Prayagraj : अभ्यर्थियों से चार-चार हजार लेकर पास कराते थे आईटीआई की परीक्षा, सॉल्वरों को देते प्रति पेपर 500
राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी में बड़े पैमाने पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। संस्थान के प्रधानाचार्य, प्रभारी और चार अनुदेशकों सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है।
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राजकीय औद्योगिक प्रशिक्षण संस्थान (आईटीआई) नैनी में बड़े पैमाने पर सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह का एसटीएफ ने पर्दाफाश किया है। संस्थान के प्रधानाचार्य, प्रभारी और चार अनुदेशकों सहित कुल 11 लोगों को गिरफ्तार किया गया है। इनमें पांच सॉल्वर भी शामिल हैं। इनके खिलाफ नैनी थाने में एफआईआर दर्ज की गई है।
आरोपी अभ्यर्थियों से चार-चार हजार रुपये में डील कर ऑनलाइन परीक्षा देते थे। एसटीएफ सीओ शैलेंद्र प्रताप सिंह और प्रभारी जेपी राय को पिछले कई दिनों से सूचना मिल रही थी कि 11 जुलाई से आठ अगस्त तक चल रही अखिल भारतीय व्यावसायिक परीक्षा में सामूहिक नकल और सॉल्वर बैठाने का संगठित खेल चल रहा है। बुधवार दोपहर तीसरी पाली की परीक्षा के दौरान कॉलेज परिसर स्थित कौशल विकास बिल्डिंग में छापा मारकर सभी आरोपियों को गिरफ्तार किया गया। पूछताछ में पता चला कि पिछले कई साल से कॉलेज में फर्जीवाड़ा चल रहा था।
सॉल्वरों को प्रति पेपर मिलते थे 500 रुपये
सॉल्वरों को पहले संबंधित अभ्यर्थी के प्रवेश पत्र की छायाप्रति उपलब्ध कराई जाती थी। उन्हें परीक्षा केंद्र में अलग लैब में बैठाया जाता था। अभ्यर्थी की जन्मतिथि के आधार पर कंप्यूटर में लॉगिन कराया जाता था। एसटीएफ के अनुसार, प्रत्येक परीक्षा के बदले सॉल्वर को 500 रुपये दिए जाते थे।
5.10 लाख नकदी, कंप्यूटर और दस्तावेज बरामद
टीम ने मौके से 5.10 लाख रुपये, पांच कंप्यूटर, छह एंड्रॉयड मोबाइल फोन और 67 परीक्षा संबंधी दस्तावेज बरामद किए। आधार कार्ड, पैन कार्ड, एटीएम कार्ड और एक पेन ड्राइव भी जब्त की गई। आरोपियों के पास से 16,370 रुपये नकद भी बरामद हुआ। एसटीएफ को आशंका है कि अब तक 500 से अधिक अभ्यर्थियों के पेपर सॉल्वरों के जरिये दिलाए जा चुके हैं। टीम सीसीटीवी फुटेज की जांच कर रही है।
नैनी थाने में पर एफआईआर दर्ज
एसटीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने नैनी थाने में प्रधानाचार्य समेत कुल 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें से टीम ने 11 आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया। आठ आरोपी फरार हैं। इनमें कॉलेज के अनुदेशक भोलानाथ, धिरंजन कुमार, संतोष कुमार सोनी और अभ्यर्थी फैजान, रमन मिश्रा, धनपत, सचिन पटेल व धीरेंद्र कुमार शामिल हैं।
गिरफ्तार आरोपियों के नाम
- कर्नलगंज के मम्फोर्डगंज निवासी अशोक कुमार (प्रधानाचार्य)
- झूंसी के ग्राम महेशपुर अंदावा निवासी रवि प्रकाश (कार्यदेशक/परीक्षा प्रभारी)
- नैनी एडीए कॉलोनी निवासी फूल प्रकाश (अनुदेशक)
