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Women's Day 2026: महिला सशक्तीकरण पर महिलाओं ने किए विचार साझा, बोलीं यह

अमर उजाला नेटवर्क, अलीगढ़ Published by: Chaman Kumar Sharma Updated Sat, 07 Mar 2026 11:13 PM IST
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सार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अमर उजाला कार्यालय में नारी से शक्ति कार्यक्रम में महिलाओं ने अपने-अपने विचार व्यक्त किए।

Women share their views on women empowerment
अमर उजाला नारी से शक्ति कार्यक्रम में मौजूद महिलाएं - फोटो : अमर उजाला डिजिटल
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विस्तार

अंतरराष्ट्रीय महिला दिवस की पूर्व संध्या पर अलीगढ़ की विभिन्न क्षेत्रों से जुड़ी महिलाओं ने महिला सशक्तीकरण को लेकर अपने विचार साझा किए। सभी ने कहा कि बदलते समय में महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं, लेकिन उन्हें शिक्षा, स्वास्थ्य और आत्मनिर्भरता पर और ध्यान देना होगा।

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महिलाओं को कभी कम नहीं समझना चाहिए। अच्छी बातों से प्रेरणा लेनी चाहिए। महिलाओं को जीवन में संघर्ष करना पड़ता है और शिक्षा उन्हें सशक्त बनाती है। आज कम पढ़ी-लिखी महिलाएं भी आत्मनिर्भर बन रही हैं। सरकार भी महिलाओं के उत्थान के लिए कई कल्याणकारी योजनाएं चला रही है, जिससे उन्हें मजबूती मिल रही है। - विजय सिंह, अध्यक्ष, जिला पंचायत
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नारी सशक्तीकरण एक निरंतर प्रक्रिया है। महिलाओं को किसी पर आश्रित नहीं होना चाहिए। सशक्तीकरण केवल महंगे कपड़े या बाहरी चमक-दमक नहीं, बल्कि मानवता को सुंदर और स्वच्छ बनाने की सोच है। महिलाओं को अपने सपनों को यथार्थ में बदलने के लिए कल्पनाशील होना जरूरी है। - प्रो. विभा शर्मा, एमआईसी जनसंपर्क विभाग, एएमयू
पहले के समय में महिलाओं को कमजोर समझा जाता था, लेकिन अब परिस्थितियां तेजी से बदली हैं। आज महिलाएं शिक्षा, प्रशासन, व्यवसाय और समाजसेवा जैसे हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। जरूरत इस बात की है कि उन्हें अवसर और प्रोत्साहन लगातार मिलता रहे। - नूपुर अग्रवाल, असिस्टेंट डायरेक्टर, विजडम पब्लिक स्कूल

महिलाओं की शिक्षा जितनी जरूरी है, उतना ही उनके शारीरिक स्वास्थ्य पर ध्यान देना भी आवश्यक है। स्वस्थ महिला ही परिवार और समाज को मजबूती देती है, इसलिए महिलाओं में स्वास्थ्य के प्रति जागरूकता बढ़ानी चाहिए। - सोनल अग्रवाल, गृहिणी
खाकी वर्दी पहनने के बाद आत्मविश्वास बढ़ जाता है। डर महसूस नहीं होता। जब फील्ड में काम करती हूं तो गर्व होता है। हालांकि, नौकरी और परिवार के बीच संतुलन बनाना एक बड़ी चुनौती होता है, लेकिन मेहनत और सहयोग से इसे संभाला जा सकता है। - प्रीति, महिला कांस्टेबल
शिक्षा, संस्कार और सेवा महिला जीवन के मूल आधार हैं। महिलाओं को आर्थिक रूप से भी जागरूक होना चाहिए और धन के प्रबंधन की समझ विकसित करनी चाहिए, ताकि वे आत्मनिर्भर बन सकें। - अर्चना फौजदार, शिक्षिका व कलाकार


महिला सशक्तीकरण के लिए संवेदनशीलता और विश्वास बेहद जरूरी है। महिला थाने में आने वाली पीड़ित महिलाओं से सम्मान और सहानुभूति के साथ बातचीत की जाती है, जिससे उनके मन में पुलिस के प्रति भरोसा पैदा होता है। - निशा चौधरी, प्रभारी, महिला थाना
महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं। वर्दी पहनकर सशक्त हो गई हैं। बेटियों को भी सशक्त होना चाहिए। पढ़ने-लिखने में बेटियों को आगे आना चाहिए। - रेशू, कांस्टेबल
आज की महिलाएं हर क्षेत्र में आगे बढ़ रही हैं और अपनी अलग पहचान बना रही हैं। आत्मविश्वास और मेहनत के दम पर महिलाएं मिसाल कायम कर रही हैं। - गार्गी राजपूत, कांस्टेबल
पति-पत्नी जीवन रूपी गाड़ी के दो पहिये हैं। महिलाओं में खून की कमी एक गंभीर समस्या है, इसलिए उनके स्वास्थ्य की नियमित जांच और पोषण पर विशेष ध्यान दिया जाना चाहिए। - डॉ. अवंतिका सिंह, स्त्री रोग विशेषज्ञ

समय के साथ समाज में काफी बदलाव आया है। दुनिया के कई देशों में मुशायरे पढ़ी हैं, लेकिन भारत की सांस्कृतिक विविधता और यहां मिलने वाला सम्मान अलग ही पहचान रखता है। बेटियां आगे बढ़ रही हैं। - रिहाना शाहीन, प्रख्यात शायरा
पहले बेटियों की शिक्षा को लेकर कई चुनौतियां थीं, लेकिन अब सोच बदल रही है। बेटियों को पढ़ाना बेहद जरूरी है, क्योंकि शिक्षा ही उन्हें समाज में आगे बढ़ने और पहचान बनाने का अवसर देती है। - डॉ. पूजा सिंह, शिक्षिका, डीएस कॉलेज
महिला सशक्तीकरण केवल अधिकारों की बात नहीं है, बल्कि आत्मविश्वास और आत्मनिर्भरता से जुड़ा विषय है। जब महिलाएं शिक्षा और कानून की जानकारी हासिल करती हैं तो वे अपने अधिकारों के प्रति जागरूक होती हैं और समाज में मजबूती से अपनी भूमिका निभाती हैं। - सुमन लता वर्मा, कोषाध्यक्ष, बार एसोसिएशन


महिलाओं को जीवन में आगे बढ़ने के लिए कई चुनौतियों का सामना करना पड़ता है, लेकिन संघर्ष ही उन्हें मजबूत बनाता है। आज महिलाएं न्यायपालिका, प्रशासन और समाज के हर क्षेत्र में अपनी क्षमता साबित कर रही हैं। - लक्ष्मी सैनी, अधिवक्ता
महिला सशक्तीकरण का मतलब है कि महिलाओं को समान अवसर और सम्मान मिले। जब समाज में बेटियों को शिक्षा और स्वतंत्रता मिलेगी, तभी वे आत्मनिर्भर बनकर देश और समाज के विकास में योगदान दे सकेंगी। - शशि श्रीवास्तव, अधिवक्ता
समाज में महिलाओं की भूमिका बेहद महत्वपूर्ण है। महिलाओं को अपने अधिकारों के प्रति जागरूक रहना चाहिए और अन्य महिलाओं को भी आगे बढ़ने के लिए प्रेरित करना चाहिए। - राजबाला, अधिवक्ता

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