धर्मांतरण मामला : दिल्ली में मिला था ताज, पर्ची देकर कार से भेजा था केरल, पुलिस ने तेज किए गिरफ्तारी के प्रयास
केरल ले जाकर फूलपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी का धर्मांतरण कराने व जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले के मुख्य संदिग्ध ताज की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि ताज से उसे दिल्ली स्टेशन पर मिला था।
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केरल ले जाकर फूलपुर निवासी 15 वर्षीय किशोरी का धर्मांतरण कराने व जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाने के मामले के मुख्य संदिग्ध ताज की गिरफ्तारी के प्रयास तेज कर दिए गए हैं। पीड़िता ने पुलिस को बताया है कि ताज से उसे दिल्ली स्टेशन पर मिला था। उसने ही एक पर्ची देकर कार से उसे दरकशा के साथ केरल भेजवाया था।
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, पीड़िता और गिरफ्तार कर जेल भेजे गए दोनों आरोपियों दरकशा व कैफ से प्रारंभिक पूछताछ में जो बातें सामने आई हैं, उसके मुताबिक फरार चल रहा ताज ही अब तक मुख्य संदिग्ध माना जा रहा है। पीड़िता ने बताया है कि ताज उसे दिल्ली स्टेशन पर मिला। वहां दरकशा ने उससे मिलवाया। इसके बाद ताज ने दरकशा को एक पर्ची दी। हालांकि उसे नहीं पता कि पर्ची में क्या लिखा था।
इसके बाद उसने उन्हें केरल जाने वाली ट्रेन में बैठा दिया। केरल पहुंचने पर रेलवे स्टेशन के पास पहुंचकर दरकशा ने किसी को फोन किया। फिर वहां एक कार आई और कार से उसे त्रिशूर में एक हॉस्टल में ले जाया गया। वहां खाना खिलाने के बाद उन्हें आराम करने भेज दिया गया। अगले दिन से उसे दीनी तालीम दी जाने लगी। पूछने पर कुछ नहीं बताया गया। हिजाब पहनना सिखाया गया और कुछ दिनों बाद धर्म परिवर्तन करा दिया।
कुछ दिनों बाद जिहादी प्रशिक्षण का दबाव बनाया जाने लगा। जिस पर वह घबरा गई। फिर एक दिन मौका पाकर वह वहां से भाग निकली और रेलवे स्टेशन पर पहुंच गई। वहां उसके पीछे दरकशा भी पहुंची और उससे झगड़ने लगी। तभी टीटीई ने उन्हें पकड़ लिया और फिर पुलिसवालों को सौंप दिया। उक्त बातों की पुष्टि किशोरी के परिवारवालों ने भी की है। बताया कि लौटने के बाद उसने यही बातें उनसे कहीं।
जोगिया शेखपुर का रहने वाला
पुलिस सूत्रों के मुताबिक, उधर जेल भेजे जाने से पहले पूछताछ में आरोपी दरकशा ने बताया है कि ताज फूलपुर के जोगिया शेखपुर का रहने वाला है। वह उसकी बहन का देवर है और कई साल से केरल में रहकर नौकरी करता है। ताज के कहने पर ही वह किशोरी को लेकर केरल गई थी। ताज ने कहा था कि वहां नौकरी के लिए लड़कियों की जरूरत है और इसके लिए उसे कमीशन मिलेगा।
फरार चल रहे ताज की तलाश में टीमें लगाई गई हैं। उसके कुछ ठिकानों का पता चला है और पुलिस टीमें वहां के लिए रवाना की गई हैं। उसके पूछताछ के बाद ही अन्य बातें सामने आएंगी। - कुलदीप सिंह गुनावत, डीसीपी गंगानगर
दरकशा देती रही लोकेशन, दिल्ली तक पहुंचने में 13 बार की बात
पुलिस को पूछताछ में पीड़ित किशोरी ने यह भी बताया है कि प्रयागराज से दिल्ली पहुंचने तक दरकशा बार-बार ताज से फोन पर बात करती रही। उसे बताती रही कि अब वह कहां पहुंची है। जैसे प्रयागराज से ट्रेन पर बैठते ही उसने पहली बार उसके सामने उसे फोन किया और बताया कि वह ट्रेन पर बैठ गई है। उधर पुलिस सूत्रों के मुताबिक, गिरफ्तारी के बाद दरकशा के मोबाइल की जांच पड़ताल से पता चला है कि प्रयागराज से दिल्ली तक पहुंचने में 8 मई से नौ मई के बीच दोनों की 13 बार फोन पर बात हुई। एक खास बात यह भी है कि वह उसे अपने बहन का देवर बताती है।