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Hindi News ›   Uttar Pradesh ›   Prayagraj News ›   Ganga Expressway: Delhi is no longer far away; travel to Bihar, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, and Jharkhand

Ganga Expressway : दूर नहीं रही दिल्ली, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड की राह भी होगी आसान

Wed, 22 Jul 2026 12:34 PM IST
विनोद सिंह अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज Published by: विनोद सिंह Updated Wed, 22 Jul 2026 12:34 PM IST
सार

गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली दूर नहीं रह गई है और विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद बिहार, मध्य प्रदेश (एमपी), छत्तीसगढ़ व झारखंड की राह भी आसान हो जाएगी। मंत्रिपरिषद से विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने के बाद तीन साल में इसका निर्माण पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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Ganga Expressway: Delhi is no longer far away; travel to Bihar, Madhya Pradesh, Chhattisgarh, and Jharkhand
गंगा एक्सप्रेस वे जल्द होगा शुरू। - फोटो : अमर उजाला।

विस्तार

गंगा एक्सप्रेसवे बनने के बाद दिल्ली दूर नहीं रह गई है और विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण के बाद बिहार, मध्य प्रदेश (एमपी), छत्तीसगढ़ व झारखंड की राह भी आसान हो जाएगी। मंत्रिपरिषद से विंध्य एक्सप्रेसवे को मंजूरी मिलने के बाद तीन साल में इसका निर्माण पूरा किए जाने का लक्ष्य निर्धारित किया गया है।

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विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए जिन गांवों की जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, उनमें सोरांव तहसील का गांव जुड़ापुर दांदू भी शामिल है और इसी गांव में गंगा एक्सप्रेसवे का अंतिम छोर है। यानी प्रयागराज से मेरठ तक 594 किलोमीटर की दूरी वाले गंगा एक्सप्रेसवे का एक सिरा प्रयागराज के जुड़ापुर दांदू में 333 किलोमीटर की दूरी वाले विंध्य एक्सप्रेसवे से जुड़ेगा।

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विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज से भदोही व मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। सोनभद्र से चार राज्यों बिहार, एमपी, छत्तीसगढ़ व झारखंड की सीमाएं जुड़ती हैं। विंध्य एक्सप्रेसवे बनने के बाद मेरठ से सोनभद्र तक की दूरी 927 किमी रह जाएगी। यह दूरी आठ से नौ घंटे में पूरी की जा सकेगी। दिल्ली व उत्तराखंड के लोग भी गंगा एक्सप्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे के जरिये चार राज्यों से जुड़ जाएंगे।

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महाकुंभ में पहुंचना होगा आसान

विंध्य एक्सप्रेसवे के निर्माण से चार राज्यों के श्रद्धालुओं के लिए प्रयागराज महाकुंभ तक का सफर आसान हो जाएगा। महाकुंभ-2025 में तकरीबन 66 करोड़ श्रद्धालु प्रयागराज आए थे। भीड़ व ट्रैफिक का दबाव इतना अधिक था कि मध्य प्रदेश तक जाम लगा और तीन से चार घंटे का सफर पूरा करने में लोगों को दो दिन लग गए। विंध्य एक्सप्रेसवे बनने से यूपी की सीमा से जुड़े राज्यों से आने वाले श्रद्धालुओं को प्रयागराज तक आने में काफी सहूलियत होगी।

पर्यटन व उद्योगों के लिए खुलेंगे नए रास्ते

गंगा एक्प्रेसवे और विंध्य एक्सप्रेसवे को एक-दूसरे से लिंक किए जाने से पर्यटन व उद्योगों के लिए नए रास्ते खुलेंगे। औद्योगिक इकाइयों के लिए परिवहन काफी सुलभ हो जाएगा। समय के साथ ईंधन की भी बचत होगी। यूपी, बिहार, मध्य प्रदेश, छत्तीसगढ़ व झारखंड के पर्यटन को भी बढ़ावा मिलेगा।

विंध्य एक्सप्रेसवे के लिए प्रयागराज में 84 गांवों का होगा अधिग्रहण

विंध्य एक्सप्रेसवे प्रयागराज में सोरांव, फूलपुर, हंडिया तहसील के रास्ते होते हुए भदोही व मिर्जापुर होते हुए सोनभद्र तक जाएगा। एक्सप्रेसवे के लिए तीन तहसीलों के जिन 84 गांवों में जमीन का अधिग्रहण किया जाना है, उनमें तहसील सोरांव के 29, फूलपुर के 24 और तहसील हंडिया के 31 गांव हैं। जिला प्रशासन की ओर से इन गांवों के अधिग्रहण की प्रक्रिया शुरू की जा चुकी है। इनमें से 71 गांवों के एलाइनमेंट की प्रक्रिया पूरी हो चुकी है।

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