्तराखंड, हरियाणा, राजस्थान, छत्तीसगढ़, उड़ीसा में दबिश देकर कुल 12 लोगों को दबोच लिया।
हवाई व सड़क मार्गों से इन सभी को शुक्रवार मध्य रात्रि तक यहां लाया गया। पूछताछ व जांच के बाद इन सभी को शनिवार को जेल भेज दिया गया। इनसे पूछताछ में उजागर हुआ है कि अब तक जिस एप से दिनेश शर्मा को ठगा गया। उस एप के जरिये अब तक 5000 करोड़ से ज्यादा की ठगी की जा चुकी है। एसएसपी नीरज जादौन ने पूरी टीम को 25 हजार के इनाम की घोषणा की है।
-हमारे जिले की साइबर टीम ने बहुत महत्वपूर्ण खुलासा किया है। इसके लिए पूरी टीम बधाई की पात्र है। आगे भी इस गिरोह से जुड़े लोगों के खिलाफ कार्रवाई जारी रहेगी।-नीरज जादौन, एसएसपी