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धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा: बाबा बागेश्वर बोले- दूसरे धर्म के लोग बीस बच्चे पाल सकते हैं, हम चार नहीं
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: Akash Dubey
Updated Tue, 21 Apr 2026 06:43 PM IST
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सार
धीरेंद्र शास्त्री ने हिंदुओं से जनसंख्या बढ़ाने को कहा। उन्होंने ज्ञानवापी में रुद्राभिषेक होने की बात कही। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प दोहराया है।
प्रयागराज में धीरेंद्र शास्त्री की हनुमंत कथा
- फोटो : अमर उजाला
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विस्तार
अरैल गंगा घाट पर मंगलवार से शुरू हुई राष्ट्र हनुमंत कथा से पूर्व पत्रकारों से बातचीत में बागेश्वर धाम पीठाधीश्वर पंडित धीरेंद्र कृष्ण शास्त्री ने कहा कि दूसरे धर्म के लोग 20 बच्चे पाल सकते है, तो क्या हिंदू चार बच्चे भी नहीं पाल सकता। उन्होंने कहा कि जैसे राम मंदिर का निर्माण हुआ है, वैसे ही एक दिन ज्ञानवापी में रुद्राभिषेक जरूर होगा। हमें मंदिरों में भीड़, सड़कों पर तूफान और राम राज्य से भरा हिंदुस्तान चाहिए।
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उन्होंने कहा कि हिंदुओं की घटती जनसंख्या चिंता का विषय है। भारत को हिंदू राष्ट्र बनाने का संकल्प है, जो निरंतर चलता रहेगा। यूजीसी के मुद्दे पर कहा कि जातियों में बांटकर हिंदुओं का बिखराव हो रहा है। इसे रोकना है। संविधान ने सभी को समानता का अधिकार दिया है। हम सभी समान हैं। महिला आरक्षण के सवाल पर उन्होंने कहा कि यह एक राजनीतिक मुद्दा है लेकिन महिलाएं हमारे लिए पूजनीय हैं। गाय माता, धरती माता, गंगा माता, उन्हें भी समानता का अधिकार होना चाहिए। भारत भूमि व सनातन में माताएं हमेशा पूजनीय रही हैं। यही हमारी संस्कृति का अंग है।
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सिंदूर-मंगलसूत्र पर पाबंदी लगाने वालों को भारत में रहने की अनुमति नहीं होनी चाहिए
धीरेंद्र शास्त्री ने कहा कि अपने कर्मचारियों को मंगलसूत्र, सिंदूर लगाने की पाबंदी लगाने वाले लोगों को भारत में रहने की अनुमति नहीं होनी चाहिए। हमारे जो भी तीर्थ और देवालय हैं, वहां दूसरे समुदाय के लोगों ने दुकान खोले हैं। हम यह भेद नहीं करते लेकिन कंपनी की ओर से भेद करना गलत है। ऐसा करेंगे तो आने वाले दिनों में भारत का मतभेद बढ़ेगा।
उन्होंने चेतावनी दी कि सुधर जाओ, नहीं तो भारत का कानून छोड़ेगा नहीं। व्यापारवाद में यदि मजहब को आगे लाया जाएगा तो देश की स्थिति बिगड़ जाएगी। यदि वह नहीं मानेंगे तो हिंदुओं से अपील करेंगे कि वे अपनी कंपनियों में सिर्फ हिंदुओं को ही काम दें।
चार जुलाई को करेंगे नई रणनीति की घोषणा, रथ यात्रा निकालेंगे
पं. धीरेंद्र शास्त्री ने वैश्विक परिदृश्य के सवाल पर कहा कि जब भी कभी युद्ध होगा उसका असर भारत पर जरूर पड़ेगा। हमें जातिवाद, भाषावाद, क्षेत्रवाद से ऊपर उठकर राष्ट्रवादी होना चाहिए। अपनी परंपरा को मनाना चाहिए। हमें जातियों, क्षेत्रों और भाषाओं में नहीं बंटना चाहिए। हमें एक तिरंगे के नीचे रहने की विचारधारा को स्थापित करते हुए अपनी मान्यताओं को मानना चाहिए।
भारत हिंदू राष्ट हो, उसके लिए प्रयास जारी हैं। उन्होंने कहा कि इस वर्ष चार जुलाई को फिर से नई रणनीति की घोषणा करने वाले हैं। आने वाले दिनों में हम रथ यात्रा निकालेंगे। कहा कि गोरक्षक से ज्यादा गोसेवक की आवश्यकता है। गाय माता तो राष्ट माता होनी चाहिए। संतों का आपस में विवाद नहीं, संवाद होना चाहिए। हमारी तीन दिन की कथा हिंदू एकता का प्रतीक है। प्रयागराज में जब तीन नदियों का संगम हो सकता तो हम हिंदू एक क्यों नहीं हो सकते।

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