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UP : भाई अबान की मिट्टी में शामिल होने के लिए अली और उमर को मिली पेरोल, हाईकोर्ट ने दिया आदेश

Fri, 07 Aug 2026 03:55 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Fri, 07 Aug 2026 03:55 PM IST
सार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाई अबान अहमद की मिट्टी में शामिल होने के लिए जेल में बंद अली अहमद और उमर अहमद को पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। शनिवार को बुआ परवीन कुरैशी की याचिका  पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है।  

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Ali and Umar granted parole to attend brother Aban's last rites; High Court issues order.
अली, उमर और अतीक अहमद। फाइल फोटो - फोटो : अमर उजाला

विस्तार

इलाहाबाद हाईकोर्ट ने भाई अबान अहमद की मिट्टी में शामिल होने के लिए जेल में बंद अली अहमद और उमर अहमद को पेरोल पर रिहा करने का आदेश दिया है। शुक्रवार को बुआ परवीन कुरैशी की याचिका पर सुनवाई करते हुए कोर्ट ने यह आदेश जारी किया है। यह आदेश न्यायमूर्ति अजय भनोट और न्यायमूर्ति दिवेश चंद्र समंत ने दिया है। एक घंटे तक दोनों अपने छोटे भाई और परवीन कुरैशी से मिल सकेंगे। प्रशासन व्यवस्था करेगा। इसके बाद दोनों को सुरक्षित जेल पहुंचाएंगे। बता दें कि अली अहमद झांसी और उमर अहमद लखनऊ की जेल में बंद है। 

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हाईकोर्ट ने सुनवाई के दौरान कहा कि यदि दोनों भाई अपने दिवंगत भाई को अंतिम श्रद्धांजलि देना चाहते हैं और परिवार के साथ सीमित समय बिताना चाहते हैं तो इसमें कोई आपत्ति नहीं होनी चाहिए। अदालत ने कहा कि सुरक्षा व्यवस्था राज्य की जिम्मेदारी है। न्यायालय ने यह भी कहा कि वे जहां आवश्यक हो, वहीं नमाज अदा कर सकते हैं और प्रशासन को सभी आवश्यक सुरक्षा इंतजाम करने होंगे।
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सुनवाई के दौरान अली अहमद झांसी जेल से और उमर अहमद लखनऊ से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग के माध्यम से पेश हुए। प्रारंभ में झांसी जेल से वीडियो कॉन्फ्रेंसिंग में तकनीकी दिक्कत आने पर अदालत ने नाराजगी जताई। न्यायालय ने कहा कि केवल आवाज आ रही है, वीडियो क्यों नहीं दिखाई दे रहा है। इसके बाद तकनीकी समस्या दूर करने के निर्देश दिए गए और सुनवाई आगे बढ़ी।

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अबान अहमद सड़क हादसे में हो गई है मौत

अली अहमद ने अदालत को बताया कि वह अपने दिवंगत भाई को अंतिम विदाई देना चाहते हैं और परिवार के साथ कुछ समय बिताना चाहते हैं। इस पर अदालत ने उनकी प्रार्थना स्वीकार करते हुए आवश्यक शर्तों के साथ पैरोल मंजूर कर ली। न्यायालय ने स्पष्ट किया कि पैरोल अवधि के दौरान दोनों भाइयों की गतिविधियां अदालत की शर्तों के अनुरूप रहेंगी और पूरी अवधि में कड़ी सुरक्षा व्यवस्था लागू रहेगी।

बताया गया कि अबान अहमद की सड़क दुर्घटना में मृत्यु हो गई थी। उनका अंतिम संस्कार प्रयागराज के चकिया, खुल्दाबाद स्थित कब्रिस्तान में किया जाएगा। हाईकोर्ट के आदेश के बाद अली और उमर अहमद पुलिस सुरक्षा के बीच अंतिम संस्कार में शामिल हो सकेंगे।

अदालत ने अपने आदेश में दोहराया कि पैरोल के दौरान सुरक्षा में किसी भी प्रकार की चूक नहीं होनी चाहिए और प्रशासन यह सुनिश्चित करे कि न्यायालय द्वारा निर्धारित सभी शर्तों का पूरी तरह पालन कराया जाए।

उमर ने कहा- अली हिम्मत रखो, कल मुलाकात होगी, मीडिया कुछ भी बुलवाए तो बोलना मत

इलाहाबाद हाईकोर्ट में सुनवाई के दौरान माफिया अतीक के दोनों बेटे अली और उमर कांफ्रेंसिंग के माध्यम से कोर्ट में पेश हुए। वीडियो कांफ्रेंसिंग के दौरान लखनऊ जेल में बंद उमर ने भाई अली से कहा कि, अली हिम्मत रखो, कल मुलाकात होगी। मीडिया कुछ भी बुलवाए तो बोलना मत। कोर्ट ने आठ अगस्त शनिवार को दोनों को भाई अबान की मिट्टी के बाद या पहले एक-एक घंटे परिवार के साथ समय व्यतीत करने की शर्त पर पेरोल दी है।

कड़ी सुरक्षा के बीच शनिवार को अबान का होगा अंतिम संस्कार

झांसी में सड़क हादसे में मारे गए माफिया अतीक अहमद के बेटे अबान का अंतिम संस्कार शनिवार की सुबह चकिया के कसारी मसारी कब्रिस्तान में कड़ी सुक्षा के बीच किया जाएगा। शुक्रवार सुबह झांसी से अबान का शव प्रयागराज लाया गया। शव को पुरामुफ्ती के हटवा में रहने वाली बुआ परवीन कुरैशी के आवास पर रखा गया है। भोर में चार बजे ही शव को परिजन लेकर पहुंच गए थे। सुबह से अबान के घर में लोगों की भीड़ जुटी रही। रिश्तेदारों का तांता लगा रहा। भीड़ के चलते हटवा में फोर्स की तैनाती की गई। उधर, शहर के चकिया स्थित अतीक के पुश्तैनी आवास पर भी लोगों की भीड़ जमा रही और लोग जनाजे में शामिल होने के लिए शव आने का इंतजार करते रहे। शव को कसारी मसारी में स्थित कब्रिस्तान में सुपुर्द-ए-खाक किया जाएगा। इसके लिए कब्र खोदवा ली गई है। 

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