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Prayagraj : बच्ची ने मां को पहचानने से किया इनकार, पिता की अभिरक्षा में रहेगी
Fri, 14 Aug 2026 09:08 PM IST
विनोद सिंह
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
अमर उजाला नेटवर्क, प्रयागराज
Published by: विनोद सिंह
Updated Fri, 14 Aug 2026 09:08 PM IST
सार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात वर्षीय बच्ची की कस्टडी उसके पिता सतेंद्र के पास बरकरार रखी है। साथ ही मां को रोज शाम छह से रात नौ बजे तक वीडियो कॉल और स्कूल की छुट्टियों में बच्ची को अपने पास रखने का अधिकार दिया है।
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इलाहाबाद हाईकोर्ट।
- फोटो : अमर उजाला।
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विस्तार
इलाहाबाद हाईकोर्ट ने सात वर्षीय बच्ची की कस्टडी उसके पिता सतेंद्र के पास बरकरार रखी है। साथ ही मां को रोज शाम छह से रात नौ बजे तक वीडियो कॉल और स्कूल की छुट्टियों में बच्ची को अपने पास रखने का अधिकार दिया है। पिता को भी मां के पास रह रही छोटी बेटी से मिलने की अनुमति दी गई है। यह आदेश न्यायमूर्ति संदीप जैन ने बच्ची से बातचीत करने के बाद दिया है।
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कौशाम्बी के पश्चिम शरीरा थाना क्षेत्र निवासी ने महिला ने बंदी प्रत्यक्षीकरण याचिका दायर कर बच्ची की अभिरक्षा उसे सौंपने की मांग की थी। महिला ने पति पर क्रूरता का आरोप लगाते हुए बताया कि उसे ससुराल से निकाल दिया गया है। वह पिता और भाई के साथ रह रही है। पिता ने आरोपों से इन्कार किया।
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कोर्ट के 30 जुलाई 2026 के आदेश के अनुपालन में पुलिस ने बच्ची को अदालत में पेश किया। बच्ची ने कोर्ट को बताया कि वह कक्षा एक में पढ़ती है और पिता के साथ रहने में सहज है। उसने अपनी मां के साथ रहने से मना कर दिया। इस पर कोर्ट ने बच्ची की भावनात्मक स्थिति और इच्छा को देखते हुए कहा कि फिलहाल अभिरक्षा मां को देना उसके लिए मानसिक रूप से कष्टकारी हो सकता है।
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