फ्री ई-पेपर
पर्सनलाइज़्ड फ़ीड
पर्सनलाइज़्ड नोटिफ़िकेशन
चलते-फिरते ख़बरें
लॉयल्टी रिवॉर्ड्स
डाउनलोड करें

सब्सक्राइब करें
Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Construction of an infinite number of earthen Shivlings continues at Triveni Bandh; *Abhishek* and *Mahayajna*

Prayagraj : त्रिवेणी बांध पर अनंत पार्थिव शिवलिंग का निर्माण जारी, किया जा रहा अभिषेक और महायज्ञ

Sat, 01 Aug 2026 08:00 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Sat, 01 Aug 2026 08:00 PM IST
सार

विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति के लिए भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनंत पार्थिव शिवलिंग निर्माण तीसरे दिन भी जारी रहा। संगम तट के त्रिवेणी बांध पर श्री गायत्री यज्ञशाला मंदिर हंडिया बाबा योगालय के बगल आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में भक्त हिस्सा ले रहे हैं। 

विज्ञापन
Construction of an infinite number of earthen Shivlings continues at Triveni Bandh; *Abhishek* and *Mahayajna*
त्रिवेणी बांध संगम तट पर पार्थिव शिवलिंग का निर्माण करतीं महिलाएं। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

विश्व जन कल्याण, सर्व मनोकामना पूर्ति के लिए भूतभवान भगवान शिव को समर्पित अनंत पार्थिव शिवलिंग निर्माण तीसरे दिन भी जारी रहा। संगम तट के त्रिवेणी बांध पर श्री गायत्री यज्ञशाला मंदिर हंडिया बाबा योगालय के बगल आयोजित इस अनुष्ठान में बड़ी संख्या में भक्त हिस्सा ले रहे हैं। यज्ञस्थल पर शनिवार को प्रतीक्षा पांडेय ने मुख्य यजमान के रूप में उपस्थित होकर भगवान शिव का अभिषेक किया।

विज्ञापन


यज्ञ संयोजक और संस्था के संस्थापक अध्यक्ष श्याम सूरत पांडेय ने कहा की सनातन धर्म में भगवान शिव को सर्वशक्तिमान माना गया है। इनकी तुलना किसी अन्य देवता से नहीं की जा सकती। सृष्टि की रचना करने वाले भगवान विष्णु भी इनकी अराधना करते हैं। माना जाता है कि संसार पर जब घोर संकट आता है तो सभी देवी देवता भगवान शिव के ही शरण में जाते हैं। शिव ही अविनाशी, सर्वगुणाधार, सर्वज्ञ हैं, जो मंगलमय है वही शिव हैं। धरती पर सुख, समृद्धि व संपन्नता भगवान शिव की ही देन है। कहते हैं जब भगवान विष्णु ने धरती पर प्रभु श्रीराम का अवतार लिया तो उन्होंने शिव जी की ही आराधना की। इसी प्रकार जब भगवान कृष्ण जी धरती पर आए तो उन्होंने भी शिव को ही सर्व व्यापक बताया।
विज्ञापन


संस्था के प्रवक्ता एवं महासचिव सत्य प्रकाश पांडेय ने बताया की हिंदू धर्म में सभी देवी देवताओं में भगवान शिव को प्रसन्न करना सबसे आसान भी है और कठिन भी। शिवजी फल, प्रसाद के इतर एक लोटा जल से ही प्रसन्न हो जाते हैं, इसलिए इन्हें भोलेनाथ कहा जाता है, लेकिन पौराणिक कथाओं के अनुसार, ऋषि मुनियों समेत रावण को भगवान शिव को प्रसन्न करने के लिए कड़ा तप करना पड़ा था। शास्त्रों में भी शिव पूजा को बहुत खास माना गया है।

विज्ञापन
विज्ञापन

पूरे सावन मास तक होगा बाबा का अभिषेक


मान्यता है कि भोलेनाथ प्रसन्न होकर अपने भक्तों की हर मनोकामना को शीघ्र पूरा कर देते हैं। शिव जी की पूजा से कई जन्मों का फल प्राप्त होता है। कन्याएं 16 सोमवार का व्रत रखकर भगवान शिव की अराधना करती हैं तो उन्हें उनकी पसंद के अनुसार शादी के लिए वर मिलता है। संपूर्ण सावन मास तक अनवरत चलने वाले अनंत पार्थिव शिवलिंग निर्माण अभिषेक एवं विसर्जन महायज्ञ के आज तीसरे दिन के रुद्राभिषेक आरती एवं विसर्जन में मुख्य रूप से अखिल भारतीय तीर्थ पुरोहित महासभा के राष्ट्रीय महासचिव मधु चकहा, राजनाथ तिवारी, डॉ. सत्या पांडेय, संजय बनकटा, अधिवक्ता सत्य प्रकाश पांडेय, अधिवक्ता दुर्गेश दुबे, मधुबाला पांडेय, संजय मिश्र, आशा पांडेय सहित सैकड़ों भक्तगण उपस्थित रहे। 

विज्ञापन
विज्ञापन

रहें हर खबर से अपडेट, डाउनलोड करें Android Hindi News App, iOS Hindi News App और Amarujala Hindi News APP अपने मोबाइल पे|
Get all India News in Hindi related to live update of politics, sports, entertainment, technology and education etc. Stay updated with us for all breaking news from India News and more news in Hindi.

विज्ञापन
विज्ञापन
विज्ञापन

एड फ्री अनुभव के लिए अमर उजाला प्रीमियम सब्सक्राइब करें

Next Article

AU ऐप में पढ़ें

Followed