Aligarh Station: ट्रेन आते ही प्लेटफॉर्म पर दौड़ी पुलिस, इस बोगी में है-यहां देखो, दबोच लिए लूट के दो आरोपी
एक यात्री ने खिड़की से बाहर झांकते हुए पूछा, ''भइया रे, का है गऔ...कोई आतंकवादी चढ़ गऔ का?'' लेकिन पुलिस ने बिना प्रतिक्रिया दिए अपनी कार्रवाई जारी रखी। करीब 15 मिनट चली इस कार्रवाई में पुलिस ने चार बदमाशों में से दो को दबोच लिया।
खबरें लगातार पढ़ने के लिए अमर उजाला एप डाउनलोड करें
या
वेबसाइट पर पढ़ना जारी रखने के लिए वीडियो विज्ञापन देखें
अगर आपके पास प्रीमियम मेंबरशिप है तो
विस्तार
हाथरस से ऊंचाहार एक्सप्रेस निकलते ही अलीगढ़ जंक्शन पर हलचल तेज हो गई। स्टेशन के बाहर एक-एक कर तीन थानों की करीब 12 पुलिस गाड़ियां पहुंच गईं। रात करीब एक बजकर 30 मिनट पर स्टेशन पर एनाउंसमेंट हुआ कि ऊंचाहार एक्सप्रेस प्लेटफॉर्म नंबर चार पर आने वाली है। यह सूचना मिलते ही स्थानीय पुलिस, जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल ने संयुक्त रणनीति बनाई और सादे कपड़ों में मौजूद जवानों को आगे कर दिया।
रात एक बजकर 40 मिनट पर ट्रेन प्लेटफॉर्म पर पहुंची। कुछ यात्री उतरने लगे तो कुछ चढ़ रहे थे, लेकिन इसी बीच पुलिस ने एस-3 से एस-6 कोच तक पूरा इलाका अपने कब्जे में ले लिया। प्लेटफॉर्म की दूसरी ओर पटरियों के पास भी जवानों की तैनाती कर घेराबंदी कर दी गई। एक दरोगा ने हाथ के इशारे से टीम को रुकने का संकेत दिया और खुद एस-4 कोच में चढ़ गए। उनके पीछे पांच जवानों ने दोनों गेट संभाल लिए।
तभी बोगी के अंदर से आवाज आई, ''साहब, मिल गए।'' यह सुनते ही एस-6 के पास खड़े सीओ द्वितीय तेजी से एस-4 की ओर दौड़े और उनके पीछे बाकी पुलिसकर्मी भी भाग पड़े। करीब 15 मिनट तक बोगी के अंदर अफरातफरी जैसा माहौल रहा। अचानक इतनी बड़ी संख्या में पुलिस को देखकर यात्री भी भौंचक्के रह गए। हर कोई जानना चाहता था कि आखिर मामला क्या है।
एक यात्री ने खिड़की से बाहर झांकते हुए पूछा, ''भइया रे, का है गऔ...कोई आतंकवादी चढ़ गऔ का?'' लेकिन पुलिस ने बिना प्रतिक्रिया दिए अपनी कार्रवाई जारी रखी। करीब 15 मिनट चली इस कार्रवाई में पुलिस ने चार बदमाशों में से दो को दबोच लिया। इसी दौरान एक अन्य युवक को भी शक के आधार पर नीचे उतार लिया गया, लेकिन पूछताछ में वह सामान्य यात्री निकला। बाद में उसे छोड़ दिया गया।
बाहर आए तो पता चला, दो अंदर ही रह गए
दो आरोपियों को पकड़ने के बाद करीब 40 जवानों की टीम स्टेशन के मुख्य द्वार की ओर बढ़ने लगी, जहां 12 पुलिस वाहन पहले से खड़े थे। तभी पीछे से आवाज आई, ''ये दो नहीं, चार हैं।'' यह सुनते ही पूरी टीम दो हिस्सों में बंट गई। एक टीम पकड़े गए आरोपियों को लेकर बाहर की ओर बढ़ी, जबकि दूसरी टीम तुरंत वापस ट्रेन की ओर दौड़ पड़ी। लेकिन तब तक ट्रेन ने सायरन दे दिया था और धीरे-धीरे प्लेटफॉर्म छोड़ने लगी थी।
ट्रेन चलते देख एक अधिकारी ने दरोगा से जोर से कहा, ''चढ़ जा ऊपर... आगे देखेंगे।'' पहले दरोगा कुछ समझ नहीं पाए, फिर आदेश दोहराए जाने पर वह तुरंत एस-7 कोच में चढ़ गए। ट्रेन प्लेटफॉर्म से निकल चुकी थी और इसी बीच गाजियाबाद स्टेशन को वायरलेस पर अलर्ट भेज दिया गया। करीब दो घंटे बाद रात चार बजकर 20 मिनट पर सूचना मिली कि गाजियाबाद में बाकी दो आरोपी भी पकड़ लिए गए हैं। बृहस्पतिवार सुबह उन्नाव पुलिस की टीम अलीगढ़ और गाजियाबाद पहुंची और चारों आरोपियों को अपने कब्जे में लेकर रवाना हो गई।
35 साल की नौकरी में पहली बार देखा ऐसा ऑपरेशन
रेलवे स्टेशन की सुरक्षा व्यवस्था सामान्य तौर पर जीआरपी और रेलवे सुरक्षा बल के अधीन रहती है। स्थानीय पुलिस का इस तरह बड़े स्तर पर स्टेशन के अंदर उतरना बेहद कम देखने को मिलता है। अलीगढ़ जंक्शन के एक कर्मचारी ने बताया, ''35 साल की नौकरी में पहली बार स्थानीय पुलिस, जीआरपी और आरपीएफ को इतनी बड़ी संख्या में संयुक्त कार्रवाई करते देखा है। स्टेशन के अंदर जितनी पुलिस थी, उससे ज्यादा बाहर मुख्य द्वार पर खड़ी थी। पूरा स्टेशन रात में छावनी में बदल गया था। ऐसा ऑपरेशन पहले कभी नहीं देखा।''