- मेजा के कोहड़ार निवासी धीरज कुमार शर्मा (अनुदेशक)
- सराय इनायत के लीलापुर कला निवासी राजेश कुमार (अनुदेशक)
- नैनी केवीबड़ा चाका एग्रीकल्चर निवासी राजकुमार मौर्य (अनुदेशक)
- मेजा के ग्राम बरवां शुक्लपुर निवासी शिवम कुमार (सॉल्वर)
- मेजा, ग्राम खारा बिरतिया निवासी जय सिंह (सॉल्वर)
- करछना के गांव बेदों निवासी जितेंद्र पटेल (सॉल्वर)
- करछना के गांव तेवरिया कला निवासी दिलीप कुमार पटेल (सॉल्वर)
- प्रतापगढ़ के थाना आसपुर देवसरा, ग्राम दमड़ी निवासी रणविजय सिंह (सॉल्वर)
व्हाट्सएप पर चलता था सॉल्वर नेटवर्क, उत्तराखंड तक पहुंची तलाश
नैनी स्थित आईटीआई की सीबीटी परीक्षा में सॉल्वर बैठाकर परीक्षा पास कराने वाले गिरोह की जांच अब प्रयागराज से कई जिलों तक फैल गई है। एसटीएफ की शुरुआती जांच में पूर्व अनुदेशक धीरंजन कुमार का नाम कथित मास्टरमाइंड के रूप में सामने आया है। वह पहले आईटीआई नैनी में तैनात था और वर्तमान में राजकीय आईटीआई बांदा में कार्यरत है।
एसटीएफ का दावा है कि धीरंजन कुमार के इशारे पर सॉल्वर बुलाए जाते थे। वही अभ्यर्थियों से सौदे तय करता था। परीक्षा केंद्र में पूरी व्यवस्था कराता था। आरोपी व्हाट्सएप के माध्यम से इन सभी के संपर्क में रहता था। जांच में यह भी सामने आया है कि धीरंजन कुमार का नेटवर्क केवल प्रयागराज तक सीमित नहीं था। एसटीएफ को आशंका है कि बांदा समेत कई जिलों में ऐसा ही नेटवर्क सक्रिय था। धीरंजन कुमार गिरफ्तारी से बचने के लिए लगातार ठिकाने बदल रहा है। एसटीएफ को उसके उत्तराखंड में छिपे होने की आशंका है।
एसटीएफ की कार्रवाई और जांच का दायरा
बुधवार शाम करीब चार बजे शुरू हुई कार्रवाई बृहस्पतिवार तड़के चार बजे तक लगातार चली। करीब 12 घंटे तक एसटीएफ और स्थानीय पुलिस की टीम परीक्षा केंद्र में मौजूद रही। इस दौरान कंप्यूटर सिस्टम, मोबाइल फोन और परीक्षा संबंधी दस्तावेज की गहन जांच की गई। कई महत्वपूर्ण डिजिटल साक्ष्य भी कब्जे में लिए गए हैं। इनकी फॉरेंसिक और तकनीकी जांच कराई जाएगी।
अन्य जिलों में भी नेटवर्क की पड़ताल
एसटीएफ प्रभारी जेपी राय ने बताया कि धीरंजन कुमार की गिरफ्तारी इस मामले की अहम कड़ी साबित होगी। उससे पूछताछ के बाद नेटवर्क के फैलाव और शिक्षा विभाग की भूमिका स्पष्ट हो सकेगी। कानपुर, लखनऊ और प्रतापगढ़ समेत कई शहरों के आईटीआई कॉलेज भी एसटीएफ की जांच के रडार पर हैं। आशंका है कि सॉल्वर गिरोह का नेटवर्क बांदा के अलावा अन्य जिलों तक फैला हो सकता है। एसटीएफ संबंधित परीक्षा केंद्रों के रिकॉर्ड और अभ्यर्थियों के डाटा की पड़ताल कर रही है।
नैनी थाने में प्रधानाचार्य समेत 19 पर एफआईआर दर्ज
एसटीएफ के उप निरीक्षक अनिल कुमार सिंह ने नैनी थाने में प्रधानाचार्य समेत कुल 19 लोगों पर एफआईआर दर्ज कराई है। इनमें से टीम ने 11 आरोपियों को तो गिरफ्तार कर लिया। जबकि आठ आरोपी अबतक फरार हैं। इनमें कॉलेज के अनुदेशक भोलानाथ, धिरंजन कुमार, संतोष कुमार सोनी और अभ्यर्थी फैजान, रमन मिश्रा, धनपत, सचिन पटेल व धीरेंद्र कुमार शामिल हैं।